किताबों की दादी मां! 100 रुपये में दे रहीं शिक्षा का खजाना, हजारों बच्चों की बनीं सहारा
Ambikapur book bank Story : अंबिकापुर की 62 वर्षीय प्रेमलता गोयल पिछले 20 वर्षों से जरूरतमंद छात्रों के लिए मिसाल बनी हुई हैं. उन्होंने अपने बुक बैंक के जरिए एलकेजी से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक की पुरानी किताबें इकट्ठा कर बच्चों को लगभग मुफ्त में उपलब्ध कराई हैं. वे केवल 100 रुपये सुरक्षा राशि लेती हैं, ताकि किताबें सुरक्षित लौट सकें. इस पहल की शुरुआत उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई में आई दिक्कतों से प्रेरित होकर की थी. आज उनके बुक बैंक से कई शहरों के छात्र लाभ उठा चुके हैं. प्रेमलता के लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब बच्चे और अभिभावक मुस्कुराते हुए किताबें लेकर जाते हैं.
बच्चे की क्रिएटिविटी ने मचाया तहलका, आ गया चिट्टी का नया वर्जन, देख रोबोट भी करेगा तारीफ!
Viral Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बच्चे की जबरदस्त क्रिएटिविटी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए हैं. वीडियो में बच्चा ऐसी अनोखी कलाकारी करता नजर आ रहा है, जिसे देखकर लोग उसे “चिट्टी का नया वर्जन” कह रहे हैं. इस वीडियो को इंटरनेट पर खूब पसंद किया जा रहा है और लोग इसे तेजी से शेयर भी कर रहे हैं. कई यूजर्स ने कमेंट में लिखा कि “अगर ऐसा टैलेंट अभी है, तो आगे क्या कमाल करेगा,” वहीं कुछ ने इसे भविष्य का जीनियस बताया.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18












/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)








