Uncovered: खमेनेई की मौत, लेकिन सत्ता पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत!
Uncovered: 20 दिन की लड़ाई के बाद Status ये है कि Strait Of Hormuz में पूरी तरह से ईरान का कब्जा है. इस क्षेत्र में ईरान की मर्जी के बिना एक शिप भी नहीं जा सकता. इससे पूरी दुनिया की Economy प्रभावित हो गई है. क्योंकि संसार का 20 प्रतिशत कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से सप्लाई होते हैं. Uncovered with Manoj Gairola के इस एपिसोड में जानेंगे कि क्या खामेनेई की मौत के बाद ईरान की सत्ता और मजबूत हो गई. क्या इस युद्ध को छेड़कर ट्रंप अलग-थलग पड़ गए?
जहां तक ईरान के न्यूक्लियर प्रोगाम की बात है, वो ज्यों का त्यों है और अब तो खतरा ये भी है कि अगर अमेरिका इस जंग को बीच में छोड़कर भागता है तो इस बात की संभावना है कि ईरान जल्दी ही कम से कम 10 न्यूक्लियर बम बना सकता है.
NATO को लेकर ट्रंप का रुख
ट्रंप की हताशा इस कदर बढ़ गई है कि वो किसी भी तरह इस मुसीबत से छुटकारा पाना चाहते हैं. 15 मार्च को उन्होंने NATO के सहयोगी देशों के साथ-साथ जापान, ऑस्ट्रेलिया और साउथ कोरिया जैसे मित्र देशों से मदद की गुहार लगाई. साथ ही अपने सबसे बड़े Rival चीन से भी. NATO के देशों को उन्होंने धमकी दे डाली कि अगर उन्होंने Strait Of Hormuz में अपने नेवी नहीं भेजी तो वो NATO का भविष्य अंधकारमय कर देंगे. लेकिन NATO के सभी देशों ने अमेरिका की मदद करने के लिए इनकार कर दिया.
चीन दौरा भी एक महीने टला
जर्मनी के चांसलर फ्रेड्रिक मर्ज ने कहा कि ये अमेरिका की जंग है ये NATO देशों का फैसला नहीं है. इसलिए जर्मनी का इस जंग में किसी भी तरह की सेना भेजने का कोई सवाल ही नहीं उठता है. इसी तरह इटली, यूके, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और जापान ने भी अपने जहाज भेजने से मना कर दिया. उनका कहना था कि समस्या का हल सिर्फ Diplomacy से भी हो सकता है. चीन ने तो कोई जवाब ही नहीं दिया. ट्रंप ने अपना चीन दौरा एक महीने के लिए टाल दिया है.
अमेरिका की डिप्लोमेटिक हार
किसी भी देश का ट्रंप के साथ ना आना अमेरिका के लिए बहुत बड़ी Diplomatic हार है. क्योंकि ट्रंप ने सारे फैसले अपनी मर्जी से लिए और ट्रंप की ये मनमर्जी सारी दुनिया पर भारी पड़ रही है. इससे पूरे संसार की अर्थव्यवस्था हिल गई है. अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमत लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल बनी हुई है.
अमेरिका भी इससे अछूता नहीं है, पूरे संसार के साथ-साथ अमेरिका में भी पेट्रोल के दाम बढ़ गए हैं. जिसके कारण महंगाई भी बढ़ गई है. आने वाले Mid Term Election में ये ट्रंप की पार्टी को भारी पड़ सकती है.
The Wall Street Journal की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ डैन केन ने जंग शुरू होने से पहले ही चेतावनी दे दी थी कि जंग की स्थिति में ईरान Strait Of Hormuz को बंद कर देगा. इसके लिए ईरान के पास काफी ड्रोन्स, मिसाइल्स और सी माइन्स हैं. लेकिन ट्रंप ने इस चेतावनी को Ignore किया और कहा कि अमेरिका ईरान को Strait Of Hormuz को बंद करने का मौका ही नहीं देगा.
अमेरिका ईरान को तीन दिन के अंदर ही खत्म कर देगा. लेकिन 20 दिन के बाद भी ईरान की मर्जी के बिना एक शिप वहां से जा नहीं सकता. लगता है इस युद्ध का फैसला ट्रंप ने अपने टॉप Military Generals की सहमति के बिना लिया था.
डैन केन पहले ही कर चुके थे आगाह
White House की एक मीटिंग में डैन केन ने सावधान किया था कि अगर ईरान के साथ युद्ध लंबा चला तो अमेरिका के पास पर्याप्त संख्या में Interceptors Missiles नहीं होंगी. और डैन केन की ये बात अब सच होती नजर आ रही है. यही कारण है कि ईरान के आक्रमण अब और ज्यादा सटीक और Effective हो गए हैं.
लेकिन ट्रंप को जिस बात से सबसे ज्यादा झटका लगा वो ये है कि ईरान ने पूरे मध्य पूर्व में अमेरिका के जितने भी मित्र देश हैं जैसे कतर, सउदी अरब, यूएई, बहरीन और कुवैत...इन देशों में जहां भी अमेरिका के सैन्य ठिकाने थे...वहां मिसाइल और ड्रोन से आक्रमण कर दिया. ईरान ने सैन्य ठिकानों के साथ-साथ इन देशों के तेल के कुओं और Refineries को भी भारी नुकसान पहुंचाया और इन देशों की Economic Activities को भी काफी हद तक ठप कर दिया. साथ ही ईरान ने इन देशों में होटल्स, एयरपोर्ट और अमेरिकी दूतावासों पर भी ड्रोन से हमला किया.
ईरान को लेकर ट्रंप का बयान
16 मार्च को ट्रंप ने कहा कि उन्हें मालूम नहीं था कि ईरान मध्यपूर्व के इन देशों पर अटैक कर सकता है. उन्होंने अमेरिका की Intelligence पर सारा Blame डालते हुए कहा कि संसार का सबसे बड़ा एक्सपर्ट भी नहीं सोच सकता था कि ईरान मध्य पूर्व के सभी देशों पर हमला कर सकता है.
लेकिन रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप को उनके सलाहकारों ने जंग शुरू होने से पहले ही बता दिया था कि जंग की स्थिति में ईरान मध्य पूर्व के देशों पर हमला कर देगा. लगता है कि ट्रंप ने इस सलाह को भी Ignore कर दिया.
17 मार्च की शाम को इजरायल ने दावा किया कि उसने ईरान के टॉप सिक्योरिटी ऑफिसर अली लारीजानी को खत्म कर दिया है. खामेनेई की मौत के बाद एक तरह से लारीजानी ही ईरान का पूरा शासन संभाल रहे थे. हर बड़ा फैसला लारीजानी की सहमति से ही होता था. जैसे खामेनेई के जाने के बाद ईरान की इस्लामिक सत्ता Intact रही वैसे ही इस बात की पूरी संभावना है कि लारीजानी की मौत भी इस्लामिक शासन को कमजोर नहीं कर पाएगी.
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Eid Mubarak Wishes 2026: दिल को छू जाने वाले रूहानी संदेश, अपनों को भेजें खास दुआएं
ईद-उल-फितर सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि यह मोहब्बत, इंसानियत और शुक्रगुज़ारी का एहसास है। रमज़ान के पूरे महीने की इबादतों के बाद यह दिन खुशियां, दुआएं और अपनेपन का पैगाम लेकर आता है।
इस खास मौके पर अपने चाहने वालों को दिल से निकले रूहानी संदेश भेजना रिश्तों को और भी मजबूत बना देता है। अगर आप भी अपने परिवार और दोस्तों को कुछ खास कहना चाहते हैं, तो यहां पढ़ें दिल को छू जाने वाले बेहतरीन ईद मुबारक संदेश।
“इन खास ईद संदेशों से अपनों का दिल जीतें, भेजें प्यार और दुआओं से भरे Wishes”
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