जगह और दिन तय... ममता बनर्जी ने तैयार कर ली अपनी रणनीति; यहां से फूंकेंगी चुनावी बिगुल
West Bengal Eletions 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. खास तौर पर सत्ताधारी दल टीएमसी के लिए ये चुनाव काफी अहम माना जा रहा है. एंटी इंकम्बेंसी के चलते ममता बनर्जी किसी भी तरह की चूक नहीं चाहती हैं. यही वजह है कि वह लगातार रणनीति पर काम कर रही है. इस चुनाव के लिए ममता ने अपना चुनावी बिगूल फूंकने के लिए दिन और जगह तय कर ली है. ममता बनर्जी सोमवार यानी 23 मार्च से राज्यव्यापी चुनाव प्रचार का आगाज करने जा रही हैं. उनके साथ अभिषेक बनर्जी भी उसी दिन से प्रचार अभियान में सक्रिय होंगे. तृणमूल कांग्रेस इस बार चुनाव को बेहद अहम मानते हुए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती.
भवानीपुर से खास फोकस
ममता बनर्जी का विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर इस बार चुनावी मुकाबले का केंद्र बन गया है. यहां से उनके खिलाफ भाजपा के दिग्गज नेता सुवेंदु अधिकारी मैदान में हैं. सुवेंदु ने पहले ही प्रचार शुरू कर बढ़त लेने की कोशिश की है, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है.
रणनीति तय करने के लिए अहम बैठक
प्रचार शुरू करने से पहले ममता बनर्जी ने रविवार शाम को भवानीपुर के कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. इस बैठक का उद्देश्य बूथ स्तर तक मजबूत रणनीति तैयार करना और चुनावी अभियान को धार देना है.
बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे, जिनमें सुब्रत बख्शी, देबाशीष कुमार और फिरहाद हकीम शामिल हैं. साथ ही भवानीपुर क्षेत्र के पार्षद और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को भी बुलाया गया है.
कड़ी टक्कर का संकेत
भाजपा की ओर से सुवेंदु अधिकारी को भवानीपुर से उम्मीदवार बनाने के बाद मुकाबला बेहद कांटे का हो गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सीट पूरे राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक बन चुकी है. तृणमूल नेतृत्व इस चुनौती को गंभीरता से लेते हुए हर स्तर पर तैयारियां कर रहा है.
बूथ स्तर तक पहुंचाने की तैयारी
तृणमूल कांग्रेस का मुख्य लक्ष्य ममता बनर्जी के पिछले कार्यों और योजनाओं को हर मतदाता तक पहुंचाना है. इसके लिए पार्टी बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर जोर दे रही है. बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि अगले एक महीने तक किस तरह प्रचार अभियान को चरणबद्ध तरीके से चलाया जाए.
मतदान की तारीख और रणनीतिक महत्व
भवानीपुर में मतदान दूसरे और अंतिम चरण में 29 अप्रैल को होना है. ऐसे में पार्टी के पास प्रचार के लिए सीमित समय है, जिसे अधिकतम प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है. तृणमूल कांग्रेस के लिए यह सीट सिर्फ एक चुनावी मुकाबला नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई भी बन चुकी है. वहीं, भाजपा इसे अपनी बड़ी जीत के तौर पर देख रही है. ऐसे में भवानीपुर का यह चुनावी रण पूरे बंगाल की राजनीति की दिशा तय कर सकता है.
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यूपी: गोरखपुर के मेयर ने बाल कैंसर जागरूकता के लिए निकली साइकिल रैली में लिया भाग
गोरखपुर, 21 मार्च (आईएएनएस)। गोरखपुर के मेयर मंगलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से शीघ्र उपचार की सुविधा बेहतर बनाने के प्रयासों के तहत, जिले और आसपास के इलाकों के कैंसर से पीड़ित बच्चों का अब बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज किया जा सकता है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने एक बयान में कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए श्रीवास्तव ने बचपन के कैंसर के शुरुआती लक्षणों को पहचानने और बिना देरी किए चिकित्सा सहायता लेने के लिए जागरूकता फैलाने पर जोर दिया।
भाजपा नेता और अखिल भारतीय महापौर परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीवास्तव ने इससे पहले बचपन के कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए उत्साही साइकिल चालकों के साथ भाग लिया।
बयान में कहा गया कि राज्य में ही बच्चों को सर्वोत्तम उपचार दिलाने के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के संकल्प को उजागर करते हुए मेयर ने साइकिल फॉर गोल्ड राष्ट्रीय पहल के गोरखपुर चरण को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें लोगों ने साइकिल की सवारी का आनंद लिया।
श्रीवास्तव ने 417 से अधिक शहरों में 12 लाख किलोमीटर की दूरी तय करने वाली रैली का समर्थन करते हुए कहा कि जब डॉक्टर, स्कूल, साइकिल चालक और नागरिक सभी एक साथ आते हैं, तो यह एक सशक्त संदेश देता है कि कैंसर से जूझ रहे बच्चे अकेले नहीं हैं।
भाजपा नेता ने आगे कहा कि कैनकिड्स द्वारा आयोजित यह अभियान विश्व कैंसर दिवस (4 फरवरी) को शुरू किया गया था, जो सबसे बड़ी चैरिटी साइकिलिंग चुनौतियों में से एक है।
बयान में आगे कहा गया कि मेयर गोरखपुर में साइकिल चालकों, डॉक्टरों, छात्रों, कॉरपोरेट जगत के लोगों और समुदायों के साथ शामिल हुए, जहां साइकिल चालकों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज से गोरखनाथ मठ तक साइकिल चलाई।
आईसीएमआर की केंद्रीय मानव अनुसंधान नीति समिति की सदस्य और चाइल्डहुड कैंसर इंटरनेशनल की डब्ल्यूएचओ दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र की प्रतिनिधि पूनम बगई ने सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह आंदोलन कैंसर से जूझ रहे बच्चों के लिए समुदायों के एकजुट होने की शक्ति को दर्शाता है।
कैनकिड्स की संस्थापक अध्यक्ष और पैलियम इंडिया की उपाध्यक्ष बगई ने कहा कि उनके प्रयास बाल कैंसर देखभाल में सुधार लाने पर केंद्रित हैं, जिसके लिए वे निदान और उपचार के लिए राज्यव्यापी रेफरल नेटवर्क बना रहे हैं, आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य पेशेवरों को शीघ्र निदान के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं, और परिवारों को वित्तीय और सामाजिक सहायता प्रदान कर रहे हैं।
--आईएएनएस
एमएस/
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