Responsive Scrollable Menu

9वीं पास टैक्सी ड्राइवर को बनाया कंपनी का पहला कर्मचारी, 10 साल बाद संभाल रहा ये बड़ी जिम्मेदारी

किसी व्यक्ति की काबिलियत सिर्फ उसकी डिग्री, अंग्रेजी या बड़े संस्थान के अनुभव से तय नहीं होती। कई बार सही मौका और किसी का भरोसा जिंदगी की दिशा बदल देता है। हैदराबाद के फाउंडर श्रवंत गजुला की कहानी भी कुछ ऐसी ही

Continue reading on the app

Ranveer Singh की फिल्म Dhurandhar के नाम नया रिकॉर्ड, नेटफ्लिक्स की सबसे सफल नॉन-इंग्लिश फिल्म बनी

सिनेमाघरों में बॉक्स-ऑफिस के तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त करने के बाद, बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'धुरंधर' ने डिजिटल स्ट्रीमिंग की दुनिया में भी नया इतिहास रच दिया है। यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर इस साल वैश्विक स्तर पर दुनिया की सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली नॉन-इंग्लिश (गैर-अंग्रेजी) फ़िल्म बन गई है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस मल्टीस्टारर फिल्म में रणवीर सिंह के साथ आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, राकेश बेदी और सारा अर्जुन जैसे दिग्गज कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। 'द इंडियन एक्सप्रेस' के साथ एक इंटरव्यू में, नेटफ्लिक्स के को-CEO टेड सारंडोस ने फ़्रैंचाइज़ी द्वारा बॉक्स-ऑफिस के कई रिकॉर्ड तोड़ने के बाद सिनेमाघरों से परे फ़िल्म की ज़बरदस्त पहुंच पर ज़ोर दिया।
 

इसे भी पढ़ें: Gadar 2 एक्ट्रेस Ameesha Patel ने शादी के फैसले पर तोड़ी चुप्पी, बताई सिंगल रहने की वजह


उन्होंने कहा, "'धुरंधर' इस साल दुनिया में सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली नॉन-इंग्लिश फ़िल्म थी। यह दूसरी सभी नॉन-इंग्लिश फ़िल्मों से आगे रही और व्यूअरशिप के मामले में सिर्फ़ US और UK से पीछे रही।" जब उनसे पूछा गया कि क्या भारतीय फ़िल्मों और शो ने दक्षिण कोरिया के 'स्क्विड गेम' या स्पेन के 'मनी हाइस्ट' जैसा ग्लोबल कल्चरल असर डाला है, तो सारंडोस ने कहा कि लोग अक्सर पूछते हैं कि भारत में ऐसा बड़ा हिट मोमेंट कब आएगा, जबकि देश पहले से ही लगातार ग्लोबल लेवल पर सफल कंटेंट बना रहा है और ऐसे मोमेंट्स "हमेशा" होते रहते हैं।

नेटफ्लिक्स CEO ने ग्लोबल पहुंच के लिए भारतीय सिनेमा को मुख्य वजह बताया और कहा कि देश के "फ़िल्मों के विशाल, सुंदर, समृद्ध और लंबे इतिहास" के कारण, कोई भी स्थायी इंटरनेशनल असर "सिनेमा के ज़रिए ही आने की संभावना है।"
 

इसे भी पढ़ें: Shreya Kalra ने Lock Upp 2 जीतकर Shivangi Joshi को दिया नया नाम बैक 'स्टेप जोशी'


सारंडोस ने इस बात पर ज़ोर दिया कि 2024 से हर हफ़्ते नेटफ्लिक्स की ग्लोबल टॉप 10 लिस्ट में कोई न कोई भारतीय फ़िल्म या सीरीज़ शामिल रही है। उन्होंने कंटेंट को लोगों तक पहुँचाने में प्लेटफ़ॉर्म के एल्गोरिदम की भूमिका को सराहा और बताया कि इस साल भारतीय टाइटल्स को दुनिया भर में 3.5 बिलियन घंटे देखा गया है।

'धुरंधर' का पहला पार्ट दिसंबर 2025 में सिनेमाघरों में रिलीज़ हुआ था और बाद में मार्च 2026 में दूसरे पार्ट की रिलीज़ से पहले नेटफ्लिक्स पर डिजिटल रूप से आया।
सिनेमाघरों में चलने के बाद, इसका सीक्वल 'धुरंधर: द रिवेंज' भी स्ट्रीमिंग पर आया और अभी भारत में नेटफ्लिक्स और JioHotstar दोनों पर उपलब्ध है।
 
Entertainment News Hindi Today only at Prabhasakshi  

Continue reading on the app

  Sports

अजित आगरकर के कार्यकाल पर बोले Wasim Jaffer, नतीजों के दम पर Chief Selector को बताया पूरी तरह सफल

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजित आगरकर का कार्यकाल एक बार फिर चर्चा में है। हाल के महीनों में टीम चयन को लेकर कई सवाल उठे हैं, लेकिन पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर का मानना है कि अगर केवल नतीजों के आधार पर देखा जाए तो आगरकर का कार्यकाल सफल माना जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कुछ खिलाड़ियों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ और चयन प्रक्रिया में जो फैसले लिए गए, उन पर बहस होना स्वाभाविक है।

बता दें कि अजित आगरकर को जुलाई 2023 में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने मुख्य चयनकर्ता बनाया था। उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने एकदिवसीय प्रारूप के विश्व कप का फाइनल खेला, एशिया कप जीता, चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की और लगातार दो बार बीस ओवर विश्व कप जीतकर इतिहास रचा। सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम को कुछ बड़े झटके भी झेलने पड़े हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, आगरकर का कार्यकाल जून 2026 में समाप्त होना था, लेकिन बीसीसीआई ने उन्हें तीन महीने का विस्तार दिया था। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उन्हें आगे भी जिम्मेदारी मिलती है या नहीं।

अपने वीडियो में वसीम जाफर ने कहा कि किसी भी चयनकर्ता का मूल्यांकन अंत में टीम के प्रदर्शन और परिणामों के आधार पर किया जाता है। उनके अनुसार, भारत ने पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े खिताब जीते हैं, इसलिए इस नजरिए से आगरकर का कार्यकाल सफल कहा जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ खिलाड़ियों को लेकर लिए गए फैसलों ने सवाल जरूर खड़े किए हैं।

जाफर ने विशेष रूप से मोहम्मद शमी, सरफराज खान, अभिमन्यु ईश्वरन और औकिब नबी का जिक्र किया। उनका कहना था कि इन खिलाड़ियों के चयन और बाहर किए जाने को लेकर कई बार स्पष्टता नहीं दिखाई दी। उन्होंने कहा कि जब किसी खिलाड़ी को मौका नहीं मिलता या अचानक टीम में शामिल किया जाता है, तो उसके पीछे की वजह साफ होनी चाहिए। इससे खिलाड़ियों का भरोसा भी बना रहता है और चयन प्रक्रिया पर भी सवाल कम उठते हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में औकिब नबी को भारतीय टीम में स्थान मिला, जबकि इससे पहले उन्हें नजरअंदाज किया गया था। इसी तरह मोहम्मद शमी और सरफराज खान को लेकर भी लगातार चर्चाएं होती रही हैं। जाफर का मानना है कि इन मामलों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए ताकि खिलाड़ियों को अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट संदेश मिल सके।

वसीम जाफर ने भारतीय टीम की सफलता का बड़ा श्रेय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को भी दिया। उन्होंने कहा कि जब बुमराह टीम में होते हैं तो विरोधी टीम पर लगातार दबाव बना रहता है। वहीं जब वह किसी कारण से नहीं खेलते, तब भारतीय गेंदबाजी साधारण नजर आती है। इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के दौरान भी यह अंतर साफ दिखाई दिया है।

उन्होंने यह भी बताया कि चयन समिति में सभी सदस्य मिलकर फैसला लेते हैं। हालांकि मुख्य चयनकर्ता की राय महत्वपूर्ण होती है, लेकिन किसी खिलाड़ी के चयन पर सामूहिक चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाता है। जाफर का मानना है कि उपलब्धियों के आधार पर आगरकर का कार्यकाल सफल जरूर रहा है, लेकिन भविष्य में चयन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी तथा स्पष्ट बनाने की जरूरत भी बनी हुई हैं।
Fri, 07 Aug 2026 19:59:44 +0530

  Videos
See all

Delhi NCR Heavy Rain: दिल्ली के संगम विहार में भारी बारिश बनी आफत, सड़कों पर घुटनों पर भरा पानी ! #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-07T14:45:35+00:00

Iran Surrender to USA: क्या सच में अमेरिका के सामने झुक गया ईरान?US vs Iran Big Update | Geopolitics #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-07T14:45:10+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers