मुश्किल में फंसी रणवीर सिंह की Dhurandhar 2, रिलीज से पहले हुआ ये विवाद
Dhurandhar 2: भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में भी रणवीर सिंह की आने वाली फिल्म ‘धुरंधर 2’ रिलीज से पहले ही जबरदस्त चर्चा में है. फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच इतना उत्साह है कि इसकी एडवांस बुकिंग ने रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर नया रिकॉर्ड बनाना शुरू कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने एडवांस बुकिंग में ही लगभग 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया है. माना जा रहा है कि रिलीज से पहले तक यह आंकड़ा और भी तेजी से बढ़ सकता है.
हालांकि एक तरफ जहां फिल्म को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह फिल्म अब एक नए विवाद में भी घिरती नजर आ रही है. फिल्म पर सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है. इस मामले में फिल्म के मेकर्स, निर्देशक और अभिनेता के खिलाफ कानूनी नोटिस भी भेजा गया है.
‘धुरंधर 2’ को लेकर क्यों है इतना क्रेज?
फिल्म ‘धुरंधर 2’ पिछले साल आई फिल्म ‘धुरंधर’ का सीक्वल है. पहला पार्ट 5 दिसंबर को रिलीज हुआ था और उसने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए दुनियाभर में 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली थी. इस शानदार सफलता के बाद दर्शकों को इसके दूसरे भाग का बेसब्री से इंतजार था. फिल्म के दोनों ही पार्ट का निर्देशन आदित्य धर ने किया है. उन्होंने ही फिल्म की कहानी लिखी है और वो इस प्रोजेक्ट के को-प्रोड्यूसर भी हैं. पहले भाग की सफलता के बाद मेकर्स को उम्मीद है कि ‘धुरंधर 2’ भी बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित होगी.
सिख एक्टिविस्ट ने भेजा लीगल नोटिस
फिल्म रिलीज से पहले ही एक नया विवाद सामने आ गया है. विक्की थॉमस सिंह नाम के एक सिख सामाजिक कार्यकर्ता ने फिल्म के निर्देशक, प्रोड्यूसर्स और अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को कानूनी नोटिस भेजा है.
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि फिल्म में रणवीर सिंह एक सिख किरदार निभा रहे हैं, लेकिन कुछ सीन्स में उन्हें सिगरेट पीते हुए दिखाया गया है. शिकायतकर्ता का कहना है कि सिख धर्म में तंबाकू और धूम्रपान को सख्ती से prohibited माना जाता है, इसलिए इस तरह का चित्रण सिख धार्मिक मान्यताओं और संस्कृति के खिलाफ है. नोटिस में यह भी कहा गया है कि ऐसे सीन सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं. इसलिए फिल्म में मौजूद सभी उन सीन्स को हटाने की मांग की गई है जिनमें एक्टर सिगरेट पीते हुए नजर आते हैं.
मेकर्स से मांगी गई सार्वजनिक माफी
शिकायतकर्ता ने अपनी मांग में यह भी कहा है कि फिल्म के मेकर्स को इस मामले पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. नोटिस में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि अगर तय समय सीमा के भीतर इन मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो मेकर्स के खिलाफ आगे कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं.
शिरोमणि अकाली दल ने भी जताई आपत्ति
इस विवाद में अब राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है. शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरणा ने भी फिल्म को लेकर आपत्ति जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया पर फिल्म के गाने ‘प्रलय’ का एक पोस्टर शेयर किया है, जिसमें रणवीर सिंह पगड़ी पहने हुए और हाथ में सिगरेट पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं. सरणा ने अपने पोस्ट में लिखा कि एक सिख किरदार को इस तरह सिगरेट के साथ दिखाना बेहद आपत्तिजनक है और यह सिख धार्मिक सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन है.
उन्होंने संबंधित सरकारी एजेंसियों और अधिकारियों से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने और जांच करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जांच के बाद अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो फिल्म के मेकर्स को विवादित पोस्टर और सीन हटाने का निर्देश दिया जाना चाहिए.
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आईपीओ लॉक-इन एक्सपायरी खत्म होते ही फ्रैक्टल एनालिटिक्स और ऐ फाइनेंस समेत इन 4 शेयरों में 7.4 प्रतिशत तक की गिरावट
मुंबई, 16 मार्च (आईएएनएस)। हाल ही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई चार कंपनियों के शेयर सोमवार को गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे, क्योंकि इनके आईपीओ की लॉक-इन अवधि खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में शेयर ट्रेडिंग के लिए योग्य हो गए।
फ्रैक्टल एनालिटिक्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। कंपनी के शेयर करीब 4.35 प्रतिशत तक गिर गए, क्योंकि लगभग 0.69 करोड़ शेयर, जो कंपनी की कुल इक्विटी का करीब 4 प्रतिशत हैं, ट्रेडिंग के लिए खुल गए।
दोपहर 1:50 बजे के आसपास कंपनी के शेयर 3.98 प्रतिशत की गिरावट के साथ 764.35 रुपए पर कारोबार करते नजर आए। यह शेयर अभी भी अपने आईपीओ प्राइस 900 रुपए से करीब 12 प्रतिशत नीचे चल रहा है।
वहीं, ऐ फाइनेंस के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली, और कंपनी के शेयर 7.42 प्रतिशत तक गिर गए, क्योंकि इसकी एक महीने की लॉक-इन अवधि खत्म हो गई।
पिछले पांच दिनों में कंपनी के शेयर 14.64 प्रतिशत गिर चुके हैं, जबकि एक महीने में निवेशकों को करीब 24.29 प्रतिशत का नकारात्मक रिटर्न मिला है। लॉक-इन खत्म होने के बाद करीब 1.76 करोड़ शेयर, जो कंपनी की लगभग 7 प्रतिशत इक्विटी के बराबर हैं, बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए।
इसी तरह पार्क मेडी वर्ल्ड के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। सोमवार को कंपनी के शेयर करीब 3.2 प्रतिशत गिर गए, क्योंकि लगभग 0.85 करोड़ शेयर, यानी कंपनी की करीब 2 प्रतिशत इक्विटी लॉक-इन से बाहर आ गई।
वहीं, नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के शेयर करीब 2.8 प्रतिशत गिर गए, क्योंकि करीब 0.28 करोड़ शेयर, जो कंपनी की लगभग 3 प्रतिशत इक्विटी हैं, 16 मार्च से ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए।
इस बीच नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में आईपीओ लाने वाली 88 कंपनियों के प्री-लिस्टिंग निवेशकों की लॉक-इन अवधि 11 मार्च से 29 जून 2026 के बीच खत्म होने वाली है।
इससे आने वाले महीनों में करीब 72 अरब डॉलर (लगभग 6.6 लाख करोड़ रुपए) के शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो सकते हैं, जिससे बाजार की धारणा और शेयरों की चाल पर असर पड़ सकता है।
--आईएएनएस
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