ईरान के तेहरान, करज और इस्फहान इलाकों में इजरायल ने किए नए एयर स्ट्राइक
नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, शनिवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान में कम से कम दो धमाकों की आवाज सुनी गई। एयर स्ट्राइक तेहरान के दक्षिण में बसे शहर शाहर-ए-रे और शहर के पश्चिम में करज पर भी हुए।
वहीं, दक्षिण में, ऐतिहासिक सेंट्रल शहर इस्फहान में भी एक अलग एयर स्ट्राइक की खबर है। हमलों में किसी के हताहत होने या नुकसान की तुरंत कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। इजरायल डिफेंस फोर्स ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि वह तेहरान में इस्लामिक रिपब्लिक शासन के ठिकानों पर हवाई हमले कर रहा है।
आईडीएफ ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों के 7 इलाकों को तुरंत खाली करने का नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया कि हिज्बुल्लाह के इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से हमला जारी रहेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आईडीएफ ने जानकारी दी कि वह लेबनान की राजधानी पर हमला कर रही है। अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 2 मार्च से इजरायल के देश पर बढ़ते हमलों के बाद लेबनान में मारे गए 1,000 से ज्यादा लोगों में कई औरतें और बच्चे भी शामिल हैं।
इजरायली डिफेंस फोर्स ने दावा किया था कि उसने इस हफ्ते की शुरुआत में ईरान के बासिज इंटेलिजेंस चीफ इस्माइल अहमदी और एक दूसरे सीनियर इंटेलिजेंस अधिकारी को मार गिराया। इससे पहले आईडीएफ ने संदेह जताया था कि अहमदी की मौत हो गई है और इस खबर की पुष्टि के लिए जांच की जा रही थी। वहीं अब इजरायली फोर्स ने इस बात को कन्फर्म कर दिया है।
आईडीएफ ने कहा, इस हफ्ते की शुरुआत में, एयर फोर्स ने सैन्य इंटेलिजेंस के हिसाब से, तेहरान के बीचों-बीच बसीज यूनिट के सीनियर नेतृत्व पर हमला किया, जिसमें यूनिट के कमांडर, गुलामरेजा सुलेमानी के साथ-साथ कई दूसरे सीनियर कमांडर भी मारे गए।
इजरायल ने कहा कि अहमदी ने इस साल की शुरुआत में ईरान में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों पर सरकार की कार्रवाई में खास भूमिका निभाई थी, जिसमें दावा किया गया कि हजारों लोग मारे गए थे।
बता दें, इजरायल ईरानी सत्ता पर अधिकारियों की पकड़ को कमजोर करने की कोशिशों के तहत बासिज फोर्स को निशाना बना रहा है। इजरायली हमलों में ईरान के कई बड़े अधिकारी मारे गए हैं, जिनमें सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई, सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खतीब शामिल हैं।
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
'भागीदारी बढ़ी, तो तेहरान देगा जवाब', मध्य-पूर्व संघर्ष में भूमिका पर ईरानी विदेश मंत्री की ब्रिटेन को चेतावनी
तेहरान, 21 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल-अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने यूनाइटेड किंगडम को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने शनिवार को कहा कि अगर चल रहे संघर्ष में ब्रिटेन की भागीदारी बढ़ती है, तो तेहरान जवाब देगा।
ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ब्रिटेन की अधिकांश जनता ईरान के खिलाफ इजरायल-अमेरिका की ओर से चुने गए युद्ध का हिस्सा नहीं बनना चाहती है। अपने ही लोगों की अनदेखी करते हुए कीर स्टार्मर ब्रिटिश सैन्य ठिकानों को ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देकर ब्रिटिश नागरिकों की जान खतरे में डाल रहे हैं। ईरान अपनी आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब यह रिपोर्ट्स सामने आई हैं कि अमेरिकी सेना को ब्रिटिश सैन्य ठिकानों तक पहुंच दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, अराघची ने यूके की गृह सचिव यवेट कूपर के साथ फोन पर बातचीत के दौरान भी इसी तरह की चिंता जताई और चेतावनी दी कि इस तरह का सहयोग ईरान के खिलाफ आक्रामकता में भागीदारी माना जाएगा।
हालांकि, ब्रिटेन सरकार ने इसका विरोध किया है। उसी बातचीत में, कूपर ने ईरान को ब्रिटेन के बेस, क्षेत्र या हितों को टारगेट करने के खिलाफ चेतावनी दी और आगे कहा कि इससे तनाव और बढ़ सकता है।
तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान ने हिंद महासागर में स्थित एक महत्वपूर्ण संयुक्त अमेरिका-ब्रिटेन सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, दोनों मिसाइलें अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं। एक बीच रास्ते में ही विफल हो गई, जबकि दूसरी को अमेरिकी नौसेना के इंटरसेप्टर ने रोक लिया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उसे पूरी तरह नष्ट किया गया या नहीं।
इस हमले की कोशिश ने ईरान की मिसाइल क्षमताओं को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि डिएगो गार्सिया ईरानी इलाके से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर है, जिससे पहले के अंदाजे से ज्यादा रेंज होने का संकेत मिलता है। यह बेस क्षेत्रीय सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है, जिसमें अमेरिकी बॉम्बर, न्यूक्लियर सबमरीन और गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर शामिल हैं।
इसी बीच, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन मध्य पूर्व के संघर्ष में व्यापक सैन्य भूमिका नहीं चाहता। इस सप्ताह की शुरुआत में उन्होंने कहा कि ब्रिटेन किसी बड़े युद्ध में शामिल नहीं होगा। हालांकि, वह अपने सहयोगियों का समर्थन करने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए नौसैनिक तैनाती भी शामिल हो सकती है।
स्टार्मर ने स्थिति की जटिलता को स्वीकार करते हुए कहा कि सैन्य भागीदारी पर फैसले लेना मुश्किल है, खासकर अमेरिका के दबाव के बीच। उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रिटेन अपने हितों और साथियों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन वह इस क्षेत्र में स्थिरता वापस लाने के लिए कूटनीतिक समाधान की कोशिश कर रहा है।
--आईएएनएस
डीसीएच/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation
























