Ustaad Bhagat Singh Starcast Fees: पवन कल्याण से लेकर श्रीलीला तक, जानें किसको मिली कितनी रकम?
Ustaad Bhagat Singh Starcast Fees: सुपरस्टार पवन कल्याण (Pawan Kalyan) की कल, 19 मार्च को 'उस्ताद भगत सिंह' (Ustaad Bhagat Singh) फिल्म रिलीज हुई थी. इस मूवी की धुरंधर 2 (Dhurandhar 2) से बॉक्स ऑफिस पर टक्कर हुई है. उस्ताद भगत सिंह का बॉक्स ऑफिस पर बड़े बजट की मूवी से क्लैश होने के बावजूद भी अच्छा रिस्पॉन्स देखने को मिला है. पवन की मूवी को बड़ी संख्या में लोग थियेटर में देखने के लिए जा रहे हैं. उनकी एक्टिंग और एक्शन लोगों को बहुत पंसद है. जिसके चलते उनकी मूवी अच्छी कमाई भी करती है. साथ ही वो इसके लिए मोटी फीस भी वसूलते हैं- आइए जानते हैं कि उस्ताद भगत सिंह के लिए पवन कल्याण समेत बाकी की स्टारकास्ट ने कितनी फीस ली है-
पवन कल्याण (Pawan Kalyan)
सबसे पहले बता करतें हैं कि पवन कल्याण की उन्होंने उस्ताद भगत सिंह (Ustaad Bhagat Singh) में कितना चार्ज किया है. इस फिल्म में उनका रोल अहम ही नहीं बल्कि बहुत प्रभावशाली बताया जा रहा है. उन्होंने इसमें पुलिस ऑफिसर का रोल अदा किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक पवन ने 25 करोड़ रुपये फीस ली है. हालांकि, यह उनकी एवरेज फीस से कम हैं क्योंकि उनका चार्ज काफी ज्यादा है. कम पैसे लेने का पीछे का कारण बताया जा रहा है कि उनके फिल्म मेकर्स से अच्छे रिलेशन हैं. इसलिए उन्होंने इतना कम चार्ज किया है. पवन ने अपनी पिछली मूवी ओजी (OG) के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की मोटी फीस ली थी.
श्रीलीला (Sreeleela)
उस्ताद भगत सिंह में फीमेल लीड रोल निभाने वाली श्रीलीला (Sreelee) ने 2 से 3 करोड़ रुपये लिए हैं. इस फिल्म में उनका किरदार भी बहुत अहम है. इस मूवी के लिए उन्होंने कम फीस ली है क्योंकि पिछली फिल्म में उन्होंने करीब 4 करोड़ रुपये चार्ज किए थे. हालांकि इसके पीछे की जानकारी सामने नहीं आई है.
ये भी पढ़ें: TRP List: 'तारक मेहता का अल्टा चश्मा' ने लगाई छलांग, छिनी 'अनुपमा' की गद्दी, तो 'नागिन 7' का हुआ बेड़ा गर्क
राशि खन्ना (Raashii Khanna)
राशि खन्ना (Raashii Khanna) का भी फिल्म में अहम किरदार है. उन्होंने इस मूवी में काम करने के लिए 1.5-2 करोड़ वसूले हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, राशि ने कम फीस लेने के बारे में बताया था कि उन्होंने इस मूवी को पवन कल्याण के लिए किया है क्योंकि वो हमेशा से ही उनके साथ स्क्रीन शेयर करना चाहती थीं.
देवी श्री प्रसाद
देवी श्री प्रसाद ने उस्ताद भगत सिंह फिल्म के लिए गाने बनाएं है. रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने करीब 12 करोड़ रुपये चार्ज किए हैं. इसमें 'देख लेंगे साला' और 'ओरा ऑफ उस्ताद' सॉग्स शामिल हैं. बताते चलें कि इसमें दिए गए फीस के आंकड़े आधिकारिक नहीं हैं. मेकर्स या किसी कलाकार ने इस बारे में पुष्टि नहीं की है. सभी डाटा मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है.
फिल्म के बारे में और बजट
उस्ताद भगत सिंह एक एक्शन ड्रामा फिल्म है. इसमें दिखाया जाता है कि कैसे एक पुलिस ऑफिसर समाज में फैले करप्शन के खिलाफ लड़ता है. पवन कल्याण एक ऐसा किरदार अदा कर रहे हैं जो गलत कामों के खिलाफ डटकर खड़ा होता है और लोगों की मदद करता है. बता दें कि इस फिल्म का बजट करीब 150 रुपये बताया जा रहा है. वहीं इसके पहले दिन कमाई की बात करें तो इसने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर 31.50 करोड़ की कमाई की है. जबकि वर्ल्डवाइड कलेक्शन 37.50 करोड़ रुपये का किया है. धुरंधर 2 से भीड़ने के बाद भी इसका अच्छा कलेक्शन रहा है. उम्मीद की जा रही है कि फिल्म आगे भी अच्छा प्रदर्शन कर सकती है.
ये भी पढ़ें: कौन है 'Dhurandhar 2' की ये एक्ट्रेस? जिसकी वजह से जसकीरत सिंह से ‘हमजा’ बने रणवीर सिंह
Zomato Hike Platform Fees: जोमैटो से खाना मंगाना पड़ेगा महंगा, इतनी बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस
Zomato Hike Platform Fees: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है. जहां एक तरफ ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन फूड डिलीवरी भी महंगी हो गई है. देश की प्रमुख फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो ने अपने प्लेटफॉर्म शुल्क में इजाफा कर ग्राहकों को झटका दिया है.
कितनी बढ़ी प्लेटफॉर्म फीस?
नई दरों के मुताबिक, जोमैटो ने प्रति ऑर्डर प्लेटफॉर्म फीस को 12.50 रुपये से बढ़ाकर 14.90 रुपये कर दिया है. यानी हर ऑर्डर पर ग्राहकों को अब पहले से 2.40 रुपये अधिक चुकाने होंगे. यह पहली बार नहीं है जब कंपनी ने फीस बढ़ाई है. इससे पहले सितंबर 2025 में भी प्लेटफॉर्म चार्ज में संशोधन किया गया था.
स्विगी से बराबरी की टक्कर
इस बढ़ोतरी के बाद Zomato की फीस अब लगभग Swiggy के बराबर हो गई है, जो पहले से ही करीब 14.99 रुपये (टैक्स सहित) प्रति ऑर्डर वसूल रही है. दोनों कंपनियों के शुल्क समान होने से ग्राहकों के लिए विकल्प तो हैं, लेकिन सस्ता विकल्प चुनना अब पहले जितना आसान नहीं रहा.
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
इस बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ा कारण ईंधन की बढ़ती कीमतें हैं। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से:
- डिलीवरी पार्टनर्स की लागत बढ़ती है
- लॉजिस्टिक्स महंगे हो जाते हैं
- रेस्टोरेंट्स पर भी अतिरिक्त खर्च का दबाव आता है
ऐसे में कंपनियां अपने ऑपरेशनल खर्च को संतुलित करने के लिए प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाने का सहारा लेती हैं.
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
भले ही 2-3 रुपये की बढ़ोतरी छोटी लगे, लेकिन इसका असर हर ऑर्डर के कुल बिल पर पड़ता है. पहले से ही:
- डिलीवरी चार्ज
- पैकेजिंग फीस
- टैक्स जैसे कई अतिरिक्त शुल्क ग्राहकों को चुकाने पड़ते हैं. अब प्लेटफॉर्म फीस बढ़ने से फूड ऑर्डर करना और महंगा हो गया है.
बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
दिलचस्प बात यह है कि यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब फूड डिलीवरी सेक्टर में प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है. हाल ही में रैपिडो ने बेंगलुरु में अपनी नई फूड डिलीवरी सेवा ‘ओनली’ शुरू की है. रैपिडो का दावा है कि वह ग्राहकों और रेस्टोरेंट्स से डिलीवरी चार्ज के अलावा कोई अतिरिक्त फीस नहीं लेगा. यह मॉडल मौजूदा कंपनियों के लिए चुनौती बन सकता है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation


















