Organic Compost: बाजार से नहीं खरीदनी पड़ेगी महंगी खाद! घर की इन चीजों से तैयार करें जैविक कंपोस्ट, पौधे बनेंगे हरे-भरे
Organic Compost: होम गार्डनिंग का शौक रखने वाले लोग अक्सर पौधों की बेहतर ग्रोथ के लिए महंगी खाद खरीदते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई और घर से निकलने वाला जैविक कचरा ही पौधों के लिए बेहतरीन खाद बन सकता है? इससे न केवल पैसे की बचत होती है, बल्कि घर का जैविक कचरा भी सही तरीके से इस्तेमाल हो जाता है। यही वजह है कि आजकल ऑर्गेनिक कंपोस्टिंग तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
घर पर तैयार की गई जैविक कंपोस्ट मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, पौधों की जड़ों को मजबूत बनाने और बेहतर फूल-फल देने में मदद करती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए किसी महंगे उपकरण की जरूरत नहीं होती। बस कुछ सामान्य घरेलू चीजें और थोड़ा धैर्य आपकी बालकनी या किचन गार्डन को हरा-भरा बना सकता है।
क्यों फायदेमंद है घर की बनी जैविक कंपोस्ट?
जैविक कंपोस्ट प्राकृतिक पोषक तत्वों से भरपूर होती है। यह मिट्टी की संरचना को बेहतर बनाती है, उसमें नमी बनाए रखने में मदद करती है और लाभदायक सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाती है। रासायनिक खाद की तुलना में इसका असर लंबे समय तक रहता है और यह पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित मानी जाती है।
सब्जियों और फलों के छिलकों से बनाएं खाद
आलू, लौकी, केला, सेब, पपीता, गाजर और अन्य फलों-सब्जियों के छिलकों को फेंकने के बजाय एक ढक्कन वाले डिब्बे में जमा करें। इसमें सूखे पत्ते या थोड़ा सूखा मिट्टी का चूरा मिलाते रहें। कुछ हफ्तों बाद यही मिश्रण पोषक तत्वों से भरपूर कंपोस्ट में बदल जाएगा।
चाय की पत्ती और कॉफी का इस्तेमाल करें
उपयोग की हुई चाय की पत्ती और कॉफी ग्राउंड्स पौधों के लिए अच्छी जैविक खाद माने जाते हैं। इन्हें पहले अच्छी तरह धोकर चीनी या दूध के अवशेष हटा दें, फिर कंपोस्ट में मिलाएं। इससे मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ते हैं।
सूखे पत्ते और घास भी हैं उपयोगी
बगीचे या आसपास गिरे सूखे पत्ते और कटी हुई घास कंपोस्ट बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये कार्बन का अच्छा स्रोत होते हैं और गीले किचन वेस्ट के साथ मिलकर कंपोस्ट बनने की प्रक्रिया को संतुलित रखते हैं।
अंडों के छिलके मिलाएं
अंडों के छिलकों में कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। इन्हें अच्छी तरह धोकर सुखाएं और बारीक पीसकर कंपोस्ट में मिला दें। इससे पौधों की जड़ों को मजबूती मिलती है और मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है।
कंपोस्ट तैयार करते समय इन बातों का रखें ध्यान
कंपोस्ट के डिब्बे में गीले और सूखे कचरे का संतुलन बनाए रखें। समय-समय पर मिश्रण को पलटते रहें ताकि हवा मिलती रहे। मांस, तेलयुक्त भोजन और प्लास्टिक जैसी चीजें कभी भी कंपोस्ट में न डालें। लगभग 6 से 8 सप्ताह में तैयार कंपोस्ट गहरे भूरे रंग की और मिट्टी जैसी खुशबू वाली हो जाती है।
अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए [haribhoomi.com] के साथ।
लेखक: (कीर्ति)
Matar Paneer: होटल स्टाइल मटर पनीर घर पर बनाएं, इस रेसिपी से हर बाइट में मिलेगा रेस्टोरेंट जैसा स्वाद
Diabetes Care: डायबिटीज में भूलकर भी न खाएं ये 5 फल! तेजी से बढ़ सकती है ब्लड शुगर, जानिए किन फ्रूट्स से रखें दूरी
Monsoon Skin Care Tips: बारिश में ये 7 गलतियां आपकी स्किन बिगाड़ सकती हैं, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये मिस्टेक?
पिता की कब्र के पास दफनाया जाएगा अतीक अहमद का लाडला, सड़क हादसे में हुई दर्दनाक मौत
माफिया व पूर्व सांसद दिवंगत अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद समेत दो लोगों की झांसी जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। यह दुर्घटना बृहस्पतिवार सुबह झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुंछ थाना क्षेत्र में हुई। कार में सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। सड़क दुर्घटना का शिकार हुए अतीक अहमद के बेटे अबान एवं उसके एक साथी के शव सहित अन्य तीन घायलों को लेकर देर रात परिजन प्रयागराज के लिए रवाना हो गए।
यहां जनपद झांसी में आज सुबह हुई इस सड़क दुर्घटना की सूचना पाकर अतीक के पुत्र अजहम सहित अन्य घायलों के परिजन देर शाम प्रयागराज से झांसी पहुंचे। इसके बाद डॉक्टरों के पैनल द्वारा की गई पोस्टमार्टम प्रक्रिया के बीच परिजनों द्वारा दुर्घटना में घायल तीनों युवकों सहित दोनों मृतक के शव प्रयागराज ले जाने की इच्छा जाहिर की गई थी। परिजनों के अनुसार घायलों का इलाज वे प्रयागराज में ही कराना चाहते हैं।
बृहस्पतिवार देर रात यहां पोस्टमार्टम के दौरान मेडिकल कॉलेज में मौजूद क्षेत्राधिकारी (नगर) रामवीर सिंह ने बताया कि प्रयागराज से आए तीनों घायलों के परिजन बेहतर इलाज के उद्देश्य से रात करीब साढ़े नौ बजे उन्हें एंबुलेंस से लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हो गए। उन्होंने बताया कि मध्य रात्रि करीब पौने बारह बजे अतीक के बेटे अबान और उसके साथी सोनू के शव अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजन प्रयागराज ले गए।
अपर पुलिस अधीक्षक (देहात) अरविंद कुमार ने बताया कि पूर्व सांसद अतीक अहमद का बेटा अबान अहमद अपने कुछ साथियों के साथ झांसी जेल में बंद अपने भाइयों से मिलने जा रहा था, तभी रास्ते में पुंछ थाना क्षेत्र में झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज गति से गुजर रही उसकी एसयूवी कार बेकाबू होकर एक डिवाइडर से टकराकर पलट गयी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने संवाददाताओं को बताया कि इस हादसे की सूचना पुलिस को सुबह साढ़े 10 बजे मिली।
उन्होंने कहा कि इस हादसे में अबान अहमद (21) और उसके दोस्त सोनू (25) की मौत हो गई। मूर्ति ने बताया कि हादसे में घायल कार सवार आजम, मोहम्मद जावेद और उमर को झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। मूर्ति ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि कार की गति बहुत तेज थी। उन्होंने कहा, ‘‘घायल यात्रियों में से एक ने हमें बताया कि गाड़ी बहुत तेज गति से गुजर रही थी और डिवाइडर से टकराने से पहले बेकाबू हो गई थी।’’
इसे भी पढ़ें: FCRA Amendment Bill 2026 | द्रमुक सांसद पी. विल्सन और ईसाई नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से की मुलाकात, कानून वापस लेने की मांग
अधिकारियों ने कहा कि अबान अहमद और सोनू के शवों को झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां तीन डॉक्टरों के पैनल ने शवों का पोस्टमार्टम किया। दुर्घटनाग्रस्त हुई कार में सवार रहे अबान के घायल दोस्त मोहम्मद उमर ने संवाददाताओं को बताया कि वे अबान के भाई से मिलने झांसी जेल जा रहे थे तभी कार बेकाबू हो गयी और यह हादसा हो गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिये राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जाएगी। माना जा रहा है कि अबान के शव को प्रयागराज के कसारी मसारी स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा, जहां उसके परिवार के दूसरे सदस्यों को भी दफनाया गया था। सूत्रों के मुताबिक, अबान अतीक अहमद के पांच बेटों में सबसे छोटा था पांच भाइयों में से उमर और अली अभी उत्तर प्रदेश की अलग-अलग जेलों में बंद हैं।
इसे भी पढ़ें: FCRA Amendment Bill 2026 | संसद में 12 अगस्त को पेश होगा विवादित FCRA बिल, विपक्ष से बोले रिजिजू- 'राजनीतिक विरोधी हैं, दुश्मन नहीं'
अतीक अहमद का एक और बेटा असद अप्रैल 2023 में झांसी के पास पुलिस से हुई मुठभेड़ में मारा गया था। वह वर्ष 2005 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में मुख्य गवाह रहे उमेश पाल की हत्या के मामले में वांछित था। अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल 2023 को पत्रकार बनकर पहुंचे तीन लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के समय पुलिस दोनों को मेडिकल जांच के लिए प्रयागराज के एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ले जा रही थी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi
prabhasakshi









