CCTV कैमरों से पाकिस्तान जा रहे थे वीडियो फुटेज:देशभर में सभी नेटवर्क की होगी जांच, अप्रैल से सिर्फ हैकिंगप्रूफ कैमरे ही बिकेंगे
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पाकिस्तान से जुड़े जासूसी रैकेट के खुलासे के बाद CCTV सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। जांच में सामने आया कि संवेदनशील जगहों पर लगाए गए कैमरों की लाइव फुटेज सीमा पार पाकिस्तान भेजी जा रही थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने देशभर में CCTV नेटवर्क की जांच का फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने आईबी और दूसरी एजेंसियों के साथ मिलकर देशभर के CCTV नेटवर्क का ऑडिट शुरू करने की तैयारी में है। वहीं 1 अप्रैल से सिर्फ वही कैमरे बिक सकेंगे, जो सरकारी सुरक्षा जांच (STQC सर्टिफिकेशन) पास करेंगे। इसका मतलब है कि कैमरे की जांच सरकारी लैब में होगी। अगर कैमरा हैक नहीं किया जा सकता, तभी उसे बेच सकेंगे। भारत में भी 80% कैमरे चीन के हैं, जिनसे डेटा चोरी का खतरा बना रहता है। फिलहाल 7 कंपनियों के 53 मॉडल ही ऐसे हैं, जिन्हें सर्टिफाइड और सुरक्षित माना गया है। लोगों की प्राइवेसी पर भी खतरा CCTV सिस्टम से निजी डेटा लीक होने के मामले भी सामने आए हैं। इजरायल की ओर से ईरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर वीआईपी मूवमेंट ट्रैक करने का उदाहरण सामने आ चुका है। वहीं, सोनीपत रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति ने निगरानी सिस्टम में घुसपैठ कर कैमरों की लाइव फीड एक्सेस की और यात्रियों की फुटेज रिकॉर्ड कर उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शेयर किया। यह सीधे तौर पर निजता का उल्लंघन है। 2023 के डेटा प्रोटेक्शन कानून के तहत किसी व्यक्ति की पहचान उजागर करने वाली फुटेज का गलत इस्तेमाल गैरकानूनी है। सुप्रीम कोर्ट के वकील और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ विराग गुप्ता के मुताबिक, सिर्फ सुरक्षित कैमरे बेचना काफी नहीं है। डेटा के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त कानून और भारी जुर्माने की जरूरत होगी। भारत से पाकिस्तान कैसे भेजा जा रहे थे फुटेज दरअसल, हाल ही में यूपी के गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में एक बीट कांस्टेबल की सूचना के बाद जासूसी का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि सोलर पावर से चलने वाले छोटे कैमरे संवेदनशील इलाकों के आसपास लगाए गए थे। ये कैमरे इंटरनेट के जरिए विदेशी सर्वर से जुड़े थे। उनकी लाइव फीड सीधे पाकिस्तान भेजी जा रही थी, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। इस मामले में अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नेटवर्क में महिलाएं और नाबालिग भी शामिल थे। कई कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। स्टैंटर्ड प्रोटोकॉल की कमी जांच में यह भी सामने आया कि देशभर में CCTV अलग-अलग एजेंसियों द्वारा लगाए गए हैं, लेकिन कोई एकीकृत डेटाबेस या स्पष्ट नियंत्रण प्रणाली नहीं है। यही वजह है कि कई जगह निगरानी तंत्र में खामियां बनी हुई हैं, जो अब सुरक्षा जोखिम बन चुकी हैं। ऑडिट रिपोर्ट के बाद सरकार यूनिक रजिस्ट्रेशन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और साइबर सुरक्षा मानकों के साथ एकीकृत नेटवर्क सिस्टम लागू कर सकती है।
राजस्थान के बालोतरा में ओले गिरे:यूपी के 10 जिलों में बारिश, 20 में अलर्ट; हिमाचल में बर्फबारी, तेज बारिश-तूफान का ऑरेंज अलर्ट
देश के कई राज्यों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। राजस्थान के जयपुर और अजमेर समेत कई जिलों में बारिश हुई। वहीं बालोतरा में ओले भी गिरे। वहीं पहाड़ी राज्यों हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी का दौर जारी है। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। यूपी के नोएडा समेत 10 जिलों में हल्की बारिश हुई। संभल में आंधी के साथ तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने प्रदेश के 20 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें ज्यादातर पश्चिम यूपी के हैं। हिमाचल प्रदेश में सोमवार को अटल टनल रोहतांग सहित लाहौल स्पीति की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने तीन जिलों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि और आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश-आंधी के हालात बने रहेंगे, जबकि उसके बाद तापमान में 4 से 7 डिग्री तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। मध्य प्रदेश में 26 मार्च से बारिश का अलर्ट जारी किया है। देशभर से मौसम की 2 तस्वीरें… अगले दो दिन मौसम का हाल…
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