इंद्रियों पर विजय और मानसिक स्पष्टता के लिए अचूक है योग की 'योनि मुद्रा'
नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जिंदगी में योग और ध्यान का महत्व दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। प्राचीन भारतीय ग्रंथों में ऐसी कई मुद्राएं हैं, जो मन को शांत करने में मदद करती हैं। इन्हीं में से एक है योनि मुद्रा। योनि मुद्रा को योग शास्त्रों में ध्यान की तैयारी के लिए बहुत उपयोगी माना गया है। यह मुद्रा इंद्रियों को नियंत्रित करने के साथ आंतरिक शांति भी प्रदान करती है।
इसका नाम संस्कृत भाषा से लिया गया है। योनि का अर्थ है, गर्भ या सृष्टि का मूल स्रोत और मुद्रा का मतलब है हाथों की विशेष स्थिति। आयुष मंत्रालय ने योनि मुद्रा को मन को शांत करने वाला बताया है। उनके अनुसार, इसके करने से तनाव दूर होता है और मन को एक शांति मिलती है, जब व्यक्ति अपनी सांसों, विचारों और शरीर की ऊर्जा पर ध्यान देता है, तो उसका तनाव धीरे-धीरे कम हो जाता है और मन को सुकून मिलता है।
इससे शरीर को कई तरह के रोगों से लड़ने की शक्ति (इम्यून सिस्टम) मजबूत होती है। योनि मुद्रा का नियमित अभ्यास करने से शरीर में ऊर्जा का संतुलन बना रहता है और छोटी-मोटी बीमारियों से बचाव करने में मदद मिलती है।
योनि मुद्रा का संबंध शरीर के स्वाधिष्ठान चक्र (नाभि के नीचे पेडू) से होता है, जो मूलाधार चक्र (रीढ़ की हड्डी के निचले सिरे टेलबोन के पास स्थित ) के थोड़ा ऊपर होता है। स्वाधिष्ठान चक्र हमारे शरीर में नाभि के ठीक नीचे होता है। यह हमारी रचनात्मकता और भावनाओं और आनंद से जुड़ा होता है। यही ऊर्जा हमें जीवन में आगे बढ़ने और कुछ नया करने की प्रेरणा देती है।
इस मुद्रा को करते समय हाथों की उंगलियों से एक विशेष आकृति बनाते हैं। ऐसा करने से शरीर की ऊर्जा पेट के निचले हिस्से में केंद्रित होती है। यह ऊर्जा स्वाधिष्ठान चक्र को सक्रिय करती है, जिससे शरीर और मन की थकान दूर होती है।
जब हम योनि मुद्रा करते हैं, तो हाथों की एक खास स्थिति बनाते हैं, जिससे शरीर की ऊर्जा पेट के क्षेत्र में केंद्रित होती है। इससे इस ऊर्जा को संतुलित करने, ठीक करने और जागृत करने में मदद मिलती है।
योनि मुद्रा का अभ्यास करने से हम अपने अंदर की इसी शक्ति से जुड़ते हैं। इससे मन की रुकावटें दूर होती हैं और आत्मविश्वास बढ़ता है।
--आईएएनएस
एनएस/पीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
तनाव के बीच नाटो मिशन ने इराक से अस्थायी रूप से वापसी की
बगदाद, 21 मार्च (आईएएनएस)। इराक में नाटो मिशन ने सुरक्षा चिंताओं के कारण अपने कर्मियों की अस्थायी वापसी शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ सुरक्षा स्रोत ने इराकी न्यूज़ एजेंसी (आईएनए) को यह जानकारी दी।
सूत्र ने इस कदम को एक अस्थायी उपाय बताया, जो जारी संघर्ष और मिशन के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं के कारण उठाया गया है। उसने यह भी कहा कि युद्ध समाप्त होते ही और इराक में सुरक्षा स्थिति स्थिर होने पर वे वापस लौट आएंगे। शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने आईएनए के हवाले से यह जानकारी दी।
इराक में नाटो मिशन एक गैर-लड़ाकू सलाहकार मिशन है जो 2018 में इराकी सरकार के अनुरोध पर स्थापित किया गया था ताकि उसके सुरक्षा क्षेत्र को मजबूत किया जा सके।
यह गैर-लड़ाकू मिशन 2018 में इराकी अधिकारियों के अनुरोध पर बनाया गया था, ताकि देश को अपनी सुरक्षा बलों को मजबूत करने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मदद मिल सके। नाटो कर्मियों ने इराक के सुरक्षा बलों के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया, लेकिन गठबंधन के अनुसार वे उनके साथ युद्ध अभियानों में तैनात नहीं थे।
यूरोप में नाटो बलों के कमांडर, अमेरिकी वायु सेना के जनरल एलेक्सस ग्रिनकेविच ने स्थानांतरण में सहायता करने के लिए इराक और सहयोगियों का धन्यवाद किया।
ग्रिनकेविच ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, “मैं नाटो मिशन इराक के समर्पित पुरुषों और महिलाओं का भी धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने इस अवधि के दौरान अपना मिशन जारी रखा। वे सच्चे पेशेवर हैं।”
यह अस्थायी वापसी 28 फरवरी से ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच हो रही है, जिसके जवाब में ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने पूरे मध्य पूर्व में इज़राइल और अमेरिकी हितों पर हमले किए।
--आईएएनएस
पीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation




















