Nepal Helicopter Crash: नेपाल के खोटांग में लैंडिंग के दौरान क्रैश हुआ हेलीकॉप्टर, बाल-बाल बचे लोग
Nepal Helicopter Crash: नेपाल के दुर्गम पहाड़ी जिले खोटांग (Khotang) में बुधवार, 18 मार्च को एक हेलीकॉप्टर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। यह विमान काठमांडू से एक शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर आ रहा था। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस नाटकीय हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई है।
खेत में लैंडिंग के दौरान खोया नियंत्रण
जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर काठमांडू से एक विशेष मिशन पर उड़ा था। जैसे ही पायलट ने खोटांग के एक कृषि क्षेत्र (Farmland) में बने अस्थायी लैंडिंग साइट पर उतरने का प्रयास किया, विमान अनियंत्रित होकर जमीन से टकरा गया। इस टक्कर में हेलीकॉप्टर को काफी नुकसान पहुँचा है, लेकिन चालक दल और अन्य लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
Video: नेपाल में बड़ा हादसा टला! ????
— sumit kumar (@eyeamsumit) March 18, 2026
काठमांडू से शव लेकर खोटांग जा रहा हेलीकॉप्टर खेत में लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।#Nepal #HelicopterCrash #Khotang #AviationNews #NepalNews #EmergencyLanding pic.twitter.com/qh2OPSn0h3
CDO रेखा कंडेल ने दी आधिकारिक जानकारी
खोटांग की मुख्य जिला अधिकारी (CDO) रेखा कंडेल ने मीडिया से बात करते हुए हादसे की पुष्टि की। उन्होंने कहा, "नेपाल के खोटांग जिले में एक हेलीकॉप्टर खेत में उतरते समय क्रैश हो गया। यह हेलीकॉप्टर एक शव लेकर काठमांडू से उड़ा था। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। मामले की विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।"
Nepal | "A helicopter crashed in Khotang District of Nepal, while landing in the farmland. The helicopter was carrying a body and had flown in from Kathmandu. No human casualties has been recorded. More details are awaited", Chief District Officer, Rekha Kandel to ANI
— ANI (@ANI) March 18, 2026
नेपाल के कठिन भूगोल में बढ़ता जोखिम
नेपाल का दुर्गम और पथरीला इलाका विमानन सेवाओं के लिए हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। आंकड़ों के अनुसार, नेपाल में होने वाले हवाई हादसों में से 70 प्रतिशत से अधिक हेलीकॉप्टर से जुड़े होते हैं। संकरी घाटियां और अचानक बदलता मौसम अक्सर पायलटों के लिए मुश्किलें पैदा करता है। फिलहाल अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या खराब मौसम की वजह से।
चूल्हे पर बना रहे हैं खाना? तो 'राख' को समझें काला सोना, इन 5 कामों में आएगी बेहद काम
Uses Of Wood Ash : पुराने जमाने में हमारी दादी-नानी इस राख(Lakdi Ki Rakh) को कभी बेकार नहीं जाने देती थीं. आज के दौर में जब हम महंगे केमिकल्स और फर्टिलाइजर पर हजारों रुपये खर्च करते हैं, तब यह मामूली सी दिखने वाली राख आपके घर और बगीचे की कई मुश्किलों का मुफ्त समाधान कर सकती है. यह सस्टेनेबल लिविंग का बड़ा कदम है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi
News18














/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)




