'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने शुक्रवार को RSS प्रमुख मोहन भागवत के 'जेन Z' (Gen Z) के समर्थन में दिए गए बयानों का स्वागत किया। उन्होंने भागवत से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि BJP लीडरशिप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विरोध कर रहे छात्रों को देश-विरोधी करार देना बंद करें। उनका यह बयान भागवत के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) में 'जेन Z' और 'जेन अल्फा' (Gen Alpha) के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान कहा था कि युवाओं को जायज़ मुद्दों पर विरोध करने का अधिकार है और उन्हें देश-विरोधी नहीं कहा जाना चाहिए।
न्यूज़ एजेंसी ANI से बात करते हुए दिपके ने कहा कि भागवत का यह बयान—कि 'जेन Z' के प्रदर्शनकारियों को देश-विरोधी नहीं कहा जाना चाहिए—इस बातचीत की सबसे अहम बात थी। दिपके ने कहा कि कल मोहन भागवत ने सबसे अहम बात यह कही कि Gen Z को देश-विरोधी नहीं कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विरोध करना उनका अधिकार है और उनके मुद्दे जायज़ हैं। मैं इससे पूरी तरह सहमत हूँ। भागवत को बीजेपी का मार्गदर्शक बताते हुए, दिपके ने उनसे यही बात पार्टी नेतृत्व तक पहुँचाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि चूंकि मोहन भागवत एक तरह से बीजेपी के मार्गदर्शक और नरेंद्र मोदी जी के लिए गॉडफादर जैसे हैं, इसलिए मैं चाहता हूं कि वह बीजेपी नेताओं और नरेंद्र मोदी जी तक यही संदेश पहुंचाएं—कि उन्हें इन छात्रों और युवाओं को देश-विरोधी करार देना बंद कर देना चाहिए। दिपके ने आगे आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई बीजेपी नेताओं ने छात्रों के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा कि बीजेपी के सदस्य ही उन्हें देशद्रोही कह रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने उन्हें 'आतंकवादियों की बी-टीम' कहा था और नितिन नवीन ने उन्हें 'वायरस' कहा था। मुझे उम्मीद है कि अब वे मोहन भागवत जी की बात सुनेंगे और उन पर अमल करेंगे, क्योंकि इस बात की संभावना कम है कि बीजेपी आरएसएस के खिलाफ जाकर कुछ कहेगी। अगर वे ऐसा करते हैं, तो आरएसएस को इस बात पर सोचना होगा कि बीजेपी मोहन भागवत की भी अनदेखी कर रही है।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें
National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Continue reading on the app