आंसुओं में चमकता 'सिल्वर'... जदुमनी सिंह के फाइनल मुकाबले की कहानी जो कभी भूली नहीं जाएगी
Jadumani Singh: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुषों की 55 किग्रा मुक्केबाजी फाइनल में भारत के जदुमनी सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया. पहले राउंड में 3-2 की स्प्लिट बढ़त बनाकर जदुमनी ने स्वर्ण की उम्मीद जगाई, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के जाय डिक्सन ने दूसरे दौर में आक्रामक वापसी कर बढ़त बना ली. अंतिम दौर में जादुमनी ने आखिरी सेकंड तक जोरदार पलटवार किया, पर जीत डिक्सन के हाथ लगी. भले ही गोल्ड हाथ से निकल गया, लेकिन जदुमनी का यह सिल्वर किसी स्वर्णिम जीत से कम नहीं है.
सरहद पार गूंजी मैरी कॉम की धाक... भारत की 'सुपरमॉम' को गुरु मान पाकिस्तान की फातिमा ने रचा इतिहास
Fatima Zahra want to be like MC Mary Kom: मणिपुर की पहाड़ियों से निकली छह बार की विश्व चैंपियन मैरी कॉम की संघर्ष गाथा अब सरहदों के पार भी नया सवेरा ला रही है. पाकिस्तान के सरगोधा शहर की 22 वर्षीय फातिमा जहरा ने राष्ट्रमंडल खेलों में 60 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया. वह मुक्केबाजी में पदक जीतने वाली पाकिस्तान की पहली महिला बनीं. विपरीत परिस्थितियों और पारिवारिक विरोध के बीच 2014 में आई फिल्म 'मैरी कॉम' को देखकर ट्रेनिंग करने वाली फातिमा ने यह साबित किया कि प्रेरणा सीमाओं की मोहताज नहीं होती.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18










