Maa Kalratri Chalisa: नवरात्रि के 7वें दिन पढ़ें माता कालरात्रि की चालीसा, बुरी शक्तियों से बचाएंगी देवी मां
Maa Kalratri Chalisa: चैत्र नवरात्रि 2026 का आज सातवां दिन है. इस दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि पर दुर्गा मां के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. इन नौ रूपों में मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कूष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री शामिल भी शामिल हैं. आज के दिन माता कालरात्रि को समर्पित होता है. धार्मिक मान्यता है कि मां दुर्गा के इस सातवें रूप की पूजा करने से बुरी शक्तियों का प्रभाव कम होता है और अकाल मृत्यु का खतरा टलता है. अगर आप नवरात्रि के व्रत कर रहे हैं तो आज के दिन पूजा करते समय मां कालरात्रि की चालीसा का पाठ अवश्य करें. पढ़ें मां कालरात्रि की चालीसा के लिरिक्स.
कौन हैं मां कालरात्रि?
मां कालरात्रि को दुर्गा मां का सातवां रूप माना गया है. मान्यता है कि उनकी पूजा करने से भक्तों को बुरी शक्तियों के प्रभाव से और अकाल मृत्यु से रक्षा मिलती है. वे डर को दूर करती है, साहस और शक्ति देती हैं. उनका रूप भयानक लगता है लेकिन वे सुरक्षा, साहस और शक्ति का प्रतीक मानी गई है.
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मां कालरात्रि चालीसा (Maa Kalaratri Chalisa Lyrics in Hindi)
दोहा
जय काली, कलिमलहरण, महिमा अगम अपार.
महिष मर्दिनी कालिका, देहु अभय अपार॥
चौपाई
अरि मद मान मिटावन हारी, मुण्डमाल गल सोहत प्यारी॥
अष्टभुजी सुखदायक माता, दुष्टदलन जग में विख्याता॥ 1॥
भाल विशाल मुकुट छवि छाजै, कर में शीश शत्रु का साजै॥
दूजे हाथ लिए मधु प्याला, हाथ तीसरे सोहत भाला॥ 2॥
चौथे खप्पर खड्ग कर पांचे, छठे त्रिशूल शत्रु बल जांचे॥
सप्तम करदमकत असि प्यारी, शोभा अद्भुत मात तुम्हारी॥ 3॥
अष्टम कर भक्तन वर दाता, जग मनहरण रूप ये माता॥
भक्तन में अनुरक्त भवानी, निशदिन रटें ऋषि-मुनि ज्ञानी॥ 4॥
महाशक्ति अति प्रबल पुनीता, तू ही काली तू ही सीता॥
पतित तारिणी हे जग पालक, कल्याणी पापी कुल घालक॥ 5॥
शेष सुरेश न पावत पारा, गौरी रूप धर्यो इक बारा॥
तुम समान दाता नहिं दूजा, विधिवत करें भक्तजन पूजा॥ 6॥
रूप भयंकर जब तुम धारा, दुष्टदलन कीन्हेहु संहारा॥
नाम अनेकन मात तुम्हारे, भक्तजनों के संकट टारे॥ 7॥
कलि के कष्ट कलेशन हरनी, भव भय मोचन मंगल करनी॥
महिमा अगम वेद यश गावैं, नारद शारद पार न पावैं॥ 8॥
भू पर भार बढ़्यो जब भारी, तब तब तुम प्रकटीं महतारी॥
आदि अनादि अभय वरदाता, विश्वविदित भव संकट त्राता॥ 9॥
कुसमय नाम तुम्हारौ लीन्हा, उसको सदा अभय वर दीन्हा॥
ध्यान धरें श्रुति शेष सुरेशा, काल रूप लखि तुमरो भेषा॥ 10॥
कलुआ भैंरों संग तुम्हारे, अरि हित रूप भयानक धारे॥
सेवक लांगुर रहत अगारी, चौसठ जोगन आज्ञाकारी॥ 11॥
त्रेता में रघुवर हित आई, दशकंधर की सैन नसाई॥
खेला रण का खेल निराला, भरा मांस-मज्जा से प्याला॥ 12॥
रौद्र रूप लखि दानव भागे, कियौ गवन भवन निज त्यागे॥
तब ऐसौ तामस चढ़ आयो, स्वजन विजन को भेद भुलायो॥ 13॥
ये बालक लखि शंकर आए, राह रोक चरनन में धाए॥
तब मुख जीभ निकर जो आई, यही रूप प्रचलित है माई॥ 14॥
बाढ़्यो महिषासुर मद भारी, पीड़ित किए सकल नर-नारी॥
करूण पुकार सुनी भक्तन की, पीर मिटावन हित जन-जन की॥ 15॥
तब प्रगटी निज सैन समेता, नाम पड़ा मां महिष विजेता॥
शुंभ निशुंभ हने छन माहीं, तुम सम जग दूसर कोउ नाहीं॥ 16॥
मान मथनहारी खल दल के, सदा सहायक भक्त विकल के॥
दीन विहीन करैं नित सेवा, पावैं मनवांछित फल मेवा॥ 17॥
संकट में जो सुमिरन करहीं, उनके कष्ट मातु तुम हरहीं॥
प्रेम सहित जो कीरति गावैं, भव बंधन सों मुक्ती पावैं॥ 18॥
काली चालीसा जो पढ़हीं, स्वर्गलोक बिनु बंधन चढ़हीं॥
दया दृष्टि हेरौ जगदम्बा, केहि कारण मां कियौ विलम्बा॥ 19॥
करहु मातु भक्तन रखवाली, जयति जयति काली कंकाली॥
सेवक दीन अनाथ अनारी, भक्तिभाव युति शरण तुम्हारी॥ 20॥
दोहा
प्रेम सहित जो करे, काली चालीसा पाठ.
तिनकी पूरन कामना, होय सकल जग ठाठ॥
मां कालरात्रि का स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां कालरात्रि रूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
मां कालरात्रि का प्रार्थना मंत्र
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता.
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्त शरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोह लताकण्टकभूषणा
वर्धन मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
वजन कंट्रोल से लेकर हड्डियों तक को मजबूत बनाता है मखाना वाला दूध, जानिए इसके फायदे
नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ता वजन एक बड़ी चिंता बन चुका है। ऐसे में अगर कोई आसान उपाय मिल जाए, जो शरीर को नुकसान पहुंचाए बिना असर दिखाए, तो इससे बेहतर क्या हो सकता है? भारतीय रसोई में मौजूद कुछ चीजें ऐसी हैं, जो वजन को कंट्रोल करने में मदद करती हैं। इनमें से एक है मखाना और दूध का कॉम्बिनेशन।
मखाना (फॉक्स नट्स) को जब दूध के साथ मिलाकर लिया जाता है, तो यह एक सुपरफूड बन जाता है। विज्ञान के अनुसार, मखाना और दूध दोनों ही पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, और इनका साथ में सेवन शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है, खासकर वजन कंट्रोल करने में।
दरअसल, मखाना में कैलोरी बहुत कम होती है, लेकिन इसमें प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और बार-बार भूख नहीं लगती।
मखाना को दूध में उबालकर खाना फायदेमंद होता है, क्योंकि दूध में मौजूद प्रोटीन और कैल्शियम मखाने के फाइबर के साथ मिलकर शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाते हैं। इससे शरीर का फैट तेजी से बर्न होता है और वजन धीरे-धीरे कम होने लगता है।
विज्ञान के अनुसार, मखाना में एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर में जमा हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इसके अलावा, इसमें मैग्नीशियम, पोटेशियम और फास्फोरस जैसे मिनरल्स होते हैं, जो शरीर के संतुलन को बनाए रखते हैं। दूध में मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है, और जब यह मखाने के साथ लिया जाता है, तो इसका असर और भी बढ़ जाता है।
मखाना वाला दूध सिर्फ वजन कंट्रोल नहीं करता, बल्कि यह दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। इसके साथ ही यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित रखने में भी सहायक होता है।
मखाना वाला दूध नींद की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी एक अच्छा विकल्प है। दूध में मौजूद ट्रिप्टोफैन नामक तत्व दिमाग को शांत करता है और अच्छी नींद लाने में मदद करता है। वहीं मखाना शरीर को रिलैक्स करता है, जिससे तनाव कम होता है और नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है।
इसके अलावा यह पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है। मखाने में मौजूद फाइबर कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है और पेट को साफ रखने में मदद करता है। वहीं दूध आंतों को पोषण देता है, जिससे पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है। यह हड्डियों और दिमाग के विकास में सहायक होता है।
--आईएएनएस
पीके/एएस
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