Petrol Diesel Price Today: क्रूड की कीमतों में उछाल के बीच बदले पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें कहां क्या है ईंधन का भाव
Petrol Diesel Price Today: मध्य पूर्व पिछले तीन सप्ताह से युद्ध की आग में जल रहा है. जिसके चलते दुनियाभर के कमोडिटी बाजारों में क्रूड की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अभी तक भारतीय बाजार में देखने को नहीं मिला है. जिसके चलते पेट्रोल-डीजल की कीमतें अभी भी लगभग स्थिर बनी हुई हैं. हालांकि अगर जंग जल्दी नहीं रुकी तो तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा कर सकती है. क्योंकि महंगा क्रूड ऑयल खरीदने के बाद भारत में पुरानी दरों पर पेट्रोल-डीजल बेचना तेल कंपनियों का लिए मुश्किल हो जाएगा. फिलहाल देश में तेल की कीमतों में पहले की तरह ही मामूली बदलाव देखने को मिल रहा है.
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Chaitra Navratri 2026: मां कूष्मांडा कौन हैं? जानें देवी के चौथे स्वरूप की कथा और महत्व
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन मां कूष्मांडा को समर्पित होता है. इस दिन भक्त पूरे श्रद्धा भाव से देवी के इस दिव्य स्वरूप की पूजा करते हैं. मां कूष्मांडा को सृष्टि की रचयिता माना जाता है. मान्यता है कि जब चारों ओर अंधकार था, तब मां ने अपनी हल्की मुस्कान से ब्रह्मांड की उत्पत्ति की थी.
कौन हैं मां कूष्मांडा? (Mata Kushmanda Devi)
मां कूष्मांडा का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और दिव्य है. इनके आठ हाथ होते हैं, इसलिए इन्हें अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है. उनके हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल, अमृत कलश, चक्र और गदा होती है. एक हाथ में जप माला भी रहती है. मां का वाहन सिंह है, जो शक्ति और साहस का प्रतीक है.
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मां कूष्मांडा की कथा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था और हर तरफ घना अंधकार था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की. इसी कारण इन्हें ‘आदि शक्ति’ भी कहा जाता है. कहा जाता है कि मां सूर्य मंडल के भीतर निवास करती हैं. उनके तेज और ऊर्जा से ही सूर्य प्रकाशित होता है. यही वजह है कि मां कूष्मांडा को ऊर्जा और प्रकाश की देवी माना जाता है.
कूष्मांडा माता की पूजा का महत्व
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. भक्तों के सभी रोग और कष्ट दूर होते हैं. मां अपने भक्तों को सुख, समृद्धि और आयु का आशीर्वाद देती हैं. जो व्यक्ति सच्चे मन से मां की आराधना करता है, उसे मानसिक शांति और आत्मबल प्राप्त होता है. खासकर कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों के लिए मां की पूजा बेहद फलदायी मानी जाती है.
प्रिय भोग और पूजा विधि
मां कूष्मांडा को कद्दू (कूष्मांड) अत्यंत प्रिय है. इसलिए उन्हें कद्दू का भोग लगाना शुभ माना जाता है. इसके अलावा मालपुआ, मिश्री और फल भी अर्पित किए जाते हैं.
पूजा के दौरान सबसे पहले मां की प्रतिमा या तस्वीर को साफ स्थान पर स्थापित करें. फिर दीप जलाएं, फूल अर्पित करें और मंत्रों का जाप करें. अंत में आरती करें और प्रसाद बांटें.
मां कूष्मांडा का आध्यात्मिक महत्व
मां कूष्मांडा जीवन में ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास का संचार करती हैं. उनकी कृपा से व्यक्ति अपने भय और नकारात्मकता पर विजय प्राप्त करता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मां कूष्मांडा सूर्य ग्रह से जुड़ी हुई हैं. इसलिए इनकी पूजा करने से कुंडली में सूर्य मजबूत होता है और व्यक्ति को मान-सम्मान मिलता है.
चौथे दिन जरूर करें मां कूष्मांडा की पूजा
मां कूष्मांडा न केवल सृष्टि की जननी हैं, बल्कि जीवन में प्रकाश और ऊर्जा की प्रतीक भी हैं. नवरात्रि के चौथे दिन उनकी पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सभी बाधाएं दूर होती हैं. इसलिए इस दिन मां की आराधना पूरे श्रद्धा भाव से करनी चाहिए.
कूष्मांडा मां के मंत्र (Maa Kushmanda Mantra)
- ऊं कुष्माण्डायै नम:
- दुर्गतिनाशिनी त्वंहि दारिद्रादि विनाशिनीम्.
- जयंदा धनदां कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥
जगन्माता जगतकत्री जगदाधार रूपणीम्.
चराचरेश्वरी कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥
त्रैलोक्यसुंदरी त्वंहि दु:ख शोक निवारिणाम्.
परमानंदमयी कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥ - मां कूष्मांडा का बीज मंत्र- ऐं ह्री देव्यै नम:
- या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता. नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
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