Anti-Aging Diet: जवां दिखना है तो डाइट में शामिल करें ये 11 सुपरफूड्स, स्किन रहेगी ग्लोइंग और हेल्दी
Anti-Aging Diet: एंटी-एजिंग डाइट का वह डाइट होती है, जो हमारे शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करती है। फ्री रेडिकल्स ऐसे हानिकारक तत्व होते हैं, जो प्रदूषण, तनाव और गलत खान-पान के कारण शरीर में बनते हैं और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, जिसकी वजह से चेहरे पर झुर्रियां, झाइयां और कमजोरी दिखने लगती हैं। एंटी-एजिंग डाइट में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिंस और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो इन फ्री रेडिकल्स को खत्म कर त्वचा में कसाव और चमक लाते हैं।
- कलरफुल सब्जियां और फल: गहरे रंग के फल और सब्जियों में सबसे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं।
- टमाटर: इसमें ‘लाइकोपीन’ नाम का तत्व होता है, जो त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता है।
- गाजर और कद्दू: गाजर और कद्दू में बीटा-कैरोटीन होता है, जो शरीर में जाकर विटामिन ए में बदल जाता है और स्किन को रिपेयर करता है।
- हरी पत्तेदार सब्जियां: शिमला मिर्च, पत्तेदार सब्जियां, टमाटर और ब्रोकली जैसी सब्जियों में विटामिन-सी भरपूर होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत होता है। पालक, मेथी और ब्रोकली में विटामिन-सी और ई होते हैं, जो झुर्रियों को आने से रोकते हैं।
- खट्टे फल: संतरा, नीबू, आंवला और कीवी जैसे खट्टे फलों में विटामिन-सी भरपूर मात्रा में होता है। विटामिन-सी शरीर में कोलेजन बनाने में मदद करता है। कोलेजन एक ऐसा प्रोटीन होता है, जो स्किन को ढीला होने से बचाता है और उसमें लचीलापन बनाए रखता है।
- ड्राई फ्रुट्स और सीड्स : बादाम, अखरोट, अलसी के बीज और चिया सीड्स, ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन-ई के बेहतरीन स्रोत होते हैं। ये त्वचा की नमी को बनाए रखते हैं, जिससे स्किन ड्राई नहीं होती और चेहरे पर नेचुरल चमक बनी रहती है। इसके अतिरिक्त ये त्वचा की इलास्टिसिटी को भी बनाए रखते हैं। इनमें मौजूद जिंक और सेलेनियम त्वचा की रिपेयर प्रक्रिया में मदद करते हैं। इसलिए रोज एक मुट्ठी मिक्स नट्स जरूर खाएं।
- ग्रीन टी: ग्रीन टी में कैटेचिन नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो कोशिकाओं को बूढ़ा होने से रोकता है और मेटाबॉलिज्म को भी दुरुस्त रखता है। इसके अलावा इसमें मौजूद पॉलीफेनॉल सूरज और पॉल्यूशन से होने वाले स्किन की बाहरी उम्र बढ़ने की प्रोसेस को कम करने में मदद कर सकते हैं। ये पॉलीफेनॉल स्किन को नुकसान पहुंचाने से पहले ही फ्री रेडिकल्स को खत्म कर देते हैं। इसलिए एंटी एजिंग के लिए दिन में एक या दो कप ग्रीन टी पिएं।
- पानी: सबसे बेहतरीन और सस्ती एंटी-एजिंग दवा पानी होता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो त्वचा बेजान और सुस्त दिखने लगती है, इसलिए दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। यह शरीर के टॉक्सिंस को बाहर निकालने में मदद करता है।
- एवोकाडो: एवोकाडो में मौजूद हेल्दी फैट्स, विटामिन-ई और एंटीऑक्सीडेंट्स, त्वचा को मॉयश्चराइज करते हैं और फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। यह कोलेजन प्रोडक्शन को बढ़ावा देता है, जिससे त्वचा टाइट और ग्लोइंग बनी रहती है।
- ब्लूबेरी: ब्लूबेरी में भरपूर मात्रा में एंथोसायनिन और विटामिन-सी पाया जाता है, जो त्वचा को ऑक्सीडेंटिव स्ट्रेस से बचाता है। यह सेल डैमेज को रोकता है और प्रीमैच्योर एजिंग के लक्षणों को कम करता है।
- हल्दी: हल्दी में करक्यूमिन नामक एक कंपाउंड पाया जाता है, जो एक स्ट्रॉन्ग एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट है, जो त्वचा की सूजन को कम करता है, दाग-धब्बों को हल्का करता है और नेचुरल ग्लो लाने में मदद करता है।
(डायटिशियन अंजू बंसल से बातचीत पर आधारित)
Parenting Tips: बच्चे को आत्मनिर्भर कैसे बनाएं? स्मार्ट पैरेंटिंग के ये आसान तरीके अपनाएं
हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा सुरक्षित और सफल बने। लेकिन कई बार जरूरत से ज्यादा मदद करना ही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है। अगर आप हर छोटा-बड़ा काम बच्चे की जगह खुद करते हैं, तो उसका आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और जिम्मेदारी निभाने की आदत प्रभावित हो सकती है। जानिए स्मार्ट पैरेंटिंग के आसान तरीके, जो बच्चे को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चे को उम्र के अनुसार छोटे-छोटे फैसले खुद लेने देना उसकी Problem Solving Skill, Confidence और Emotional Development को मजबूत करता है।
हर काम खुद करने से बच्चे पर क्या असर पड़ता है?
जब बच्चे को हर काम बिना कोशिश किए मिल जाता है, तो वह नई चीजें सीखने की कोशिश कम करने लगता है। उसे लगने लगता है कि हर मुश्किल में कोई न कोई उसकी मदद कर देगा।
बच्चे को खुद काम करने दें
बच्चों को छोटी-छोटी जिम्मेदारियां देने से वे धीरे-धीरे नए काम करना सीखते हैं। जब वे खुद कोई काम पूरा करते हैं, तो अगली बार उसे करने में ज्यादा हिचकिचाते नहीं हैं।
इन 5 कामों की जिम्मेदारी बच्चे को जरूर दें
- अपना स्कूल बैग खुद तैयार करें
- अगले दिन के कपड़े खुद चुनें
- अपनी पानी की बोतल भरें
- खिलौने और किताबें व्यवस्थित रखें
- छोटे घरेलू कामों में मदद करें
बच्चे को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपनाएं ये 5 आदतें
- हर बात पर तुरंत मदद करने की बजाय पहले बच्चे को कोशिश करने दें।
- जरूरत पड़ने पर सिर्फ सही दिशा दिखाएं।
- गलती करनें पर डांटने के बजाय समझाएं।
- उसके हर छोटे प्रयास की तारीफ करें।
- धीरे-धीरे उसकी जिम्मेदारियां बढ़ाएं।
इन संकेतों से समझें कि बच्चा जरूरत से ज्यादा आप पर निर्भर है
अगर बच्चा हर छोटी बात के लिए आपको बुलाता है, अकेले कोई काम शुरू नहीं करता या हर फैसले में आपकी राय का इंतजार करता है, तो यह संकेत हो सकता है कि उसे खुद काम करने के ज्यादा मौके देने की जरूरत है।
बच्चे से प्यार करना और उसकी मदद करना जरूरी है, लेकिन उसका हर काम खुद कर देना सही नहीं। अगर उसे छोटी उम्र से ही अपने काम खुद करने की आदत पड़ जाए, तो वह बच्चे को आत्मनिर्भर बनाना एक दिन का काम नहीं, बल्कि रोज की छोटी-छोटी आदतों का परिणाम है। जितनी जल्दी आप उसे जिम्मेदारी लेना सिखाएंगे, उतना ही उसका आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी।
(Disclaimer): यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। पैरेंटिंग से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बच्चे की जरूरतों को ध्यान में रखें और आवश्यकता होने पर बाल रोग विशेषज्ञ या चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट से सलाह लें।
यह भी पढ़ें: रूस में रहने का खर्च कितना? राशन, टैक्सी, सैलरी और आवास की पूरी जानकारी
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