Indore News: इंदौर में फूड डिलीवरी ऐप की बड़ी लापरवाही, ऑर्डर किया चिली पनीर, आया चिली चिकन
Indore News: इंदौर के गुलाबबाग इलाके में नवरात्रि के दौरान फूड डिलीवरी App जोमेटो से गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है. इससे न सिर्फ एक परिवार आहत हुआ बल्कि धार्मिक भावनाओं को लेकर भी बड़ा विवाद खड़ा कर हो गया है. ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के जरिए ऑर्डर किए गए शुद्ध शाकाहारी भोजन की जगह घर पर नॉनवेज डिश पहुंचने से पूरे इलाके में हल्ला हो गया है.
पूजा के बीच आया गलत पार्सल, परिवार में मची हलचल
गुलाबबाग क्षेत्र में रहने वाले मोबाइल व्यवसायी राहुल तिवारी ने नवरात्रि के पावन अवसर पर अपने घर में पूजा-अर्चना का आयोजन किया हुआ था. घर में धार्मिक माहौल था और पूरे परिवार ने व्रत और शुद्ध भोजन का पालन किया हुआ था. इसी दौरान राहुल ने ऑनलाइन ऐप के माध्यम से 'वेज कॉम्बो मील' और 'चिली पनीर' का ऑर्डर दिया था.
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खाना खाते हुए खुली पनीर की सच्चाई
ऑर्डर देने के करीब 15 मिनट बाद डिलीवरी बॉय पार्सल लेकर घर पहुंचा. परिवार जब खाना खाने के लिए पैकेट खोलता है तो उनके होश उड़ जाते हैं. पैकेट में 'चिली पनीर' की जगह 'चिली चिकन' मौजूद था. नवरात्रि के दौरान इस तरह की गलती से परिवार में कंपनी के प्रति गुस्सा है.
कंपनी ने मानी गलती, लेकिन रेस्टोरेंट का अड़ियल रवैया
इस घटना के तुरंत बाद व्यवसायी राहुल तिवारी ने Zomato फूड डिलीवरी ऐप पर शिकायत दर्ज कराई. हालांकि, कंपनी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए ऑर्डर की पूरी राशि राहुल को रिफंड कर दी. मगर, मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. दरअसल, विवाद तब बढ़ा जब संबंधित रेस्टोरेंट 'नाइट किंग' ने इस गलत पार्सल को वापस लेने से साफ इनकार कर दिया. रेस्टोरेंट के इस रवैये ने राहुल को और ज्यादा आक्रोशित कर दिया. राहुल का कहना है कि ये सिर्फ गलती नहीं बल्कि हमारी धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ भी है.
पुलिस तक पहुंचा मामला
रेस्टोरेंट और डिलीवरी में हुई लापरवाही से नाराज होकर राहुल तिवारी ने इंदौर के लसूड़िया पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
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आईपीओ के जरिए पैसे जुटाने में फाइनेंशियल सेक्टर सबसे आगे, वित्त वर्ष 26 में 34 प्रतिशत रही हिस्सेदारी
मुंबई, 24 मार्च (आईएएनएस)। वित्त वर्ष 26 में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के जरिए पैसे जुटाने में फाइनेंशियस सेक्टर सबसे आगे रहा है और चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-फरवरी की अवधि में जुटाई गई कुल फंडिंग में इसकी हिस्सेदारी 34 प्रतिशत रही है। यह जानकारी एनएसई की ओर से मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
एनएसई ने मार्केट प्लस रिपोर्ट में कहा गया, वित्त वर्ष 26 में आईपीओ के जरिए फंडिंग जुटाने में फाइनेंशियल सेक्टर 34 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रहा है। इसके बाद कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी की हिस्सेदारी 31 प्रतिशत और इंडस्ट्रियल की हिस्सेदारी 11 प्रतिशत रही है।
एसएमई सेगमेंट में आईपीओ के जरिए फंडिंग जुटाने में 36 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ इंडस्ट्रियल सेक्टर सबसे आगे रहा। इसके बाद कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी की हिस्सेदारी 23 प्रतिशत और मटेरियल की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत थी।
एनएसई के मुताबिक, वित्त वर्ष 26 के अप्रैल-फरवरी अवधि में मेनबोर्ड आईपीओ के जरिए 99 कंपनियों ने 1,65,036 करोड़ रुपए जुटाए हैं। पूरे वित्त वर्ष 25 में 79 कंपनियों ने मेनबोर्ड आईपीओ के जरिए 1,62,517 करोड़ रुपए जुटाए थे।
हालांकि, एसएमई सेगमेंट में आईपीओ गतिविधियों में कमजोरी देखी गई है और वित्त वर्ष 26 में कुल 105 एसएमई आईपीओ की लिस्टिंग हुई, जिसमें कंपनियों ने 5,121 करोड़ रुपए जुटाए। वित्त वर्ष 25 में 163 एसएमई आईपीओ आए थे और उन्होंने 7,111 करोड़ रुपए की राशि जुटाई।
इसके अतिरिक्त, रिपोर्ट में बताया गया कि एनएसई के पास पंजीकृत निवेशकों की संख्या फरवरी 2026 में बढ़कर 12.8 करोड़ हो गई है। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 की अवधि में औसत 13.6 लाख निवेशक प्रति महीने बाजार से जुड़े हैं।
महाराष्ट्र फरवरी 2026 में 2 करोड़ यूनिक पंजीकृत निवेशकों का आंकड़ा पार करने वाला पहला राज्य बन गया और कुल निवेशक आधार में 15.7 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अग्रणी बना रहा।
एनएसई ने बताया कि निवेशक आधार भौगोलिक रूप से केंद्रित बना हुआ है, जिसमें शीर्ष पांच राज्य - महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल और राजस्थान - की कुल आधार में 48 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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