अयोध्या का नागेश्वरनाथ मंदिर, जिसकी स्थापना भगवान श्रीराम के पुत्र महाराज कुश ने कराई.. जानिए क्या थी वजह
अयोध्या का सिद्धपीठ श्री नागेश्वरनाथ मंदिर भगवान शिव के सबसे प्राचीन और पूजनीय धामों में गिना जाता है. मान्यता है कि इसकी स्थापना भगवान श्रीराम के पुत्र महाराज कुश ने की थी. सरयू नदी में गिरे बाजूबंद और नागकन्या से जुड़ी पौराणिक कथा इस मंदिर को विशेष बनाती है. सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.
समाज को दिशा दिखाता शिव दर्शन, जानिए क्यों कहलाते हैं वे देवों के देव महादेव
भगवान शिव भारतीय संस्कृति में केवल देवाधिदेव ही नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन, सामाजिक समरसता और लोककल्याण के सर्वोच्च प्रतीक माने जाते हैं. भगवान शिव यह बताते हैं कि सच्ची महानता वैभव में नहीं, बल्कि करुणा, संतुलन, त्याग और सभी जीवों के प्रति समान दृष्टि रखने में है. यही कारण है कि भोलेनाथ आज भी जन-जन के आराध्य बने हुए हैं.
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