Responsive Scrollable Menu

Patanjali Ayurved: पतंजलि के आयुर्वेदिक नुस्खें क्यों बन रहे हैं लोगों की पहली पसंद? जानें सेहत सुधारने का नेचुरल तरीका

Patanjali News: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास खुद के लिए समय बहुत कम बचता है. अनियमित दिनचर्या, तनाव और खराब खान-पान की वजह से स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में फिट रहना किसी चुनौती से कम नहीं है. यही कारण है कि अब लोग अपनी सेहत को बेहतर बनाने के लिए नए-नए तरीके अपनाने लगे हैं. जिम जाना. डाइट प्लान फॉलो करना और दवाइयों का सहारा लेना आम हो गया है. लेकिन इन सबके बीच अब एक बड़ा बदलवा देखने को मिल रहा है. लोग धीरे-धीरे फिर से पुराने और प्राकृतिक उपायों की ओर लौट रहे हैं. इसी कणी में पतंजली आयुर्वेद ने आयुर्वेद को आम लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है. योग गुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण द्वारा शुरू की गई इस पहल ने हेल्थ सेक्टर में एक नई दिशा दी है.

नेचुरल चीजों से तैयार होते हैं प्रोडक्ट्स

पतंजलि का मानना है कि सही सेहत का राज प्रकृति में ही छिपा है. इसलिए उनके अधिकतर प्रोडक्ट्स जड़ी-बूटियों, आंवला, अश्वगंधा और शहद जैसी प्राकृतिक चीजों से बनाए जाते हैं. ये तत्व शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं. इनका उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं बल्कि शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाना भी है. यही वजह है कि लोग अब केमिकल वाले प्रोडक्ट्स की बजाय नेचुरल विकल्पों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. 

कम साइड इफेक्ट, ज्यादा भरोसा

आजकल लोग दवाइयों के साइड इफेक्ट से भी परेशान रहते हैं. ऐसे में आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स एक सुरक्षित विकल्प के रूप में सामने आए हैं. पतंजलि का दावा है कि उनके उत्पादों में हानिकारक केमिकल्स का इस्तेमाल नहीं होता, जिससे साइड इफेक्ट का खतरा कम रहता है. यही भरोसा लोगों को इन प्रोडक्ट्स की ओर आकर्षित कर रहा है. खासकर वे लोग जो लंबे समय तक हेल्दी रहना चाहते हैं, वे आयुर्वेद को अपना रहे हैं.

पर्यावरण के प्रति भी जिम्मेदारी

पतंजलि केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि पर्यावरण का भी ध्यान रखने की बात करता है. कंपनी के अनुसार, उनके प्रोडक्ट्स ऐसे प्राकृतिक संसाधनों से बनाए जाते हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान न हो. इसके साथ ही योग और ध्यान को भी आयुर्वेद के साथ जोड़कर देखा जाता है. जब शरीर और मन दोनों संतुलन में होते हैं, तभी असली स्वास्थ्य मिलता है.

पतंजलि आयुर्वेद क्यों बन रही हैं लोगों की पसंद? 

आज आयुर्वेद केवल भारत तक सीमित नहीं है. दुनियाभर में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है. लोग अब अपने स्वास्थ्य को सुधारने के लिए सुरक्षित और प्राकृतिक तरीकों की तलाश में हैं. इसी वजह से आयुर्वेदिक इंडस्ट्री भी तेजी से आगे बढ़ रही है. पतंजलि जैसे ब्रांड्स ने इस बदलाव को और तेज किया है. कुल मिलाकर, बदलती लाइफस्टाइल के बीच आयुर्वेद एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरा है. लोग अब समझने लगे हैं कि प्राकृतिक तरीके से ही लंबे समय तक स्वस्थ रहा जा सकता है. 

यह भी पढ़ें: Patanjali Baby Massage Oil: नवजात शिशुओं के लिए खास जड़ी-बूटियों से बना है पतंजलि शिशु केयर ऑयल, जानें इसके फायदे

Continue reading on the app

मानवाधिकार संगठनों का बांग्लादेश के पीएम से आग्रह: 'पत्रकारों को रिहा कराएं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बहाल करें'

ढाका, 19 मार्च (आईएएनएस)। कई मानवाधिकार संगठनों ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को पत्र लिखकर उनसे मानवाधिकारों की रक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है।

एक संयुक्त पत्र में, कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स और आठ अन्य मानवाधिकार संगठनों ने बांग्लादेश सरकार से मीडिया की आजादी को बनाए रखने, हिरासत में लिए गए पत्रकारों को रिहा करने, और देश के साइबर अपराध कानूनों—जिनमें डिजिटल सुरक्षा अधिनियम और साइबर सुरक्षा अधिनियम शामिल हैं—के तहत पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा करने का आग्रह किया।

पत्र में पूर्व मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौर में जारी किए गए कुछ अध्यादेशों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया गया है।

पत्र में कहा गया, पत्रकार, संगीतकार, कलाकार और लेखक—के साथ अन्य लोग—भी हिंसक भीड़ और समूहों के हमलों और धमकियों का सामना करते हैं; ये समूह उन्हें चुप कराना चाहते हैं या उनके खिलाफ परेशान करने वाली कानूनी कार्रवाई करते हैं। आपकी सरकार को न केवल यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कानून अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार को बनाए रखे, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि बांग्लादेश में हर व्यक्ति हिंसा या कानून के दुरुपयोग का दंश न झेले।

हस्ताक्षरकर्ताओं ने मनमानी निगरानी, ​​सेंसरशिप और इंटरनेट बंद करने की घटनाओं को समाप्त करने का आह्वान किया, और साथ ही सरकार से मीडिया सुधार आयोग की उन सिफारिशों को लागू करने का आग्रह किया जो प्रेस की स्वतंत्रता पर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं।

उन्होंने दिसंबर 2025 में अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान, बांग्लादेशी पत्रकारों और समाचार संस्थानों—जिनमें प्रथम आलो और डेली स्टार शामिल हैं—पर हुए हमलों की त्वरित और निष्पक्ष जांच की भी मांग की।

हस्ताक्षरकर्ताओं ने सुझाव दिया कि ऐसे मामलों की जांच और भविष्य में होने वाले दुर्व्यवहार को रोकने के लिए एक मजबूत और स्वतंत्र राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का होना अत्यंत आवश्यक है।

अंतरिम सरकार के अधीन बड़े पैमाने पर मनमानी हिरासत की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारों की गिरफ्तारियां और उन पर हुए हमलों के कारण अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लगातार खतरे में बनी रही।

पत्र में आगे कहा गया, भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा में हुई वृद्धि ने कानून के शासन के समक्ष चुनौती खड़ी कर दी, जिससे विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय खतरे में पड़ गए। ऐसे माहौल में, जहां धार्मिक समूह महिलाओं और लड़कियों की आजादी को सीमित करना चाहते हैं, उनके अधिकारों की रक्षा किया जाना अत्यंत आवश्यक है। सुरक्षा बल लगातार मानवाधिकारों का उल्लंघन करते रहे हैं, जैसे कि चटगांव में लोगों के साथ मारपीट या उन्हें यातना देना।

हस्ताक्षरकर्ताओं ने सरकार से आग्रह किया कि वह अपने कार्यकाल का उपयोग, व्यवस्थित सुधारों और जवाबदेही को बढ़ावा देकर, सकारात्मक बदलाव की एक ऐसी विरासत बनाने में करे जिसे लंबे समय तक याद रखा जा सके।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

करदाता ध्यान दें, 1 अप्रैल से लागू होंगे इनकम टैक्स से जुड़े कई नए नियम, पढ़ें पूरी खबर 

करदाताओं लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) ने इनकम टैक्स नियम 2026 (Income Tax Rules) को अधिसूचित किया है। 1 अप्रैल 2026 से कई बड़े बदलाव होने वाले हैं। इसमें इनकम टैक्स फाइलिंग को आसान बनाना, पीएफ, एचआरए और शिक्षा भत्तेपर मिलने वाली छूट में वृद्धि और कैपिटल गेन … Sat, 21 Mar 2026 21:03:44 GMT

  Videos
See all

Rashtra Sarvopari: नहीं रुकेगी Iran-Israel War! | Trump | Mojtaba Khamenei | Pakistan | PM Modi #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-21T16:04:08+00:00

Jammu University में जिन्ना का जिन्न | Muhammad Ali Jinnah Chapter | Kashmir | Latest News #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-21T16:00:58+00:00

Iran America War Update: ईरान ने US को दिया सबसे बड़ा जख्म | qatar gas plant attack | Trump | N18G #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-21T16:05:00+00:00

News Ki Pathshala | Sushant Sinha: युद्ध से साढ़े 4 करोड़ लोगों के भूखमरी की चपेट में आने का खतरा ? #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-21T16:01:19+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers