मेंटल हेल्थ– बुढ़ापे में बीमारी का डर:मामूली दर्द भी हार्ट अटैक लगता है, टेस्ट में कुछ नहीं आता, लेकिन डर नहीं जाता, क्या करूं
सवाल– मेरी उम्र 62 साल है। मैं दो साल पहले ही गवर्नमेंट जॉब से रिटायर हुआ हूं। पिछले साल मेरे एक दोस्त को अचानक हार्ट अटैक आया और उसकी डेथ हो गई। उसके बाद से अपनी सेहत को लेकर मेरे मन में एक अजीब सा डर बैठ गया है। शरीर में हल्का-सा भी दर्द हो तो मुझे लगता है कि कोई गंभीर बीमारी हो गई है। हर छोटी प्रॉब्लम पर मैं पूरा बॉडी चेकअप करवाता हूं। डॉक्टर कहते हैं कि सब नॉर्मल है, लेकिन फिर भी मेरा मन नहीं मानता। लगता है कि मुझे भी अचानक किसी दिन हार्ट अटैक आ जाएगा। मेरी वजह से मेरी वाइफ-बच्चे भी परेशान होते हैं। मैं क्या करूं? इस डर से कैसे बाहर निकलूं? एक्सपर्ट– डॉ. द्रोण शर्मा, कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट, आयरलैंड, यूके। यूके, आयरिश और जिब्राल्टर मेडिकल काउंसिल के मेंबर। किसी करीबी दोस्त की अचानक मौत बहुत बड़ा मानसिक झटका हो सकती है। इसके बाद अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क हो जाना भी सामान्य है। लेकिन अगर बार-बार जांच कराने के बाद भी मन को तसल्ली न मिले, हर छोटे लक्षण को गंभीर बीमारी मान लिया जाए और यह डर रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालने लगे तो यह सिर्फ सतर्कता नहीं है। यह हेल्थ एंग्जाइटी का संकेत हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं कि व्यक्ति बीमारी का बहाना बना रहा है। उसे जो डर और बेचैनी महसूस होती है, वह वास्तविक है। हेल्थ एंग्जाइटी में समस्या यह है कि दिमाग सामान्य शारीरिक संकेतों को भी गंभीर बीमारी का सबूत मानने लगता है। हेल्थ एंग्जाइटी और सोमैटिक सिम्पटम डिसऑर्डर में फर्क पुराने जमाने में ऐसे मामलों को हाइपोकॉन्ड्रियासिस कहा जाता था। लेकिन अब डॉक्टर ज्यादा सटीक शब्द का इस्तेमाल करते हैं। हेल्थ एंग्जाइटी में व्यक्ति को गंभीर बीमारी होने का डर सबसे ज्यादा परेशान करता है। कई बार शरीर में कोई खास लक्षण भी नहीं होता। सोमैटिक सिम्पटम डिसऑर्डर में शरीर में दर्द, थकान या दूसरे शारीरिक लक्षण सचमुच मौजूद होते हैं। लेकिन व्यक्ति उन लक्षणों को लेकर जरूरत से ज्यादा डरने लगता है। उसकी चिंता वास्तविक खतरे से कहीं ज्यादा होती है। दोनों स्थितियों में व्यक्ति का डर असली होता है। इसलिए इसे कमजोरी या वहम कहकर टालना ठीक नहीं है। हेल्थ एंग्जाइटी का चक्र हेल्थ एंग्जाइटी में डर अक्सर एक पैटर्न पर चलता है। आसपास हुई कोई ट्रेजेडी उस डर को और बढ़ा देती है। व्यक्ति शरीर के सामान्य बदलावों को भी बीमारी का संकेत मानने लगता है। इससे चिंता और बढ़ती है। आपके केस में ट्रिगर पॉइंट था, दोस्त का हार्ट अटैक। इस पूरे चक्र को ग्राफिक से समझिए– रिटायरमेंट के बाद क्यों बढ़ती समस्या रिटायरमेंट के बाद अचानक दिनचर्या बदल जाती है। काम कम हो जाता है। लोगों से मिलना-जुलना भी घट सकता है। ऐसे में कई लोगों का ध्यान अपने शरीर पर ज्यादा जाने लगता है। अगर इसी दौरान किसी दोस्त की मौत, कोई गंभीर बीमारी या परिवार में स्वास्थ्य से जुड़ी घटना हो जाए तो यह डर और बढ़ सकता है। उम्र बढ़ने के साथ भविष्य को लेकर चिंता भी बढ़ती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर दर्द हेल्थ एंग्जाइटी है। क्या आपको हेल्थ एंग्जाइटी है? करें सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट यहां मैं आपको एक सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट दे रहा हूं। पिछले चार सप्ताह को ध्यान में रखकर नीचे दिए सवालों के जवाब दें। नीचे ग्राफिक्स में कुल 10 सवाल हैं। आपको इन सवालों को 0 से 3 के स्केल पर रेट करना है। जैसेकि पहले सवाल के लिए अगर आपका जवाब 'बिल्कुल नहीं' है तो 0 नंबर दें और अगर आपका जवाब 'लगभग हर दिन' है तो 3 नंबर दें। अंत में अपने टोटल स्कोर की एनालिसिस करें। स्कोर का इंटरप्रिटेशन भी ग्राफिक में दिया है। छह हफ्तों में कैसे कम करें यह डर? हेल्थ एंग्जाइटी से बाहर निकलने में कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी (CBT) काफी असरदार मानी जाती है। इसका मकसद यह नहीं है कि आप स्वास्थ्य की परवाह करना छोड़ दें। इसका मकसद है कि आपका जीवन डर नहीं, बल्कि समझदारी से चले। पहला कदम: एंग्जाइटी जर्नल बनाएं जब भी डर लगे, डायरी में ये पांच बातें लिखिए— उदाहरण: क्या हुआ– सीने में हल्का दर्द मन में पहला विचार क्या आया– "हार्ट अटैक है" डर कितना था– 90/100 आपने क्या किया– बीपी चेक किया बाद में सही निष्कर्ष क्या निकला– पता चला कि गैस थी। इस तरह धीरे-धीरे आपका दिमाग समझने लगेगा कि हर लक्षण का मतलब गंभीर बीमारी नहीं होता। दूसरा कदम अपने विचारों को चुनौती दें हर बार खुद से चार सवाल पूछिए— याद रखिए, लक्ष्य यह नहीं है कि "मुझे कभी हार्ट अटैक नहीं होगा।" लक्ष्य यह है कि "हर धड़कन या हर दर्द हार्ट अटैक नहीं होता।" तीसरा कदम बार-बार जांच करना कम करें एक सप्ताह तक लिखिए— कितनी बार बीपी चेक किया। चौथा कदम तुरंत प्रतिक्रिया न दें पांचवां कदम फिर से सक्रिय बनें डॉक्टर की सलाह के अनुसार— व्यायाम के दौरान धड़कन बढ़ना सामान्य बात है। इसे बीमारी का संकेत मानने की जरूरत नहीं है। छठा कदम जिंदगी को फिर से जिएं रिटायरमेंट के बाद अपने जीवन की नई योजना बनाइए और समय निकालिए— हेल्थ चेकअप भी जरूरी 62 साल की उम्र में किसी भी परेशानी को सीधे मानसिक समस्या मान लेना भी सही नहीं है। इसलिए आप– डॉक्टर से मिलना कब जरूरी? अगर हेल्थ एंग्जाइटी हल्की है, तो कई लोगों को सिर्फ CBT और काउंसिलिंग से फायदा मिल जाता है। लेकिन अगर इसके साथ डिप्रेशन, पैनिक डिसऑर्डर या गंभीर एंग्जाइटी भी हो, तो डॉक्टर दवा की सलाह दे सकते हैं। याद रखें: कोई भी स्लीपिंग पिल या एंटी-एंग्जाइटी दवा अपनी मर्जी से शुरू न करें। तुरंत इमरजेंसी में जाएं, अगर… अंतिम बात हेल्थ एंग्जाइटी का मतलब यह नहीं कि आपको अपनी सेहत की चिंता छोड़ देनी चाहिए। सही तरीका यह है कि जरूरी मेडिकल जांच कराएं, डॉक्टर की सलाह मानें और डर को अपनी जिंदगी चलाने न दें। बीमारी से 100 फीसदी बचाव की गारंटी किसी के पास नहीं। लेकिन सही जानकारी, संतुलित सोच और समय पर इलाज की मदद से आप डर नहीं, बल्कि अपने जीवन को फिर से केंद्र में ला सकते हैं। ………………… मेंटल हेल्थ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए मेंटल हेल्थ- शादी के बाद नौकरी छोड़ दी: अब सिर्फ एक पत्नी और मां हूं, सबको खुश करने की कोशिश में अपनी खुशी भूल गई, क्या करूं ये समस्या आपकी अकेले की नहीं है। हजारों महिलाएं जीवन के किसी-न-किसी मोड़ पर ये महसूस करती हैं। वे अच्छी मां हैं, जिम्मेदार पत्नी हैं, परिवार की मजबूत आधारशिला हैं, लेकिन जब बात खुद की आती है तो जवाब धुंधला पड़ जाता है। पूरी खबर पढ़िए…
सरकार बोली- हवाई ईंधन में एथेनॉल मिलाने का प्लान नहीं:सोना कल ₹2,814 और चांदी ₹1,112 महंगी हुई, रेडमी नोट 17 स्मार्टफोन लॉन्च
कल की बड़ी खबर हवाई जहाज के ईंधन में एथेनॉल मिलाने से जुड़ी रही। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार का हवाई जहाज के ईंधन में एथेनॉल मिलाने का कोई प्लान नहीं है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 2,814 रुपए बढ़कर 1.48 लाख रुपए पर पहुंच गया। एक किलो चांदी की कीमत 1,112 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… 1. सोने की कीमत ₹2,814 बढ़कर ₹1.48 लाख हुई: 6 दिन में ₹5,580 दाम बढ़ चुके; चांदी कल ₹1,112 बढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमत में 6 अगस्त को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 2,814 रुपए बढ़कर 1.48 लाख रुपए पर पहुंच गया है। एक किलो चांदी की कीमत 1,112 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस महीने यानी अगस्त में सिर्फ 6 दिन में ही सोना 5,580 और चांदी 7,379 रुपए महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सरकार बोली- हवाई ईंधन में एथेनॉल मिलाने का प्लान नहीं:केजरीवाल ने कहा था- इससे यात्री सुरक्षा को खतरा; एविएशन मिनिस्टर बोले- गलत बयान न दें केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार का हवाई जहाज के ईंधन में एथेनॉल मिलाने का कोई प्लान नहीं है। उन्होंने कहा कि विमान सुरक्षा को लेकर इस तरह की गलत जानकारी या अफवाहें फैलाने से हवाई यात्रियों में बेवजह डर और चिंता पैदा होती है। नायडू का यह बयान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर विमान के ईंधन में एथेनॉल मिलाने की योजना का आरोप लगाया था। उड्डयन मंत्री ने साफ किया कि हवाई यात्रियों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. रेडमी नोट 17 स्मार्टफोन 8,000mAh बैटरी के साथ लॉन्च:शुरुआती कीमत ₹27,999; 7 इंच एमोलेड डिस्प्ले और स्नैपड्रैगन 4 जेन 4 प्रोसेसर मिलेगा शाओमी ने भारत में अपना नया मिड-रेंज स्मार्टफोन रेडमी नोट 17 लॉन्च कर दिया है। इस फोन में 8,000mAh की बड़ी बैटरी, स्नैपड्रैगन 4 जेन 4 चिपसेट और 6.9-inch का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। फोन की शुरुआती कीमत 27,999 रुपए है। इसकी बिक्री 12 अगस्त से शुरू होगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. हर महीने ₹610 जमा करने पर मिलेंगे ₹1 लाख:SBI की 'हर घर लखपति' स्कीम में 7.05% तक का ब्याज, जानें इससे जुड़ी खास बातें भारतीय स्टेट बैंक यानी SBI एक खास रिकरिंग डिपॉजिट यानी RD स्कीम चला रही है, जिसका नाम है ‘हर घर लखपति’ है। यह एक कस्टमाइज्ड RD प्रोडक्ट है, जिसका मकसद है कि आम आदमी हर महीने छोटी-छोटी बचत करके मैच्योरिटी पर ₹1 लाख या उससे ज्यादा का फंड जुटा सके और ‘लखपति’ बन सके। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए...
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