Weather Update: देश के 16 राज्यों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट, आंधी भी चलेगी; जानें आपके प्रदेश का कैसा रहेगा हाल
आज दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ अधिकांश उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदला-बदला सा है. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के एक्टिव होने की वजह से पहाड़ी और मैदानी राज्यों में मौसम ने करवट ले ली है. एक और पहाड़ी राज्यों में जहां बर्फबारी हो रही है तो वहीं मैदानी इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी के अनुसार, उत्तर पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में अगल कुछ दिनों तक बादलों के छाए रहने की उम्मीद है.
इस वजह से 16 राज्यों में होगी बारिश
मौसम विभाग ने उत्तराखंड-छत्तीसगढ़ सहित देश के 16 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. IMD की मानें तो 18 मार्च से स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है, जिस वजह से लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इसके अलावा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश की आशंका है.
17 मार्च 2026 के लिए मौसम की चेतावनी#WeatherUpdate #NortheastIndia #HeavyRainfall #Thunderstorm #Hailstorm #HimachalPradesh #Uttarakhand #GustyWinds #IndiaWeather #RainForecast #WeatherWarnings@moesgoi @airnewsalerts @DDNational @ndmaindia @ICRER_MHA pic.twitter.com/s7ShIXwhSi
— India Meteorological Department (@Indiametdept) March 17, 2026
कैसे रहेगा दिल्ली एनसीआर का मौसम
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद) के लिए मौसम विभाग ने आज येलो अलर्ट जारी किया है. सुबह से बादल छाए रहने के साथ-साथ शाम या फिर रात में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या फिर बूंदाबांदी होने की संभावना है. इस दौरान, 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. दिल्ली एनसीआर का अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 17 से 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
— India Meteorological Department (@Indiametdept) March 17, 2026
कैसे रहेगा उत्तर प्रदेश का मौसम
आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य के पश्चिमी क्षेत्र के कुछ जिलों मे हल्की बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं, जिस वजह से तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है, जिससे बढ़ती गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिल जाएगी.
कैसे रहेगा हिमाचल प्रदेश का मौसम
पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहने की उम्मीद है. 18 मार्च को कुछ इलाकों में गरज और चमक के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है.
IMD Weather Warning !
— India Meteorological Department (@Indiametdept) March 17, 2026
Isolated heavy rainfall expected over Northeast India for the next 24 hours, with intensity set to ease afterward.
Stay prepared as heavy rains may also impact:
• Himachal Pradesh – March 19 & 20
• Uttarakhand & Jammu & Kashmir – March 20
Stay safe,… pic.twitter.com/y098UiQrwf
कैसे रहेगा पंजाब-हरियाणा का मौसम
पंजाब और हरियाणा में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी, सावधानी बरतने को कहा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 19 और 20 मार्च को मौसम और अधिक खराब हो सकता है. यहां हवाओं की स्पीड 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. मौसम विभाग ने बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह भी दी गई है.
कभी भी खा लेते हैं फल? आयुर्वेद से जानें खाने के सही नियम
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। आयुर्वेद में खाने से लेकर निरोगी जीवन जीने के कई नियम बताए गए हैं। आयुर्वेद मनुष्य के शरीर की प्रवृत्ति के हिसाब से आहार और जीवनशैली का चयन करता है।
बात चाहे आहार की हो या फिर फल की, आयुर्वेद में अलग प्रवृत्ति के अनुसार फल और आहार दोनों खाने की सलाह दी जाती है। आज हम आयुर्वेद से फल खाने के सही नियम के बारे में जानेंगे।
आमतौर पर हम जब मन करता है, तब ही फल का सेवन कर लेते हैं। कुछ लोग फल को छिलकर खाने की बजाय जूस निकालकर पीना पसंद करते हैं, लेकिन क्या ये तरीके शरीर को पूरा पोषण पहुंचा पाते हैं?
आयुर्वेद के अनुसार फल खाना स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है, लेकिन उन्हें सही समय और सही तरीके से खाना भी उतना ही जरूरी है। हमेशा मौसमी और पके हुए फल चुनें, क्योंकि कच्चे फल शरीर में पित्त बढ़ा सकते हैं। फल खाने का सबसे अच्छा समय भोजन के बीच (सुबह या शाम) माना जाता है, और एक समय में एक ही प्रकार का फल खाना बेहतर होता है। सही नियमों के साथ फल खाने से पाचन बेहतर होता है, ऊर्जा मिलती है, और शरीर स्वस्थ रहता है।
आने वाले महीनों में आम बाजार में आसानी से मिलने लगेगा। ऐसे में पके हुए फल दोपहर या शाम के वक्त खा सकते हैं क्योंकि पका हुआ आम शरीर को ऊर्जा देता है, जबकि कच्चा फल शरीर में पित्त की वृद्धि करता है। कच्चे आम को चटनी या सब्जी में मिलाकर खाया जा सकता है। केला साल के 12 महीने आराम से बाजार में मिलता है और हर घर में इसका सेवन किया जाता है, लेकिन यह जानना जरूरी है कि केले का सेवन किन लोगों को नहीं करना चाहिए। केला शरीर में कफ बढ़ाता है। ऐसे में कफ प्रवृत्ति के लोग सीमित मात्रा में केले का सेवन करें।
वात दोष वाले लोगों के लिए खजूर और अंगूर (खट्टे फल) खाना लाभदायक होता है। फलों का सेवन भी सुबह खाली पेट नहीं करना चाहिए। नाश्ता करने के बाद ही फलों का सेवन करें। शाम को सूरज ढलने से पहले तक फलों का सेवन किया जा सकता है।
वहीं कुछ लोग फलों की तुलना में शेक बनाकर पीना पसंद करते हैं, लेकिन फल और दूध विरुद्ध आहार हो जाता है, जो शरीर को पोषण नहीं बल्कि बीमारी देता है। इसके साथ ही जूस का सेवन भी शरीर में शुगर की मात्रा को बढ़ाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि फलों का जूस निकालने की वजह से फलों का फाइबर छिलके के रूप में बाहर निकल जाता है और बचता है कि फिल्टर रस, जो शरीर को भले ही ताजगी देता है लेकिन पोषण नहीं।
--आईएएनएस
पीएस/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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