चीन और वियतनाम दसवें सीमा रक्षा मैत्री आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन करेंगे
बीजिंग, 15 मार्च (आईएएनएस)। मध्य मार्च में, चीन-वियतनाम सीमा रक्षा मैत्री आदान-प्रदान कार्यक्रम का दसवां आयोजन चीन के ग्वांग्शी जुआंग स्वायत्त प्रदेश और वियतनाम के क्वांग निन्ह प्रांत के संबंधित क्षेत्रों, बंदरगाहों और बेइबू खाड़ी में किया जाएगा।
इस कार्यक्रम के दौरान, दोनों पक्ष संयुक्त नौसैनिक गश्त और संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास, सीमा चिकित्सा सेवाएं, सीमावर्ती सैन्य कर्मियों और नागरिकों के बीच सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों का आयोजन करेंगे, साथ ही चीन-वियतनाम क्रांति के शहीदों के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।
यह कार्यक्रम दोनों देशों और उनकी सेनाओं के बीच पारंपरिक मित्रता को और मजबूत करेगा, दोनों सेनाओं के सभी स्तरों के कर्मियों के बीच आपसी विश्वास और आदान-प्रदान को सुदृढ़ करेगा, व्यावहारिक सहयोग को गहरा करेगा और सीमा सुरक्षा और संबंधित जलक्षेत्रों की रक्षा करने की उनकी संयुक्त क्षमता में सुधार करेगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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Iran Isarel US War: ईरान की रणनीति को लेकर War Zone से रिपोर्टर का बड़ा खुलासा
न्यूज नेशन के वरिष्ठ संवाददाता मधुरेंद्र कुमार लगातार ग्राउंड जीरो से वॉर जोन से हम तक रिपोर्ट पहुंचा रहे हैं. इस दौरान वरिष्ठ संवाददाता ने बताया, 'देखिए तीसरे हफ्ते में अब युद्ध प्रवेश कर गया है. पहले तो लग रहा था कि सिर्फ कुछ दिन की लड़ाई है. आजकल के जंग के हालात वो वॉर फेयर नहीं है बल्कि हाइब्रिड वॉरियर के तौर पे देखा जा सकता है. ये वॉर भी पूरी तरह से हाइब्रिड वॉरियर है और ये भी यूक्रेन वॉर की तरह होता जा रहा है क्योंकि युद्ध के मैदान में आप देखिए तो जिस तरह से अमेरिका की पूरी सेना जो है चाहे एयर डोमिनेंस की बात करें नेबर डोमिनेंस की बात करें या ग्राउंड प्रेजेंस की बात करें जो ईरान के चारों तरफ केसेस है.
सत्त पलटने की कवायद को लगा धक्का
वरिष्ठ संवाददाता ने बताया, 'चाहे इराक में देखिए चाहे इस वक्त बंगाल में देखिए या फिर आप बहरीन में देखिए. यूएई में देखिए तो उन तमाम जगहों से ईरान को घेरकर उस पर हमला करने की जो पूरी कवायद है वो अब तक सफल नहीं हो पा रही है. उसके दो सबसे बड़े कारण है. एक तो अमेरिका को ऐसा लगा था, इजराइल को ऐसा लगा था कि सुप्रीम लीडर की हत्या करने के बाद और टॉप लीडरशिप को मारने के बाद वहां पर सत्ता परिवर्तन आसान होगा. एक विद्रोही गुट जो है और खासतौर से जो सत्ता विरोधी लोग हैं वो सड़कों पर उतरेंगे. सत्ता पलट जाएगी. ऐसा नहीं हुआ.'
अमेरिका ड्रोन पर अंकुश नहीं लगा पाया
वरिष्ठ संवाददाता ने बताया, 'उल्टा आईआरजीसी और जो नेक्स्ट लेवल ऑफ़ कमांड है उसने अपने आप को खुद को इंटैक्ट किया. आप देखिए तो एक नए सुप्रीम लीडर भी इस वक्त ईरान के साथ है और पूरी तरह से देखे तो ईरान के जो हथियार है चाहे आप ड्रोन पावर की बात करें या मिसाइल पावर की सिर्फ हवाई हमले कर देने से रिजीम चेंज नहीं हो सकता. यह कहीं शायद अमेरिका भी समझ रहा है, क्योंकि उसके लिए तो आपको ग्राउंड पर उतरना ही होगा अगर आपका यही मोटिव है तो देखिए ग्राउंड पर उतरने के लिए वहां पर आपके लिए सपोर्टिव एनवायरमेंट भी होना चाहिए वरना कैजुअल्टी बहुत ज्यादा होगी, क्योंकि आपको अर्बन वॉरियर लाना पड़ेगा आपको उस ग्राउंड में जाना पड़ेगा. जहां पर दरअसल आपको आईआरटीसी का सामना करना पड़ेगा और अभी तक आईआरटीसी के हथियार खासतौर पर मिसाइल और ड्रोन पर आप अंकुश नहीं लगा पाए हैं. अभी तक आप देखिए तो राज्य की जो जनता है. सत्ता विरोधी है जो प्रदर्शन पर उतारू है. वह अब तक अपना मुंह खोलने को तैयार नहीं है तो ऐसी स्थिति में ग्राउंड पर सपोर्ट आपको मिल पाना बेहद मुश्किल होगा.'
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