चिप वॉर में चीन से कैसे निपटे भारत? [India’s big bet in the global chip war]
दुनिया में सेमीकंडक्टर नई भू-राजनीतिक ताकत बन गए हैं. चीन रेयर अर्थ सप्लाई पर नियंत्रण बढ़ा रहा है, जबकि ताइवान की चिप इंडस्ट्री वैश्विक सप्लाई की धुरी है. ऐसे में भारत अपनी सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, डिप्लोमैटिक साझेदारियों और 'चाइना + 1' रणनीति के जरिए सप्लाई चेन को सुरक्षित करने की कोशिश कर रहा है. टाटा और माइक्रोन के प्रोजेक्ट, iCET समझौता और क्वॉड सहयोग भारत को इस टेक्नो-भू-राजनीतिक मुकाबले में नई स्थिति देते हैं, लेकिन चुनौतियां अभी बनी हुई हैं. Semiconductors have become the new driver of global power. China controls most rare‑earth supplies, while Taiwan dominates advanced chip production. India is responding with a three‑pillar strategy, building foundries, deepening diplomatic tech partnerships, and leveraging the “China + 1” shift. With Tata’s fab project, Micron’s assembly plant, iCET collaboration with the U.S., and QUAD coordination, India is strengthening its position in the global chip race, though infrastructure and skill challenges remain.
हीटवेव से बचने का देसी जुगाड़! एसी-कूलर की जरूरत नहीं! चिलचिलाती धूप में घर को पर लगा दें ये 5 पौधे, कमरे रहेंगे एकदम कूल
Deoghar Latest News : देवघर कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. विवेक कश्यप गर्मी में घर ठंडा रखने के लिए एरेका पाम, स्नेक प्लांट, एलोवेरा, मनी प्लांट और पीस लिली लगाने की सलाह देते हैं. उन्होंने कहा कि इससे घर में हमेशा ठंडक बनी रहती है. साथ ही लोगों को ज्यादा एसी कूलर की भी आवश्यकता नहीं पड़ती है.
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