कजरी से ध्रुपद तक में जादू डालने वाली बनारस की ‘मां’, जिन्हें केसरबाई केरकर ने दी ‘ठुमरी क्वीन’ की उपाधि
वाराणसी, 17 मार्च (आईएएनएस)। शिवनगरी काशी की संकरी गलियों में सदियों से संगीत की खुशबू बिखरी हुई है। इसी काशी में 8 अगस्त 1908 को एक ऐसी शख्सियत का जन्म हुआ, जिन्होंने ठुमरी को नया जीवन दिया और शास्त्रीय संगीत की ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वह थीं सिद्धेश्वरी देवी, जिन्हें प्यार से ‘मां’ कहा जाता था और जिन्हें दिग्गज गायिका केसरबाई केरकर ने ‘ठुमरी क्वीन’ की उपाधि दी।
बंगाल चुनाव : आरामबाग मतलब लेफ्ट का पुराना किला, इस बार कांटे की टक्कर
कोलकाता, 17 मार्च (आईएएनएस)। आरामबाग लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र पश्चिम बंगाल के 42 संसदीय क्षेत्रों में से एक महत्वपूर्ण सीट है, जो अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित है। यह मुख्य रूप से हुगली जिले में फैला हुआ है, जिसमें हुगली के छह और पश्चिम मेदिनीपुर जिले का एक विधानसभा क्षेत्र शामिल है। इनमें हरिपाल, तारकेश्वर, पुरसुराह, आरामबाग (एससी), गोघाट (एससी), खानाकुल और चंद्रकोना जैसे क्षेत्र आते हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां के सात में से चार क्षेत्र भाजपा ने जीते थे।
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