ईरान: 56 ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान, इनमें से 19 तेहरान में
तेहरान, 17 मार्च (आईएएनएस)। यूएस-इजरायल की एयरस्ट्राइक में ईरान की 50 से ज्यादा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बहुमूल्य स्थलों को नुकसान पहुंचा है। यह जानकारी ईरान के हेरिटेज मंत्रालय ने दी है।
सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए ने मंत्रालय के हवाले से बताया कि कुल 56 स्थलों को नुकसान हुआ है। इनमें राजधानी तेहरान की 19 अहम जगहें शामिल हैं। इनमें गोलस्तान पैलेस, तेहरान बाजार और पुरानी सीनेट बिल्डिंग भी शामिल है।
इससे पहले भी नुकसान को लेकर रिपोर्ट आई थी, लेकिन ये नहीं पता था कि तेहरान में कुल कितनी इमारतें इसकी जद में आई हैं।
रिपोर्ट में प्रमुख औद्योगिक शहर इस्फहान की कुछ ऐतिहासिक जगहों को भी नुकसान पहुंचा है। इनमें नक्श-ए-जहान स्क्वायर स्थित मशहूर इमाम शाह मस्जिद के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। नक्श-ए-जहान स्क्वायर 16वीं-17वीं सदी की सफवीद वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। इसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर सूची में भी शामिल कर रखा है।
इस्फहान शहर को आधा जहां कहा जाता है क्योंकि यहां दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारतें मौजूद हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 17वीं सदी के इस ऐतिहासिक महल के लकड़ी के खंभों, दरवाजों और अन्य हिस्सों को भारी नुकसान पहुंचा है। महल के अंदर और चारों ओर बिखरा मलबा, टूटी खिड़कियां और गिरे हुए मलबे की तस्वीर एजेंसी ने जारी की है।
बता दें, ईरान के तीसरे बड़े शहर के तौर पर इस्फहान को पहचाना जाता है। इसके आसपास ईरान के कई संवेदनशील प्रतिष्ठान मौजूद हैं, जिनमें परमाणु अनुसंधान केंद्र, मिसाइल उत्पादन सुविधाएं, एक प्रमुख तेल रिफाइनरी और वायुसेना के अड्डे शामिल हैं।
इस्फहान ईरान के स्टील उद्योग का भी प्रमुख केंद्र है। यहां स्थित मुबारक स्टील कंपनी को मध्य-पूर्व के सबसे बड़े स्टील उत्पादकों में गिना जाता है। इसके अलावा शहर में एक बड़ा एयरफोर्स बेस भी मौजूद है, जहां ईरान के पुराने अमेरिकी निर्मित एफ-14 टॉमकैट लड़ाकू विमानों का बेड़ा तैनात बताया जाता है।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
वर्ष 2035 तक करीब तीन गुना बढ़कर 6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है भारत का सर्विस सेक्टर: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। भारत का सर्विस सेक्टर, जो वर्तमान में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में करीब 2.2 ट्रिलियन डॉलर का योगदान दे रहा है, 2035 तक बढ़कर लगभग 6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान इस सेक्टर की औसत सालाना वृद्धि दर (सीएजीआर) करीब 10.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
ओमनीसाइंस कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, इस तेज वृद्धि के कारण जीडीपी में सर्विस सेक्टर की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जबकि वर्तमान में यह जीडीपी का लगभग 55 प्रतिशत है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत 2035 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसमें सर्विस सेक्टर की भूमिका सबसे अहम होगी। इससे करीब 6 ट्रिलियन डॉलर का बड़ा आर्थिक अवसर पैदा होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, सर्विस सेक्टर भारत की ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) का सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ने वाला हिस्सा है। इस सेक्टर ने पिछले 10 साल में 10 प्रतिशत से ज्यादा की सीएजीआर और पिछले 3 साल में 13.5 प्रतिशत की सीएजीआर दर्ज की है, जो अन्य सेक्टरों से ज्यादा है।
सर्विस सेक्टर के भीतर फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और बिजनेस सर्विसेज ने सबसे तेज ग्रोथ दिखाई है, जहां 10 साल की सीएजीआर 11.3 प्रतिशत और 3 साल की ग्रोथ 14 प्रतिशत रही है।
इसके अलावा पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, डिफेंस और अन्य सेवाओं में भी लगातार डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है, जो सरकार के बढ़ते खर्च को दर्शाता है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत का सर्विस पीएमआई (परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स) अब ज्यादा मजबूत स्थिति में है। यह 2015-2020 के दौरान 50-55 के स्तर से बढ़कर हाल के वर्षों में 55-60 के बीच पहुंच गया है, जो सर्विस गतिविधियों में लगातार मजबूती का संकेत है।
वैश्विक स्तर पर भी भारत का सर्विस एक्सपोर्ट में हिस्सा 2005 के 1.9 प्रतिशत से बढ़कर 2023 में 4.3 प्रतिशत हो गया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बैंक देश में कैपेक्स (पूंजी निवेश) को फंड कर रहे हैं, जबकि लॉजिस्टिक्स सेक्टर 2035 तक लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर के अवसर की ओर बढ़ रहा है।
आईटी सर्विस सेक्टर में अल्पकालिक दबाव के बावजूद लंबी अवधि में मजबूती बनी हुई है, वहीं प्रोफेशनल और कमर्शियल सर्विसेज को बिजनेस के डिजिटल और संगठित होने से फायदा मिल रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार में सर्विस सेक्टर से जुड़ी 470 से ज्यादा कंपनियां लिस्टेड हैं, जिनका मार्केट कैप 800 करोड़ रुपए से ज्यादा है और जिनका संयुक्त बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) करीब 197 ट्रिलियन रुपए है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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