अमेरिकी फेड के फैसले के बाद सोने में गिरावट, चांदी 2.45 लाख रुपए के नीचे फिसली
मुंबई, 19 मार्च (आईएएनएस)। सोने और चांदी में गुरुवार के कारोबार सत्र में गिरावट देखने को मिली। इससे सोने का दाम 1.52 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब और चांदी की कीमत 2.45 लाख रुपए प्रति किलो के नीचे फिसल गई है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 10:21 पर सोने का 2 अप्रैल 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 0.62 प्रतिशत या 953 रुपए की गिरावट के साथ 1,52,072 रुपए पर था।
अब तक के कारोबार में सोने ने 1,51,712 का न्यूनतम स्तर और 1,53,025 रुपए का उच्चतम स्तर बनाया है।
चांदी में भी कमजोरी बनी हुई है। चांदी का 5 मई, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 3,945 रुपए या 1.59 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,44,249 रुपए पर था।
अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,43,083 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,45,387 रुपए का उच्चतम स्तर छूआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी में अधिक कमजोरी देखी जा रही है। खबर लिखे जाने तक,सोना 0.92 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,850 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.42 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75.735 डॉलर प्रति औंस पर थी।
सोने में गिरावट की वजह अमेरिकी फेड के फैसले को माना जा रहा है। बुधवार को अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों को लगातार दूसरी बार यथावत रखा था।
मौजूदा समय में अमेरिका में ब्याज दरें 3.5 प्रतिशत से लेकर 3.75 प्रतिशत के बीच में है।
इससे पहले अमेरिकी फेड ने सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर 2025 में ब्याज दरों में कटौती की थी।
वीटी मार्केट्स में वरिष्ठ बाजार विश्लेषक - एपीएसी जस्टिन खू ने कहा कि फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को 3.5 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत पर बनाए रखने का निर्णय भू-राजनीतिक झटके और लगातार बढ़ती मुद्रास्फीति से जूझ रही समिति को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि फेड चेयरमैन पॉवेल ने पुष्टि की कि कई अधिकारियों ने अपने पूर्वानुमानों को दो कटौती से घटाकर केवल एक कटौती पर कर दिया है। यह बदलाव मुद्रास्फीति के अनुमानों में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि के बाद हुआ है, जो मुख्य रूप से तीन सप्ताह से चल रहे ईरान युद्ध और वैश्विक तेल बाजार पर इसके प्रभाव के कारण है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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कतर में हमले से भड़के ट्रंप ने ईरान को दी तबाह करने की चेतावनी, बोले-हिचकिचाऊंगा नहीं
वॉशिंगटन, 19 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े पार्स गैस फील्ड पर भीषण हमला किया है। साउथ पार्स दुनिया की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस फील्ड मानी जाती है। वहीं, जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कतर की मेन गैस फैसिलिटी पर बड़ा हमला किया है। ईरान के इस हमले में कतर को भारी नुकसान हुआ है। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी सामने आई है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका बिना इजरायल की मदद या सहमति के ही ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को इतनी ताकत से उड़ा सकता है, जितनी उसने पहले कभी नहीं देखी होगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि उन्हें इजरायल की ओर से किए गए हमले के बारे में कुछ नहीं पता था। ट्रूथ सोशल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, मिडिल ईस्ट में जो हुआ, उससे गुस्से में इजरायल ने ईरान में दक्षिण पार्स गैस फील्ड नाम की एक बड़ी फैसिलिटी पर हिंसक हमला किया है। पूरे इलाके का एक छोटा सा हिस्सा ही प्रभावित हुआ है। अमेरिका को इस खास हमले के बारे में कुछ नहीं पता था और कतर किसी भी तरह से इसमें शामिल नहीं था और न ही उसे इस बात का कोई अंदाजा था कि ऐसा होने वाला है।
ट्रंप ने कहा है कि इजरायल साउथ पार्स फील्ड पर और हमला नहीं करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, बदकिस्मती से ईरान को यह या साउथ पार्स हमले से जुड़ी कोई भी जरूरी बात नहीं पता थी और उसने गलत तरीके से कतर की एलएनजी गैस फैसिलिटी के एक हिस्से पर हमला कर दिया। इजरायल इस बहुत जरूरी और कीमती साउथ पार्स फील्ड पर कोई और हमला नहीं करेगा।
वहीं कतर पर ईरान के हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीधा कहा है कि अगर ईरान कतर पर हमला करता है तो अमेरिका उसकी रक्षा के लिए ईरान को जवाब देगा। उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, अमेरिका, इजरायल की मदद या सहमति के बिना, पूरे साउथ पार्स गैस क्षेत्र को इतनी ताकत से उड़ा देगा जैसा ईरान ने पहले कभी नहीं देखा होगा। मैं इस स्तर की हिंसा और तबाही की इजाजत नहीं देना चाहता, क्योंकि इसका ईरान के भविष्य पर लंबे समय तक असर पड़ेगा, लेकिन अगर कतर के एलएनजी पर फिर से हमला होता है, तो मैं ऐसा करने में हिचकिचाऊंगा नहीं।
वहीं ईरान की ओर से की गई इस कार्रवाई पर कतर का भी गुस्सा फूटा है। कतर के विदेश मंत्रालय ने ईरान के सैन्य और सुरक्षा अटैशे (राजनयिक) को उनके स्टाफ के साथ 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया है।
मंत्रालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, एम्बेसी में सैन्य अटैशे और सुरक्षा अटैशे, दोनों अटैची ऑफिस में काम करने वालों के अलावा, पर्सोना नॉन ग्राटा हैं और उनसे अपील की जाती है कि वे ज्यादा से ज्यादा 24 घंटे के अंदर देश के इलाकों को छोड़ दें। सैन्य अटैशे किसी देश की सेना का वह वरिष्ठ अधिकारी होता है, जिसे दूसरे देश में स्थित अपने दूतावास में तैनात किया जाता है। वहीं सुरक्षा अटैशे किसी दूतावास या मिशन में सुरक्षा से जुड़े मामलों की देखरेख करता है।
ईरानी हमले में हुए नुकसान को लेकर कतर के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार सुबह कहा कि ईरान के मिसाइल हमले से कतर के उत्तरी कोस्ट पर मौजूद मेन गैस फैसिलिटी को नुकसान हुआ है। कतर के रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया, “ईरान की तरफ से कतर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, जिसने रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी को टारगेट किया और नुकसान पहुंचाया।” कतर ने रात में कहा कि गैस फैसिलिटी पर हमले उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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