उम्मीदों का बोआओ फोरम फॉर एशिया सम्मेलन
बीजिंग, 25 मार्च (आईएएनएस)। जिस तरह स्विटजरलैंड के दावोस में हर साल विश्व आर्थिक फोरम की बैठक होती है, कुछ उसी तर्ज पर चीन के शहर बोआओ में हर साल एशिया के गैर सरकारी संगठनों की बैठक होती है, जिसे बोआओ फोरम फॉर एशिया कहा जाता है, इसलिए बोआओ को एशिया के दावोस के रूप में भी जाना जाता है।
इसी बोआओ में इस बार यह बैठक 24 मार्च से लेकर 27 मार्च तक होने जा रही है। चूंकि इस फोरम का उद्देश्य एशिया में टकराव की बजाय बातचीत पर जोर देना है, इसलिए इस बैठक का इस बार महत्व और बढ़ जाता है।
इसमें दो राय नहीं कि ईरान-इजरायल और अमेरिकी संघर्ष के चलते पश्चिमी एशिया में जो तनाव फैला है, उसकी वजह से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा के लिए सबसे ज्यादा पेट्रोलियम पदार्थों और कच्चे तेल की आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है। ऐसे में यह तय है कि बोआओ फोरम में इन बदले हालात के संदर्भ में वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, तेल की आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक विकास पर चर्चा होगी ही।
बोआओ फोरम फॉर एशिया का घोषित लक्ष्य क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना है। इस फोरम का लक्ष्य एशिया को साझा समृद्धि की ओर ले जाना भी है। इसमें दो राय नहीं है कि हथियारबंद और गोला-बारूद वाले युद्ध से किसी समस्या का उचित समाधान नहीं खोजा जा सकता। इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि बोआओ फोरम फॉर एशिया की बैठक में एशिया के आर्थिक एजेंडे को सुरक्षित रखने की कोशिश तेज की जाए।
बोआओ फोरम देशों को व्यापारिक संबंधों को और अधिक विविधता देने के लिए मंच प्रदान करता है। भूलना नहीं चाहिए कि इस फोरम के जरिए पश्चिम एशियाई देश अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ग्रीन ट्रांजिशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई जैसे वैश्विक मुद्दों पर एशियाई देश अपना दृष्टिकोण साझा करते रहे हैं और इस बार भी ऐसा होने जा रहा है।
यह फोरम दावोस के विश्व आर्थिक मंच की तरह दुनिया की सरकारों, व्यापारिक जगत और शिक्षाविदों के बीच संवाद के सेतु की भूमिका निभाता है। बोआओ फोरम भी कुछ इसी तरह की भूमिका एशिया की सरकारों, व्यापारिक जगत और शिक्षाविदों के बीच आपसी संवाद और साझा समस्याओं के समाधान के लिए सेतु का काम करता है। उम्मीद करना चाहिए कि मौजूदा वैश्विक संकट को दूर करने में इस बार का यह सम्मेलन उचित और सक्षम राह दिखा सकेगा।
(साभार - चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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