यश की 'Toxic' कर्नाटक में करेगी अब तक की सबसे बड़ी रिलीज, मेकर्स ने बनाया मेगा डिस्ट्रीब्यूशन प्लान
Toxic: साउथ सुपरस्टार यश (Yash) की मच अवेटेड फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स' को लेकर फैंस के बीच काफी लंबे समय से बज बना हुआ है. फिल्म के पोस्टर्स, टीजर और गानों के बाद फैंस को ट्रेलर का बेसब्री से इंतजार है, जो 8 अगस्त को रिलीज किया जाएगा. इससे पहले अब फिल्म को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. मेकर्स इसे कर्नाटक में अब तक की सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज करने की तैयारी में है.
कर्नाटक में इतिहास रचेगी टॉक्सिक
टॉक्सिक कर्नाटक में अब तक की सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज की जाएगी. मेकर्स का प्लान ये है कि फिल्म कर्नाटक के बॉक्स ऑफिस इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग हासिल करे. ये फिल्म पूरे राज्य में रिकॉर्ड तोड़ स्क्रीन और शोज की संख्या के साथ रिलीज की जाएगी. वहीं, बेंगलुरु में पहले दिन रिकॉर्डतोड़ स्क्रीनिंग्स देखने को मिलेंगी, जो थिएट्रिकल एग्जिबिशन के लिए एक नया बेंचमार्क सेट करेंगी.
मेकर्स ने बनाया मेगा डिस्ट्रीब्यूशन प्लान
'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' का निर्माण KVN प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस ने मिलकर किया है. खास बात ये है कि कर्नाटक में फिल्म की रिलीज और वितरण की जिम्मेदारी भी यही दोनों प्रोडक्शन हाउस संभालेंगे. इससे साफ है कि मेकर्स फिल्म को बड़े स्तर पर रिलीज करने की तैयारी में हैं. माना जा रहा है कि ये कर्नाटक में किसी भी भारतीय फिल्म की सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज में से एक होगी.
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दो भाषाओं में शूट हुई फिल्म
गीतु मोहनदास द्वारा लिखित और निर्देशित इस फिल्म की शूटिंग कन्नड़ और इंग्लिश में एक साथ की गई है और इसे कन्नड़, हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम में रिलीज किया जाएगा. वहीं, यश ने इससे पहले फिल्म को एक साथ दो भाषाओं में शूट करने के पीछे की वजह बताई थी. उन्होंने कहा था- 'टॉक्सिक को एक साथ इंग्लिश और कन्नड़ में शूट किया गया था ताकि इंटरनेशनल दर्शक बिना भाषा की रुकावट के कहानी को एक्सीरियंस कर सके.' यश ने बताया कि टॉक्सिक की टीम चाहती थी कि फिल्म अपनी कहानी में यूनिवर्सल लगे और साथ ही अपनी इमोशनल असलियत भी बनाए रखे.
बार-बार टली फिल्म की रिलीज
बता दें, सबसे पहले टॉक्सिक 19 मार्च 2026 में रिलीज होने वाली थी. फिर फिल्म की रिलीज बढ़कर 4 जून की गई. लेकिन इसके बाद फिर से रिलीज को टाल दिया गया था. टॉक्सिक के पोस्टपोन होने के बारे में यश ने कहा था कि ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन और पार्टनरशिप को अंतिम रूप देने के लिए फिल्म को टाला गया था. वहीं, अब ये फिल्म 26 अगस्त को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी.
कब रिलीज होगा टॉक्सिक का ट्रेलर?
आपको बता दें कि टॉक्सिक का मोस्ट अवेटेड ट्रेलर 8 अगस्त को रिलीज होगा. ट्रेलर का भव्य लॉन्च बेंगलुरु में होगा, जो यश और केवीएन प्रोडक्शंस का होम स्टेट भी है. 8 अगस्त की तारीख एक और खास वजह से यादगार है, क्योंकि इसी दिन ‘टॉक्सिक’ की शूटिंग शुरू हुए पूरे दो साल पूरे हो जाएंगे. ऐसे में मेकर्स ने ट्रेलर रिलीज के लिए इसी डेट को चुना है.
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बढ़ेगी इंफ्लुएंसर्स की Reach और कमाई? Meta की माफी और सरकार की बैठक... एल्गोरिदम पर बड़ा सवाल?
Meta algorithm update: फेसबुक और इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम को लेकर सरकार और Meta के बीच तनातनी जारी है. बीते कल में मेटा ने पीएम मोदी की वीडियो सोशल मीडिया से हटाने पर माफी मांगी है. अब दोनों पक्षों के बीच में बातचीत के बाद सोशल मीडिया क्रिएटर्स आने वाले समय में प्लेटफॉर्म का कंटेंट रैंकिंग सिस्टम में ज्यादा पारदर्शी और बेहतर होने की उम्मीद कर रहे हैं.
बता दें इसका असर उन लोगों पर भी पड़ सकता है जो Instagram और Facebook से कमाई करते हैं. जानकारी के मुताबिक सरकार और Meta के बीच हाल की बातचीत में एल्गोरिदम के साथ-साथ डीपफेक, हानिकारक कंटेंट, बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट और बॉट्स जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई है. सूत्रों के मुताबिक Meta ने कुछ क्षेत्रों में अपनी व्यवस्था मजबूत करने की भी बात कही है.
News Alert ! Meta team admitted to serious issues; said working very hard to address deepfakes, CSAM, bots: Govt sources post-meeting with global execs.
— Press Trust of India (@PTI_News) August 6, 2026
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक एल्गोरिदम सिस्टम काफी हद तक तय करता है कि किसी यूजर को उसकी Feed या Reels में कौन-सा कंटेंट दिखाई देगा. यानी किसी वीडियो को ज्यादा लोगों तक पहुंच मिलेगी या वह कुछ ही लोगों तक सीमित रह जाएगा. हाल ही में सोशल मीडिया से पीएम मोदी की वीडियो हट, इससे पहले भी मेटा के काम करने के तरीके और एल्गोरिदम सिस्टम पर सवाल उठते रहे हैं. ऐसे में अब सरकार चाहती है कि भारत में काम कर रहे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भारतीय कानूनों और नियमों के हिसाब से काम करें. बता दें हाल ही में इसी सिलसिले में Meta के अधिकारियों के साथ सरकार की बातचीत हुई है.
एल्गोरिदम सुधरा तो क्या बदलेगा?
इसका फायदा खास तौर पर छोटे क्रिएटर्स को हो सकता है, जिनके पास बड़े फॉलोअर्स नहीं हैं लेकिन उनका कंटेंट लोगों को पसंद आता है. दरअसल, होगा ये कि अगर Meta अपने सिस्टम में सुधार करता है और कंटेंट की पहचान तथा रैंकिंग को ज्यादा बेहतर बनाता है तो अच्छी क्वालिटी वाले ओरिजिनल कंटेंट को सही ऑडियंस तक पहुंचने का मौका बढ़ सकता है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर इंफ्लुएंसर की Reel वायरल होने लगेगी. या वीडियो की क्वालिटी, लोगों की रुचि, वॉच टाइम, शेयर और दूसरे कई संकेत आगे भी महत्वपूर्ण रहेंगे.
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