Jharkhand Govt: झारखंड में लागू हुई सावित्रिफुले किशोर समृद्धि योजना, बेटियों को मिलेंगे एकमुश्त 20 हजार
Jharkhand Govt: झारखंड सरकार ने बेटियों के सशक्तिकरण और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सावित्रिबाई फुले किशोेरी समृद्धि योजना को पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया है. महिला, बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा विभाग की पहला का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति नकारात्मक सोच को बदलना, बाल विवाह रोकना और बालिकाओं की शिक्षा को मजबूत करना है.
एकमुश्त 20 हजार रुपये दिए जाएंगे
ये योजना न सिर्फ आर्थिक सहायता प्रदान करती है बल्कि किशोरियों को आत्मनिर्भर और जागरुक बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है. इसके तहत कक्षा आठ और नौ में पढ़ने वाली छात्राओं को 2500 रुपये, कक्षा 10, 11 और 12 की छात्राओं को 5 हजार रुपये और 18-19 वर्ष की आयु में एकमुश्त 20 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी. इससे स्कूल ड्रॉपआउट दर को कम करने और उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है.
- Girls enrolled in Class 8- ₹2,500/-
- Girls enrolled in Class 9- ₹2,500/-
- Girls enrolled in Class 10- ₹5,000/-
- Girls enrolled in Class 11- ₹5,000/-
- Girls enrolled in Class 12- ₹5,000/-
- One-time grant for girls aged 18-19- ₹20,000/
इन परिवार की बेटियों को दी जाएगी प्राथमिकता
बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को खत्म करना और किशोरियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना ही इस योजना का उद्देश्य है. साथ ही ये योजना लड़कियों को अपने जीवन से जुड़े फैसले खुद लेने के सक्षम बनाती है. झारखंड सरकार ने योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को आर्थिक सुरक्षा और बेटियों को शिक्षा देने का सराहनीय प्रयास किया है. पात्रता के तहत इनकम टैक्स न देने वाले और सरकारी सेवा में न होने वाले परिवारों की बेटियों को प्राथमिकता दी गई है. ये पहल न सिर्फ सामाजिक बदलाव की दिशा में अहम और मजबूत कदम है बल्कि एक सशक्त और शिक्षित समाज के निर्माण में अहम योगदान दे रही है.
योजना के लिए ये दस्तावेज आवश्यक
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- अंत्योदय कार्ड
- SECC-2011 के अंतर्गत शामिल होने का प्रमाण पत्र
- स्कूल नामांकन प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट आकार का फ़ोटो
- बैंक खाते का विवरण
डब्ल्यूटीओ मीटिंग : चीन के सस्ते सामान बाजार में डंप करने का मुद्दा उठाएगा ईयू
नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। यूरोपीय यूनियन के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा कमिश्नर मारोस सेफ्कोविक ने मीडिया को बताया कि यूरोपीय यूनियन इस हफ्ते वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूटीओ) की मीटिंग में चीन के यूरोप में सस्ते सामान भारी संख्या में बाजार में उतारने का मुद्दा उठाएगा। इससे स्थानीय उद्योगों को नुकसान हो रहा है।
यूरैक्टिव न्यूज पोर्टल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सेफ्कोविक ने कहा कि वह इस गुरुवार को कैमरून में एक मीटिंग के दौरान डब्ल्यूटीओ में बड़े सुधार की मांग करेंगे और यह बिल्कुल साफ कर देंगे कि चीन की आर्थिक बढ़त का मतलब है कि हाल के दशकों में वैश्विक व्यापार का माहौल काफी बदल गया है।
उन्होंने कहा कि चीन की बढ़त के साथ अब डब्ल्यूटीओ सदस्यों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को व्यवस्थित करने के लिए एक नया संतुलन जरूरी है। उन्होंने रिपोर्ट के हवाले से कहा कि यूरोपीय अर्थव्यवस्था में बहुत सारी समस्याएं पैदा करने वाली ओवरकैपेसिटी से निपटने के लिए इस संतुलन को बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि वह एक लेवल प्लेइंग फील्ड की मांग करेंगे, क्योंकि ओवरकैपेसिटी और नॉन-मार्केट पॉलिसी से पहले के मुकाबले बेहतर तरीके से निपटना होगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि स्लोवाक कमिश्नर की यह बात ईयू को चीन के निर्यात में बढ़ोतरी के बीच आई है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े टैरिफ पहले से ही ब्लॉक के एक्सपोर्टर्स को नुकसान पहुंचा रहे हैं और चीन में बने सस्ते सामान की बड़ी मात्रा यूरोप की ओर जा रही है।
ईयू पॉलिसी थिंक टैंक ब्रूगेल के इकट्ठा किए गए डेटा के मुताबिक, बीजिंग के साथ ब्रसेल्स का ट्रेड डेफिसिट 2024 में 335 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2025 में 375 बिलियन डॉलर हो गया। बीजिंग का ग्लोबल ट्रेड सरप्लस भी पिछले साल रिकॉर्ड 1.2 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया था। यह आंकड़ा 2026 में बहुत आगे निकल जाएगा।
चीन का सामना करने के अलावा, सेफ्कोविक ने सदस्य देशों के बीच ट्रेड विवादों को आसान बनाने के लिए नए गवर्नेंस मॉडल की भी मांग की। अमेरिका ने लंबे समय से डब्ल्यूटीओ कोर्ट सिस्टम को उसकी अपीलीय बॉडी में जजों की नियुक्ति को रोककर कमजोर कर दिया है, जिससे डब्ल्यूटीओ सदस्य अपीलिंग इनटू द वॉयड करके कोर्ट के फैसलों को असरदार तरीके से टाल सकते हैं।
चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और ईयू का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। यह 2001 में डब्ल्यूटीओ में शामिल हुआ, यानी जिनेवा में मौजूद इस इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के बनने के छह साल बाद।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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