Hibiscus Flowering Tips: बरसात में भी आ रहे गुड़हल पर 3-4 ही फूल, फूलों से लद जाएंगी डालियां करके देंखे ये 5 उपाय
Gudhal Ka Phool Lane ke liye upaye: बरसात बरसात का मौसम गुड़हल (हिबिस्कस) के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है. नमी और अनुकूल मौसम की वजह से यह पौधा तेजी से बढ़ता है और खूब फूल देता है. लाल, गुलाबी, पीले और कई अन्य रंगों के गुड़हल बगीचे की सुंदरता बढ़ा देते हैं. लेकिन आपके घर में लगा गुड़हल के पौधे में फूल नहीं आ रहे हैं या कम आ रहे हैं, तो इस लेख में इसका कारण और उपाय को जान सकते हैं.
उज्जैन में हनुमान मंदिर हटाने का विरोध, बजरंग दल का चक्काजाम, आंदोलन की चेतावनी
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान बीच में जो भी भवन आ रहे हैं उन्हें भी तोड़ा जा रहा है। इसी कड़ी में हनुमान मंदिर हटाने के विरोध में हिंदू समाज और बजरंग दल विरोध प्रदर्शन पर उतर गया। हालांकि प्रशासन की समझाइश के बाद यह प्रदर्शन खत्म कर दिया गया।
इन दिनों कंठाल, सती गेट और छत्री चौक क्षेत्र में चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान यहां मौजूद मंदिरों को दूसरी जगह स्थापित किया जा रहा है। सती गेट स्थित गणेश मंदिर को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। बीते दिन यहां आखिरी बार आरती की गई इसके बाद गणेश प्रतिमा को सावधानी के साथ दूसरी जगह ले जाया गया। इसी के पास में संकट मोचन हनुमान मंदिर मौजूद है, जिसे हटाने के विरोध में प्रदर्शन किया गया।
हिंदू संगठन और बजरंग दल का प्रदर्शन
संकट मोचन हनुमान मंदिर काफी प्राचीन है और इसे हटाने को लेकर विवाद गहरा गया है। देर रात हिंदू समाज, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। सभी ने सामूहिक रूप से यहां हनुमान चालीसा का पाठ कर महाआरती की और विरोध प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया।
क्या है मांग
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का कहना है कि विकास के नाम पर शहर में अब तक 25 से 30 मंदिर हटाए जा चुके हैं। प्राचीन मंदिरों को हटाकर लगातार सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है। संगठन का कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है तो वह सभी धार्मिक स्थलों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए। यह भी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में यदि किसी मंदिर के साथ छेड़छाड़ की गई तो शहर बंद कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
पुजारी का क्या कहना
इस मामले में मंदिर के पुजारी राजेश बैरागी का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी पर विकास कार्य में बाधा डालना नहीं है। अगर जरूरत पड़ी तो उपलब्ध स्थान पर मंदिर को शिफ्ट करने पर विचार किया जा सकता है लेकिन मंदिर को हटाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय बैठक के बाद ही सामने आएगा।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
जब बजरंग दल के कार्यकर्ता यहां चक्काजाम कर बैठे तब नगर निगम के अधिकारी यहां पहुंचे और उनसे बातचीत की। इस मामले में नगर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर का कहना है कि कंठाल चौराहा पर निर्माण कार्य के दौरान तकनीकी दिक्कत आई थी। इसी को लेकर मंदिर समिति, विश्व हिंदू परिषद और स्थानीय लोगों से चर्चा की गई है। यह आश्वासन दिया गया है कि सभी पक्षों के साथ बैठक कर आपसी सहमति से ही कोई निर्णय लिया जाएगा उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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