ट्रंप को आया गुस्सा, होर्मुज को लेकर पड़े अलग-थलग, बोले-अमेरिका के बिना NATO एक कागजी शेर
ईरान से छिड़ी जंग में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर घिरे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NATO देश को लेकर जमकर गुस्सा निकाला. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के बिना NATO एक कागजी शेर है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट किया. उन्होंने NATO के सहयोगियों को फटकार लगाई है. ट्रंप ने कहा कि नाटों के देश परमाणु शक्ति वाले ईरान को रोकने की लड़ाई में उसके साथ नहीं खड़े थे.
'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को खुलवाने में मदद नहीं
ट्रंप ने कहा, "अब जब वह लड़ाई लगभग पर जीत ली गई है और उनके लिए खतरा भी काफी कम है, तो वे तेल की उन ऊंची कीमतों की शिकात करने में लगे हैं. इसकी वजह उन्हें तेल खरीदना पड़ा रहा है." अमेरिकी राष्ट्रपति ने NATO देशों पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि वे 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को खुलवाने में मदद नहीं करना चाहते हैं. ट्रंप ने इसे बेहद आसान सी फौजी कार्रवाई बताया है. उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद रहना तेल की ऊंची कीमतों की एकमात्र वजह है.
कायरों को हम याद रखेंगे
नाटो देशों पर भड़ास निकालते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके लिए ऐसा करना काफी आसान है. इसमें जोखिम भी कम है. अंत में ट्रंप ने कहा, कायरों को हम याद रखेंगे! आपको बता दें कि NATO (नाटो) 1949 में बना एक सैन्य गठबंधन है. इसमें अमेरिका, कनाडा और कई यूरोपीय देश को शामिल किए गए हैं. इसका लक्ष्य सामूहिक रक्षा बताया गया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने बहरीन के किंग से पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा की
नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बहरीन के किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा से पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और क्षेत्र में ऊर्जा और मूलभूत ढांचों पर हुए हमलों की निंदा की।
टेलीफोन पर हुई बातचीत में, प्रधानमंत्री मोदी ने किंग हमद को ईद की शुभकामनाएं दीं और बहरीन में भारतीय समुदाय की भलाई के लिए उनके निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक बयान में, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा: बहरीन के किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा के साथ सार्थक चर्चा हुई। मैंने उन्हें और बहरीन के लोगों को ईद-उल-फितर की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशियाई क्षेत्र की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। हमने क्षेत्र में ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की और वैश्विक खाद्य, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा पर उनके प्रतिकूल प्रभाव को रेखांकित किया।
उन्होंने आगे कहा कि नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और शिपिंग लाइनों को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व को दोहराया। उन्होंने बहरीन में भारतीय समुदाय की भलाई के लिए उनके निरंतर समर्थन के लिए महामहिम को धन्यवाद दिया।
दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच हुई है, जो 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे गए थे। इसके जवाब में, ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी और इजराइली ठिकानों, क्षेत्रीय राजधानियों और सहयोगी बलों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमले किए।
प्रधानमंत्री मोदी और बहरीन के किंग ने इससे पहले 2 मार्च को भी बात की थी।
पिछले कुछ दिनों में, प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया, ओमान, फ्रांस, कुवैत, यूएई, इजराइल, ईरान, सऊदी अरब और कतर के नेताओं से भी बात की है। भारत ईरान और खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष को लेकर क्षेत्रीय सरकारों के साथ-साथ अन्य प्रमुख साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में है।
गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय के बीच इस महीने दूसरी बार टेलीफोन पर बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
--आईएएनएस
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