तेल संकट के बीच 2.30 रुपए महंगा हुआ पेट्रोल, जानें किन लोगों पर पड़ेगा असर
Premium Petrol Price Hike: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब भारत में भी दिखने लगा है. 20 मार्च से प्रीमियम पेट्रोल के दाम में 2 से 2.30 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी गई है. हालांकि राहत की बात यह है कि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है.
इंडस्ट्रियल डीजल में भी 22 रुपए की बढ़ोतरी
इसके साथ ही इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने इंडस्ट्रियल डीजल 87.57 से बढ़ाकर 109.59 प्रति लीटर किया है. यानी इंडस्ट्रियल डीजल में भी 22 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
किन ईंधनों की कीमत बढ़ी?
इस बार बढ़ोतरी खासतौर पर प्रीमियम या ब्रांडेड पेट्रोल पर लागू की गई है. इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- HPCL का पावर पेट्रोल
- IOCL का XP95
ये ईंधन हाई-परफॉर्मेंस इंजन के लिए बनाए जाते हैं और बेहतर माइलेज व स्मूथ ड्राइविंग अनुभव देने के लिए जाने जाते हैं. ऐसे में इनका उपयोग आमतौर पर लग्जरी या हाई-एंड गाड़ियों में ज्यादा होता है. देश की प्रमुख तेल कंपनियों HPCL, BPCL और IOCL ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे खासतौर पर प्रीमियम पेट्रोल के दाम में बड़ा उछाल देखने को मिला है. इस बदलाव के बाद महानगरों में पेट्रोल की कीमतें नए स्तर पर पहुंच गई हैं.
क्यों बढ़े दाम?
इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे तेल की उपलब्धता पर दबाव बना है. जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होता है, तो इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल के दामों पर पड़ता है.
आम और प्रीमियम पेट्रोल में अंतर
सामान्य पेट्रोल की तुलना में प्रीमियम पेट्रोल में ऑक्टेन रेट ज्यादा होता है. इसका मतलब है:
- इंजन की बेहतर परफॉर्मेंस
- कम नॉकिंग (धक्का लगना)
- बेहतर माइलेज
इसी कारण प्रीमियम पेट्रोल की कीमत सामान्य पेट्रोल से पहले ही अधिक होती है और अब इसमें और बढ़ोतरी से इसका इस्तेमाल और महंगा हो गया है.
किन लोगों पर पड़ेगा असर?
हालांकि आम पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन जिन लोगों की गाड़ियां प्रीमियम ईंधन पर निर्भर हैं, उनके खर्च में सीधा इजाफा होगा. खासतौर पर मेट्रो शहरों में यह असर ज्यादा महसूस किया जाएगा. कई लग्जरी वाहनों में प्रीमियम पेट्रोल ही डलवाया जाता है. लिहाजा ऐसे वाहन चलाकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा.
दिल्ली में फिलहाल:
- पेट्रोल: 94.77 रुपए प्रति लीटर
- डीजल: 87.67 रुपए प्रति लीटर
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा चलता है, तो आने वाले समय में सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी बदलाव संभव है. फिलहाल सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए बेसिक ईंधन की कीमतों को स्थिर रखा है.
प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी एक संकेत है कि वैश्विक घटनाएं सीधे तौर पर हमारी जेब पर असर डालती हैं आने वाले दिनों में तेल बाजार की स्थिति पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा, क्योंकि इसका असर न केवल ईंधन बल्कि महंगाई के अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है.
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सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स व सिमुलेशन को लेकर आईआईटी ने लांच किए नए पाठ्यक्रम
नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स टेक्नोलॉजी, कंप्यूटेशनल इंजीनियरिंग और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में आईआईटी मद्रास नए पाठ्यक्रम लेकर आया है। आईआईटी मद्रास ने उभरती तकनीकों और नीति-निर्माण के क्षेत्र में इन नए पोस्ट ग्रेजुएट कार्यक्रमों की शुरुआत की है।
इन कार्यक्रमों में पब्लिक पॉलिसी में एम.ए भी शामिल है। वहीं छात्र सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स टेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स के नए आयाम में अपना करियर बना सकते हैं। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को बहु-विषयक ज्ञान और आधुनिक कौशल से लैस करना है, ताकि वे शासन, उद्योग और तकनीक से जुड़ी जटिल चुनौतियों का प्रभावी समाधान कर सकें। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर वी कामकोटि मुताबिक ये कार्यक्रम देश और उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इन पाठ्यक्रमों में पारंपरिक इंजीनियरिंग के साथ आधुनिक तकनीकों का समावेश किया गया है, जिससे भविष्य के लिए युवाओं को प्रशिक्षित किया जा सके। सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स टेक्नोलॉजी में एम.टेक कार्यक्रम भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मजबूती देने के लिए तैयार किया गया है। यह पाठ्यक्रम छात्रों को सेमीकंडक्टर के मूल सिद्धांतों और निर्माण तकनीकों का गहन ज्ञान देगा। विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर सुब्रमण्या शर्मा वी के मुताबिक, यह कार्यक्रम देश के सेमीकंडक्टर मिशन के लिए विशेषज्ञ तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वहीं रोबोटिक्स में एम.टेक कार्यक्रम रोबोटिक्स और इंटेलिजेंट ऑटोमेशन के विशेषज्ञ तैयार करेगा। इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को अत्याधुनिक लेबोरेटरी में प्रैक्टिकल व प्रशिक्षण के साथ-साथ उन्नत रोबोटिक प्रणालियों के डिजाइन और अनुप्रयोग की जानकारी दी जाएगी। आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर आर जयगणंथन का कहना है कि यह कार्यक्रम छात्रों को मैन्युफैक्चरिंग, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वायत्त प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में नवाचार करने के लिए तैयार करेगा।
पब्लिक पॉलिसी के जरिए आईआईटी मद्रास छात्रों को सरकार और संस्थाओं की नीतियों के बारे में बताता है। यहां बताया जाएगा कि सरकारें कैसे जटिल सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए नीतियां बनाती और लागू करती हैं। इस पाठ्यक्रम में पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, परिवहन और अंतरराष्ट्रीय संबंध जैसे विषयों को शामिल किया गया है। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राजेश कुमार के अनुसार, यह कार्यक्रम छात्रों में नेतृत्व कौशल विकसित करेगा।
इससे वे सरकार, शोध संस्थानों और निजी क्षेत्र में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे। कंप्यूटेशनल इंजीनियरिंग फॉर मैकेनिकल सिस्टम्स में एम.टेक कार्यक्रम इंजीनियरों को सिमुलेशन-आधारित नए युग के लिए तैयार करेगा। इसमें मशीन लर्निंग, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और उन्नत संख्यात्मक विधियों का उपयोग करते हुए जटिल यांत्रिक प्रणालियों के डिजाइन और अनुकूलन पर जोर दिया जाएगा। प्रोफेसर सी बालाजी के मुताबिक, यह कार्यक्रम छात्रों को डेटा-आधारित और भौतिकी-आधारित तकनीकों के संयोजन से वास्तविक समस्याओं का समाधान करने में सक्षम बनाएगा।
इन नए कार्यक्रमों के माध्यम से आईआईटी मद्रास बहु-विषयक शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसका उद्देश्य देश की तकनीकी, औद्योगिक तथा नीतिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना है।
--आईएएनएस
जीसीबी/एएस
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