मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने प्राथमिक शिक्षक नियोजन 2026 के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों के लिए एक अहम सूचना जारी की है। पारिवारिक, सामाजिक, चिकित्सीय या अन्य व्यक्तिगत कारणों से अपने आवंटित जिले में कार्यभार ग्रहण करने में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए विभाग ने “परस्पर जिला परिवर्तन सुविधा”देने का निर्णय लिया है।
लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशानुसार, शिक्षक इस सुविधा (Mutual District Transfer) के तहत आगामी 10 और 11 अगस्त 2026 को टीआरसी (TRC) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे लेकिन यह परिवर्तन केवल समान प्रवर्ग (समान कैटेगरी) के दो अभ्यर्थियों के बीच ही संभव होगा। इसके लिए दोनों अभ्यर्थियों की स्वैच्छिक एवं लिखित सहमति अनिवार्य है। आपसी सहमति पत्र (Mutual Consent Letter) को टीआरसी पोर्टल पर अपलोड करना होगा। बता दें कि आरक्षित और अनारक्षित के बीच में परस्पर जिला परिवर्तन नहीं होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह परिवर्तन केवल समान प्रवर्ग के अभ्यर्थियों के मध्य ही संभव होगा।
ध्यान रहे एक बार आवेदन लॉक होने के बाद बदलाव नहीं किया जा सकेगा। जिला परिवर्तन आवंटित शाला (स्कूल) सहित ही होगा। केवल शाला परिवर्तन का विकल्प नहीं मिलेगा। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को 13 अगस्त 2026 को संयुक्त शपथ पत्र और अपने पहचान पत्र के साथ संचालनालय (DPI) में उपस्थित होकर अपनी सहमति प्रस्तुत करनी होगी।
सक्षम प्राधिकारी द्वारा दस्तावेजों के परीक्षण और पात्रता की पुष्टि के बाद ही अंतिम स्वीकृति दी जाएगी। अंतिम निर्णय लोक शिक्षण आयुक्त का होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया से किसी अन्य अभ्यर्थी के अधिकार, चयन, मेरिट या आरक्षण व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी पात्र अभ्यर्थियों से केवल वास्तविक आवश्यकता होने पर ही इस सुविधा का उपयोग करने की अपील की गई है।
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रात में एक बार पेशाब के लिए उठना, पानी पीने की आदत, उम्र या कुछ दवाओं की वजह से सामान्य माना जा सकता है। लेकिन अगर रात में दो या इससे ज्यादा बार पेशाब के लिए उठते हैं और इससे आपकी नींद प्रभावित होती है, तो इसको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मेडिकल साइंस में इस स्थिति को नोक्टूरिया कहा जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक नोक्टूरिया बीमारी नहीं है, लेकिन यह कई सेहत संबंधी समस्याओं की शुरूआत का संकेत हो सकती है। लगातार नींद टूटने से होने वाली थकान, गिरने का खतरा, ध्यान में कमी और जीवन की गुणवत्ता पर भी इसका असर पड़ सकती है।
क्यों बढ़ती है रात में पेशाब की इच्छा
रात को शरीर एंटीड्यूरेटिक हार्मोन ज्यादा मात्रा में बनाता है। जिससे किडनी कम मात्रा में यूरिन बनाती है और नींद के दौरान बार-बार आपको पेशाब जाने की जरूरत पड़ती है। लेकिन हार्मोनल बदलाव, उम्र बढ़ने, कुछ बीमारियों या दवाओं की वजह से यह प्रोसेस प्रभावित हो सकता है। वहीं रात में कैफीन, ज्यादा तरल पदार्थ लेने या शराब आदि के सेवन भी बार-बार पेशाब आने की वजह बन सकता है।
डायबिटीज हो सकती है वजह
अगर बार-बार पेशाब जाने के अलावा बार-बार भूख लगना, ज्यादा प्यास लगना और वेट लॉस जैसे लक्षण हों, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है। जब ब्लड शुगर बढ़ जाता है, तो शरीर एक्स्ट्रा ग्लूकोज को यूरिन के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है। जिससे बार-बार पेशाब आता है।
नींद से जुड़ी बीमारी
कई लोगों को ऐसा लगता है कि स्लीप एपनिया सिर्फ खर्राटों की बीमारी है। यह नोक्टूरिया से भी जुड़ी हो सकती है। स्लीप एपनिया के दौरान बार-बार सांस रुकती है। इस कारण शरीर ऐसे हार्मोन छोड़ता है, जो यूरिन बनने की मात्रा बढ़ा सकते हैं। अगर रात में पेशाब के साथ सांस रुकना, तेज खर्राटे या दिन भर नींद आना भी हो तो भी स्लीप एपनिया की जांच कराना चाहिए।
ओवरएक्टिव ब्लैड
ओवरएक्टिव ब्लैडर में मूत्राशय सामान्य से ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। ऐसे में अधिकतर मोटे लोगों में थोड़ी मात्रा में यूरिन जमा होने पर भी पेशाब की तीव्र इच्छा महसूस हो सकती है। इसमें व्यक्ति को बार-बार पेशाब आना, अचानक तेज पेशाब लगना, रात में कई बार उठना और कई बार पेशाब पर कंट्रोल न रहना जैसे लक्षण महसूस होते हैं।
हार्ट या किडनी की बीमारी
दिन भर पैरों में जमा एक्स्ट्रा तरल पदार्थ रात के समय लेटने पर दोबारा ब्लड फ्लो में लौटता है। जिसके बाद किडनी ज्यादा यूरिन बनाने लगती है। इससे रात में बार-बार पेशाब की समस्या हो सकती है। यह समस्या विशेष रूप से क्रॉनिक किडनी डिजीज, हार्ट फेल्योर या पैरों में सूजन वाले लोगों में देखी जा सकती है।
पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ना
50 साल से ज्यादा उम्र के पुरुषों में बढ़ा हुआ प्रोस्टेट रात में बार-बार पेशाब जाने की समस्या सामान्य हो सकती है। लेकिन महिलाओं में यह वजह नहीं होती है, लेकिन पुरुषों के लिए यह सबसे आम वजहों में से एक है।
हालांकि बार-बार रात में पेशाब आना हमेशा सामान्य नहीं होता है। यह किडनी या हार्ट की बीमारी, डायबिटीज, ओवरएक्टिव ब्लैडर, स्लीप एपनिया या अन्य सेहत संबंधी समस्याओं का शुरूआती संकेत हो सकता है। अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है, या अन्य चेतावनी वाले लक्षण दिखते हैं, तो समय रहते डॉक्टर से जांच जरूर कराएं। सही वजह पता लगकर इलाज शुरू करने से न सिर्फ नींद बेहतर होती है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान भी हो सकती है।
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