Responsive Scrollable Menu

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस-भाजपा को एक-एक सीट:कांग्रेस के 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की; एक वोट से भी कम के अंतर से जीते बौद्ध

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने जीत दर्ज की। कुल 90 विधायकों के वोट थे, जिनमें से इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के 2 विधायकों ने वोट नहीं डाला। कांग्रेस के 4 और भाजपा का 1 वोट रद्द हो गया, जिसके चलते 83 वोट वैध माने गए। संजय भाटिया को पहली प्राथमिकता के 27.66 वोट मिले। निर्दलीय नांदल को 27.34 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध को 28 वोट मिले। इस प्रकार, नांदल, बौद्ध से केवल 0.66 वोट, यानी एक वोट से भी कम अंतर से हार गए। जीत के बाद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने कहा- इस चुनाव में हमारे सामने चुनौती बहुत बड़ी थी। हमने अग्नि परीक्षा पास की है। जिन्होंने क्रॉस वोटिंग की है, उन्हें जनता देख लेगी। कांग्रेस और भाजपा के जीत का समीकरण जानिए… कुल 90 विधायकों के वोट थे, जिनमें से 2 ने वोट नहीं डाला और 5 वोट रद्द हो गए। इस प्रकार, कुल 83 वोट बचे। भाजपा के 48 विधायकों में से 1 का वोट रद्द हो गया, जिससे 47 वोट बचे। पहली प्राथमिकता वाले वोट भाटिया को 39 और नांदल को 8 मिले। कांग्रेस के 37 विधायकों में से 4 वोट रद्द हो गए और 5 ने क्रॉस वोटिंग की, जिससे 28 वोट बचे। इससे कर्मवीर बौद्ध की जीत तय हो गई। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को पहली प्राथमिकता के 16 वोट मिले, जिनमें भाजपा के 8, कांग्रेस के 5 और निर्दलीय के 3 वोट शामिल हैं। 83 वैध वोट पड़े हैं। इस हिसाब से भाजपा के संजय की पहली प्राथमिकता वाले 27.66 वोट से जीत हुई। फॉर्मूले से पहली प्राथमिकता के बचे 11.34 वोट दूसरी प्राथमिकता वाले प्रत्याशी को शिफ्ट हुए। यानी नांदल को 27.34 वोट मिले, और वे कांग्रेस के बौद्ध (28 वोट) से 0.66 वोट से पीछे रह गए। सवाल-जवाब में समझें कैसे बदला खेल और किसे फायदा-नुकसान हुआ… सवाल: इनेलो के 2 वोट डलते तो कैसे बदलता नतीजा? जवाब: यदि इनेलो ने राज्यसभा चुनाव से दूरी न बनाई होती तो नतीजे कुछ और हो सकते थे। कांग्रेस की जीत .33 वोट वैल्यू यानी एक से भी कम वोट के अंतर से हुई। इनेलो निर्दलीय नांदल को वोट देती तो उनकी जीत तय थी। सवाल: भाजपा की एक वोट रद्द होने से कैसे गड़बड़ हो गई? जवाब: यदि भाजपा का एक वोट रद्द न हुआ होता, तब भी नतीजे बदल जाते। क्योंकि उस स्थिति में सतीश नांदल के पास कांग्रेस से अधिक वोट वैल्यू होती। सवाल: भरत सिंह बेनीवाल का वोट रद्द होता तब क्या होता? जवाब: वोट सीक्रेसी को लेकर कांग्रेस विधायक भरत सिंह बेनीवाल के वोट की शिकायत हुई थी। हालांकि जांच में वह वोट वैलिड निकला। अगर यह वोट रद्द हो जाता तो कांग्रेस ये चुनाव हार सकती थी। सवाल: 9 वोट गंवाने के बावजूद कांग्रेस कैसी जीत गई? जवाब: इनेलो के 2 वोट न डलने और 5 वोट रद्द होने से कुल 83 वोटों की गिनती हुई। ऐसे में जीत का कोटा 27.66 वोट रह गया। इसलिए कांग्रेस 5 क्रॉस वोट और 4 वोट रद्द होने के बाद भी जीत गई। क्योंकि उसके पास 28 वोट बच गई। सवाल: पिछली बार के मुकाबले इस बार कांग्रेस में अलग क्या था? जवाब: इस बार कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं। जीत के कोटा वोट पहले से अधिक थे। 2022 में पार्टी के पास 31 विधायक ही थे। 2 वोट में ही खेल हो गया था। सवाल: कांग्रेस के मास्टर स्ट्रोक क्या रहे? जवाब: राहुल गांधी ने गुटबाजी को देखते हुए अपनी पसंद का प्रत्याशी बनवाया। जिनके ऊपर किसी गुट की छाप नहीं थी। अनुसूचित समाज से प्रत्याशी बनाकर अपने कोर वोटबैंक को साधने की कोशिश की। 3 दिन की बाड़ाबंदी का फायदा मिला। सवाल: कांग्रेस के भीतर क्या असर होगा? जवाब: नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कद बढ़ेगा। पहले दिन से हुड्डा ने ही विधायकों को संभालने की कमान थामी। हुड्डा खुद चंडीगढ़ में रहे, जबकि सांसद बेटे दीपेंद्र हुड्डा को विधायकों के साथ हिमाचल भेजा। हालांकि 5 क्रॉस वोट पर हाईकमान को जवाब देना होगा। सवाल: कांग्रेस का क्या मैसेज देने का प्रयास? जवाब: कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए एससी समाज से प्रत्याशी बनाया। लोकसभा में भी दो एससी आरक्षित सीटें सिरसा और अंबाला कांग्रेस के खाते में हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 5 सीटें दिलाने में इस वोट बैंक की अहम भूमिका रही। विधानसभा चुनाव में सैलजा की नाराजगी के बाद वोट बैंक छिटका था। सवाल: भाजपा कहां चूक गई? जवाब: भाजपा ने शुरू में ही आक्रामक रणनीति अपनाकर कांग्रेस को बैकफुट पर धकेला। पार्टी के उपाध्यक्ष सतीश नांदल को निर्दलीय उतार 2016 और 2022 वाला फॉर्मूला अपनाया। गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी को पर्यवेक्षक बनाया। हालांकि, जीत के लिए जरूरी वोट नहीं जुटा पाई। भाजपा का एक वोट रद्द होना भी कांग्रेस के पक्ष में गया। सवाल: इनेलो वोटिंग से दूर क्यों हुई? जवाब: असल में इनेलो फंस गई थी। वोटिंग में शामिल होने पर हॉर्स ट्रेडिंग का भागीदारी बनने का आरोप लगता। कांग्रेस प्रचारित करती कि BJP की बी टीम है। परंपरागत प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस से हाथ मिलाने से नुकसान का खतरा था। जाट वोट बैंक की नाराजगी भी झेलनी पड़ सकती थी। 2 पॉइंट में जानिए रिजल्ट आने में इतना समय क्यों लगा…. काउंटिंग शुरू होने से पहले 3 आपत्ति: काउंटिंग शाम 5 बजे शुरू होनी थी। इससे पहले ही राज्यमंत्री गौरव गौतम ने टोहाना से कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह और मंत्री कृष्ण बेदी ने ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बेनीवाल के वोट की सीक्रेसी लीक करने की शिकायत की। वहीं, कांग्रेस विधायक भारत भूषण बत्रा ने मंत्री अनिल विज के खिलाफ भी यही शिकायत दर्ज कराई। इस पर काफी विवाद हुआ, जिसके कारण 5 बजे गिनती शुरू नहीं हो पाई। परमवीर सिंह का वोट रद्द हुआ: मामला केंद्रीय चुनाव आयोग तक पहुंचा। जांच में परमवीर सिंह का वोट रद्द कर दिया गया, जबकि भरत सिंह बेनीवाल और अनिल विज का वोट वैध माना गया। इसके बाद रात 10:25 बजे गिनती की प्रक्रिया शुरू हुई। स्क्रीनिंग के दौरान भी कैंसिल वोटों पर विवाद हुआ। काउंटिंग शुरू हुई तो कांग्रेस के 5 विधायकों की क्रॉस वोटिंग सामने आई। साथ ही इनके 4 वोट भी रद्द हुए। भाजपा का भी एक वोट रद्द हुआ। इसके बाद रात 1:10 बजे रिजल्ट घोषित किया गया। कांग्रेस की जीत ऐसी, जश्न से ज्यादा जवाब देने की चुनौती कांग्रेस राज्यसभा चुनाव जीत गई, लेकिन 9 वोट गंवाने का बड़ा झटका भी झेलना पड़ा। कांग्रेस के 5 वोट निर्दलीय के साथ गए। इसके लिए कांग्रेस नेताओं को हाईकमान को भी जवाब देना होगा। जनता के बीच जाकर भी जवाब देना होगा। रिजल्ट आने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस के 25 प्रतिशत विधायक ट्रांसफर हुए हैं। दोनों नए राज्यसभा सांसदों के बारे में जानिए… ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणा राज्यसभा चुनाव के रोचक मोमेंट्स, PHOTOS:व्हीलचेयर पर विज, इलियास सहारा लेकर पहुंचे, CM के सचिव संग दिखीं कांग्रेस MLA; विनेश को लाए हुड्डा हरियाणा राज्यसभा चुनाव के दिन कैबिनेट मंत्री अनिल विज व्हीलचेयर पर वोटिंग करने पहुंचे। वहीं पुन्हाना से कांग्रेस एमएलए मोहम्मद इलियास दो साथियों का सहारा लेकर वोटिंग करने आए। हुड्डा अपनी गाड़ी में सैलजा के करीबी चंद्रमोहन को साथ लाए। दीपेंद्र हुड्डा बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स और विनेश फोगाट को लेकर पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर…

Continue reading on the app

पाकिस्तान का काबुल के अस्पताल पर बड़ा हमला, तालिबान का दावा- एयरस्ट्राइक में 400 लोगों की मौत, PAK ने किया खारिज

Pakistan airstrike on Afghanistan: अफगानिस्तान ने दावा किया है कि पाकिस्तान ने काबुल में एक अस्पताल को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक की है। हमले में 400 लोगों की मौत और 250 अधिक घायल हुए हैं। वहीं, पाकिस्तान ने इस हमले से इनकार किया है।

Continue reading on the app

  Sports

वॉर क्राइम… काबुल पर पाकिस्तानी हमले से भड़के अफगानी क्रिकेटर्स, 400 से ज्यादा की मौत

पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में की गई एयरस्ट्राइक में कम से कम 400 लोगों की मौत हो गई. जिसकी हर कोई कड़ी निंदा कर रहा है, अफगान क्रिकेटरों ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. Tue, 17 Mar 2026 10:15:57 +0530

  Videos
See all

News Ki Pathshala Live : Trump की निकल गई हेकड़ी.. तो HELP-HELP चिल्लाने लगे ! | World News | Iran #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-17T05:43:19+00:00

Big Breaking News | ईरान की अमेरिका को चेतावनी | Iran US War News | News Ki Pathshala |Sushant Sinha #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-17T05:35:53+00:00

Hindu Protest: सूरज हत्या मामले में VHP ने निकाली आक्रोश यात्रा | VHP | Today News #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-17T05:37:25+00:00

Middle East War में भारत की ऊर्जा सुरक्षा शिवालिक नंदा देवी पहुंचा होर्मुज | War | News #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-17T05:33:39+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers