महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कार्यों के लिए नीता अंबानी को मिला बड़ा सम्मान
नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर और चेयरपर्सन नीता अंबानी को मंगलवार को केआईएसएस ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भुवनेश्वर में आयोजित एक भव्य समारोह में दिया गया।
यह पुरस्कार कलिंगा सामाजिक विज्ञान संस्थान (केआईएसएस) के परिसर में आयोजित कार्यक्रम में दिया गया, जहां उन्हें रिलायंस फाउंडेशन के माध्यम से किए गए सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन्हें नोबेल पुरस्कार विजेता मोहन मुनासिंघे और केआईएसएस, केआईआईटी व केआईएमएस के संस्थापक अच्युता सामंता ने प्रदान किया।
इस समारोह में करीब 40,000 जनजातीय छात्रों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने पारंपरिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया।
अपने संबोधन में नीता अंबानी ने कहा कि उन्हें यह सम्मान पाकर गर्व महसूस हो रहा है और उन्होंने इसे रिलायंस फाउंडेशन की पूरी टीम को समर्पित किया।
उन्होंने अच्युत सामंत की तारीफ करते हुए कहा कि केआईआईटी और केआईएसएस जैसे विश्वस्तरीय संस्थान देश के लिए गर्व की बात हैं।
नीता अंबानी ने छात्रों द्वारा मिले स्नेह और स्वागत के लिए आभार जताया और कहा कि वह इस अनुभव को हमेशा याद रखेंगी।
उन्होंने ओडिशा की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की भी सराहना की और कहा कि यहां के लोगों का प्रकृति से गहरा जुड़ाव है।
छात्रों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि लड़के और लड़कियों में कोई अंतर नहीं है और दोनों में बराबर क्षमता होती है। उन्होंने छात्रों से बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने और ईमानदारी के रास्ते पर चलने की अपील की।
उन्होंने कहा कि केआईएसएस के छात्रों को देखकर उन्हें विश्वास होता है कि भारत का भविष्य बहुत उज्ज्वल है।
नीता अंबानी ने इस दौरे को अपने लिए खास और यादगार अनुभव बताया।
वर्ष 2008 में स्थापित केआईएसएस ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड संस्थान द्वारा दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है, जो दुनिया भर में उत्कृष्ट सामाजिक कार्य करने वाले व्यक्तियों और संगठनों को दिया जाता है।
इस पुरस्कार में एक प्रशस्ति पत्र और सोने की परत चढ़ी ट्रॉफी दी जाती है, जो दया, उम्मीद और दूसरों की मदद करने की भावना का प्रतीक है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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पटना के ज्ञान भवन में रचा गया इतिहास, 5.4 लाख के हाईएस्ट पैकेज के साथ बेटियों को मिली नई पहचान
बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा आयोजित दो दिवसीय 'महिला मेगा जॉब फेयर-2026' का मंगलवार को पटना के ज्ञान भवन में शानदार समापन हुआ. "नये अवसर, नई पहचान, नया पंख, नई उड़ान" की थीम पर आधारित यह आयोजन बिहार के इतिहास में अपनी तरह का पहला ऐसा मेला था, जो पूरी तरह से सिर्फ महिलाओं के लिए समर्पित रहा. इस मेले ने साबित कर दिया कि बिहार की बेटियां अब हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं.
रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी और नियुक्तियां
इस दो दिवसीय मेले में राज्य भर से महिलाओं की अभूतपूर्व भीड़ देखने को मिली. जॉब फेयर के लिए लगभग 19,000 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 11,586 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से ज्ञान भवन पहुंचीं. अलग-अलग नेशनल और मल्टीनेशनल कंपनियों ने कुल 6135 महिलाओं को रोजगार के अवसर यानी ऑफर लेटर प्रदान किए. डेटा के अनुसार, सबसे अधिक नियुक्तियां हेल्थकेयर सेक्टर में हुईं, जहां 1228 महिलाओं को चुना गया. इसके अलावा टेक्सटाइल सेक्टर में 1114 और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में लगभग 800 महिलाओं को नौकरी मिली.
शानदार सैलरी पैकेज और समावेशी इंतजाम
रोजगार मेले में केवल नौकरियों की संख्या ही नहीं, बल्कि मिलने वाला वेतन भी चर्चा का केंद्र रहा. चयनित युवतियों को औसतन 2,40,000 रुपये सालाना का पैकेज ऑफर किया गया है. वहीं, मेडिमिक्स हेल्थकेयर ने सबसे ज्यादा 5.4 लाख रुपये सालाना का पैकेज देकर सबको प्रभावित किया. आयोजन को समावेशी बनाने के लिए दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए खास इंतजाम किए गए थे. उनके लिए व्हीलचेयर और सहायकों की व्यवस्था थी ताकि उन्हें कंपनियों के स्टॉल तक पहुंचने में कोई दिक्कत न हो.
सभी 38 जिलों की बेटियों ने दिखाया दमखम
इस मेले की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि इसमें बिहार के सभी 38 जिलों से युवतियों ने हिस्सा लिया. दूर-दराज के इलाकों से आने वाली प्रतिभागियों के लिए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर मार्गदर्शन केंद्र बनाए गए थे और विशेष बसों की व्यवस्था भी की गई थी. कार्यक्रम के दौरान एक लघु फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें पिछले दो दिनों की गतिविधियों और सफलताओं को दर्शाया गया. समाज कल्याण विभाग की सचिव श्रीमती बंदना प्रेयषी ने कहा कि बेटियों ने ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में भी नौकरी पाकर समाज की पुरानी सोच को तोड़ दिया है.
माननीय मंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र
समापन समारोह की अध्यक्षता समाज कल्याण विभाग के माननीय मंत्री श्री मदन सहनी ने की. उन्होंने अपने हाथों से 15 नवनियोजित महिला अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे. अपने संबोधन में मंत्री जी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह एक ठोस कदम है. इस मौके पर विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. कार्यक्रम के अंत में अधिक रोजगार देने वाली कंपनियों जैसे 2050 हेल्थकेयर और फ्लिपकार्ट को भी सम्मानित किया गया.
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