थर्ड जनरेशन रेनो डस्टर लॉन्च, ₹10.29 लाख शुरुआती कीमत:SUV में हाइब्रिड के साथ 3 इंजन ऑप्शन; 31 स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स
रेनो इंडिया ने अपनी पॉपुलर SUV 'डस्टर' का थर्ड जनरेशन मॉडल भारत में लॉन्च कर दिया है। इसकी एक्स-शोरूम शुरुआती कीमत 10.29 लाख रुपए रखी गई है, जो टॉप वैरिएंट में 18.49 लाख रुपए तक जाती है। कंपनी ने नई डस्टर को R-GMP प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है। नई डस्टर न सिर्फ लुक में ज्यादा मस्कुलर हो गई है, बल्कि इसमें पहली बार स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन और 2 टर्बो इंजन का ऑप्शन भी दिया गया है। कार में गूगल OS के साथ टच स्क्रीन, 700 लीटर का बूट स्पेस, 360-डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स मिलेंगे। वहीं, 6 एयरबैग के साथ 31 स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स और 17 एडवांस ड्राइविंग असिस्ट सिस्टम (ADAS) भी मिलेगा। तीन साल बाद वापसी, दिवाली पर मिलेगा हाइब्रिड साल 2012 में पहली बार लॉन्च हुई डस्टर ने भारत में कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट की शुरुआत की थी, जिसे 2022 में डिस्कंटीन्यू किया गया था। अब 3 साल बाद इसकी भारत में एंट्री हुई है। कंपनी ने 27 जनवरी को इसे नए डिजाइन के साथ रिवील किया था। इसकी बुकिंग शुरू हो चुकी है। टर्बो-पेट्रोल वैरिएंट की डिलीवरी अप्रैल से शुरू होगी, जबकि हाइब्रिड दिवाली के आसपास मिलेगा। ये हुंडई क्रेटा, टाटा सिएरा, किआ सेल्टोस, मारुति विक्टोरिस, मारुति ग्रैंड विटारा, टोयोटा हाइराइडर को टक्कर देगी। एक्सटीरियर: Y-शेप्ड हेडलैंप्स और 18-इंच के अलॉय व्हील्स न्यू जनरेशन डस्टर को CMF-B प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। इस प्लेटफॉर्म को डेसिया, रेनो और निसान ने मिलकर डेवलप किया है। नई डस्टर का डिजाइन ग्लोबल मार्केट में बिकने वाले मॉडल डेसिया से इन्सपायर्ड है। फ्रंट प्रोफाइल: चौकोर LED हेडलाइट्स और ग्रिल पर बड़े अक्षरों में लिखी 'DUSTER' ब्रांडिंग इसे अग्रेसिव रोड प्रेजेंस देती है। वर्टिकल एयर इन्लेट्स के साथ नए डिजाइन के फ्रंट बंपर और स्किड्स प्लेट्स हैं। बंपर पर सिल्वर स्किड प्लेट और पिक्सल जैसी दिखने वाली फॉग लैंप्स दी गई हैं। साइड प्रोफाइल: इसमें 18-इंच के नए अलॉय व्हील और मोटी बॉडी क्लैडिंग, चौकोर व्हील आर्क दी गई है, जो इसे एक दमदार ऑफ-रोडर लुक देती है। कार 5 और 7 सीटों के ऑप्शन के साथ आएगी। रियर प्रोफाइल: पीछे की तरफ कनेक्टेड LED टेल लैंप्स और स्किड प्लेट दी गई है। इसकी लेंथ मौजूदा मॉडल से बढ़ाकर 4340mm की गई है, वहीं व्हीलबेस घटाकर 2,657mm किया है। इंटीरियर: 10.1 इंच की टचस्क्रीन और डबल-लेयर डैशबोर्ड नई डस्टर में डबल-लेयर डैशबोर्ड दिया गया है, जिसमें हल्के और डार्क ब्लैक शेड्स हैं। सेंटर कंसोल ड्राइवर की ओर थोड़ा झुका हुआ है। हायर वैरिएंट में दो डिजिटल स्क्रीन मिलेंगी। इसमें ड्राइवर के लिए 7 इंच की स्क्रीन और इंफोटेनमेंट के लिए गूगल OS के साथ 10.25 इंच की टचस्क्रीन शामिल है। सेंटर AC वेंट के नीचे एक हॉरिजोंटल पैनल में कई बटन मिलते हैं, जो इंफोटेनमेंट और HVC सिस्टम को कंट्रोल करते हैं। एक 12V पावर सॉकेट और USB आउटलेट को नीचे की ओर प्लेस किया गया है। ऐसा लगता है कि मैनुअल गियरबॉक्स से लैस डस्टर का गियर लीवर मौजूदा रेनॉल्ट मॉडल से लिया गया है और यह भारत में काइगर और ट्राइबर के समान दिखता है। हायर वैरिएंट में ऑटोमेटिक गियरबॉक्स ऑप्शन और एक इलेक्ट्रॉनिक पार्किग ब्रेक भी मिलता है। तीन-स्पोक स्टीयरिंग व्हील भारी दिखता है और इसमें इंफोटेनमेंट, टेलीफोनी और क्रूज कंट्रोल के लिए बटन हैं। टॉप-स्पेक डस्टर के फीचर्स में वायरलेस चार्जिंग और वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले कनेक्टिविटी, ऑटोमेटिक क्लाइमेंट कंट्रोलऔर 6 स्पीकर के साथ एक आर्कमिस 3D साउंड सिस्टम शामिल होगा। नई डस्टर में ऑटोमेटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सहित ADAS जैसे सेफ्टी फीचर भी मिलेंगे। परफॉर्मेंस: हाइब्रिड सिस्टम के साथ 3 इंजन ऑप्शन नई रेनो डस्टर में 3 इंजन ऑप्शन दिए गए हैं। इसमें एक माइल्ड हाइब्रिड के साथ 1.3 लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन है, जो 160PS की पावर और 280Nm का टॉर्क जनरेट करता है। ट्रांसमिशन के लिए इस इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड DCT ऑटोमेटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन दिया गया है। वहीं दूसरा, 1-लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 100PS की पावर और 160Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसके साथ 6 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन का ऑप्शन मिलेगा। वहीं तीसरा, 1.8 लीटर का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन भी है, जो 8 स्पीड DHT ट्रांसमिशन के साथ आएगा। दिवाली 2026 तक लॉन्च होने वाले इस वर्जन में 1.4kWh की बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर मिलेगी। इसका कुल सिस्टम आउटपुट 160hp होगा।
उत्तराखंड के बाद गुजरात में UCC की तैयारी:समिति ने CM भूपेंद्र पटेल को रिपोर्ट सौंपी, 24 मार्च को सदन में पेश हो सकता है विधेयक
उत्तराखंड के बाद अब गुजरात में भी जल्द यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हो सकता है। यूसीसी के लिए गठित समिति ने मुख्यमंत्री को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। यूसीसी के लिए इस समिति का गठन 4 फरवरी, 2025 को हुआ था। समिति ने विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत अध्ययन के बाद इसने अंतिम सिफारिशों सहित अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। गुजरात सरकार इस रिपोर्ट पर अधिकारियों के साथ चर्चा करेगी। यूसीसी विधेयक 24 मार्च को सदन में पेश किए जाने की संभावना है। महिलाओं के समान अधिकारों को प्राथमिकता मुख्यमंत्री को यह रिपोर्ट प्रस्तुत करते समय दिए गए विवरण में कहा गया है कि समिति ने इस मसौदा रिपोर्ट में विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मुद्दों पर सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक समान कानूनी ढांचा सुझाया है। इस मसौदे में विशेष रूप से महिलाओं के समान अधिकारों और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में गुजरात की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता का भी ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्रा के बाद यूसीसी पर चर्चा तेज हुई दिल्ली में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद गुजरात में यूसीसी पर चर्चा और तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में हुई बैठक में केंद्र के नेताओं के साथ राज्य में यूसीसी को लागू करने की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। राज्य सरकार ने इस मुद्दे का अध्ययन करने के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है, जो विभिन्न धाराओं के सुझावों और कानूनी पहलुओं का मूल्यांकन कर रही है। मार्च के अंतिम सप्ताह में विधानसभा सत्र में यूसीसी से संबंधित कोई प्रस्ताव या विधेयक पेश कर सकती है और इसके लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। यदि यह कानून लागू होता है, तो विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार जैसे मामलों में सभी नागरिकों पर एक समान नियम लागू होंगे। इस तरह उत्तराखंड के बाद गुजरात भी यूसीसी लागू करने वाले राज्यों में शामिल हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज हैं रंजना प्रकाश देसाई जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज हैं। वह 13 सितम्बर 2011 से 29 अक्टूबर 2014 तक सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश रहीं। रंजना देसाई ने 1970 में एलफिंस्टन कॉलेज, मुंबई से स्नातक (बीए) की डिग्री प्राप्त की और उसके बाद 1973 में गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई से विधि स्नातक (बीए एलएलबी) की परीक्षा उत्तीर्ण की। जस्टिस रंजना देसाई जम्मू-कश्मीर पर परिसीमन आयोग की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। देसाई सुप्रीम कोर्ट में आने से पहले बॉम्बे हाईकोर्ट की जज भी रह चुकी हैं।
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