राम भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी: 17 अगस्त को स्वर्ण झूले पर विराजेंगे रामलला, ऐसे होंगे दिव्य दर्शन
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में इस वर्ष सावन झूलनोत्सव को यादगार बनाने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट आयोजन को भव्य, सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक स्वरूप देने के लिए व्यापक स्तर पर योजना बना रहा है।
धार्मिक परंपरा के अनुसार, सावन शुक्ल पंचमी (17 अगस्त) को रामलला को गर्भगृह में विशेष रूप से तैयार किए गए स्वर्ण झूले पर विराजमान कराया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु लगभग 20 फीट की दूरी से प्रभु के झूला दर्शन कर सकेंगे।
धर्म समिति तैयार कर रही है पूरी रूपरेखा
ट्रस्ट ने आयोजन की जिम्मेदारी धर्म समिति को सौंपी है। समिति झूला दर्शन, भजन, कजरी, सावन गीत, धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर रही है। जल्द ही बैठक के बाद अंतिम कार्यक्रम को मंजूरी दी जाएगी।
ट्रस्ट पदाधिकारी लगातार कर रहे समीक्षा
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने वर्चुअल बैठक के माध्यम से ट्रस्टियों और संतों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने इस वर्ष के झूलनोत्सव को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया। वहीं, अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्णमोहन और ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास भी आयोजन से जुड़ी तैयारियों पर लगातार समन्वय बनाए हुए हैं।
15 अगस्त से शुरू होगा सावन मेला
रामनगरी में पारंपरिक सावन मेला और झूलनोत्सव की शुरुआत 15 अगस्त से मणि पर्वत पर होगी। इसके बाद पंचमी तिथि पर रामलला स्वर्ण झूले पर विराजेंगे। इस बार मुख्य मंदिर के साथ-साथ मंदिर परिसर के अन्य पूरक मंदिरों में भी विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उत्सव विग्रह यात्रा पर भी विचार
ट्रस्ट इस बात पर भी विचार कर रहा है कि श्रीराम मंदिर के उत्सव विग्रह को मणि पर्वत की पारंपरिक यात्रा में शामिल किया जाए। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो इस वर्ष का झूलनोत्सव श्रद्धालुओं के लिए पहले से अधिक आकर्षक और ऐतिहासिक बन सकता है।
Sawan Vrat Recipe: व्रत में डाइट रुटीन नहीं छोड़ना चाहते हैं, तो ट्राई करें ऑइल फ्री टेस्टी और हेल्दी कुट्टू का चीला
Kuttu Ka Cheela Recipe: सावन का पहला सोमवार आते ही घरों में शिव भक्ति के साथ व्रत की थाली भी खास हो जाती है। अगर इस बार फलाहार में कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो स्वाद में लाजवाब हो, पेट को देर तक भरा रखे और एनर्जी भी बनाए रखे, तो कुट्टू के आटे का चीला आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। पनीर की सॉफ्ट स्टफिंग और चटनी का स्वाद इसे व्रत की थाली का परफेक्ट सुपरफूड बना देता है।
कुट्टू का चीला बनाने के लिए सामग्री
चीले के लिए
- 100 ग्राम कुट्टू का आटा
- 1 छोटा चम्मच सेंधा नमक
- 2 बारीक कटी हरी मिर्च
- ½ छोटा चम्मच जीरा
- 50 ग्राम कद्दूकस किया हुआ पनीर
- 10 ग्राम बारीक कटा अदरक
- देसी घी
इमली की चटनी के लिए
- 100 ग्राम इमली
- 400 मिली पानी
- 15 ग्राम सोंठ पाउडर
- ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- 80 ग्राम चीनी
- ¼ छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर
- ½ छोटा चम्मच सेंधा नमक
4 आसान स्टेप में बनाएं स्वादिष्ट कुट्टू का चीला
स्टेप 1: पहले तैयार करें परफेक्ट बैटर
एक बड़े मिक्सिंग बाउल में कुट्टू का आटा, सेंधा नमक, जीरा और बारीक कटी हरी मिर्च डालें। अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए बिना गुठलियों वाला स्मूद बैटर तैयार करें। बैटर की कंसिस्टेंसी ऐसी रखें कि वह तवे पर आसानी से फैल सके।
स्टेप 2: तवे पर दें सुनहरा रंग
नॉन-स्टिक या लोहे का तवा गर्म करें और उस पर हल्का-सा देसी घी लगाएं। अब एक कलछी बैटर डालकर गोल आकार में फैलाएं। मध्यम आंच पर दोनों तरफ से तब तक सेंकें, जब तक चीला हल्का सुनहरा और किनारों से कुरकुरा न हो जाए।
स्टेप 3: पनीर की स्टफिंग से बढ़ाएं स्वाद
जब चीला लगभग तैयार हो जाए, तब उसके ऊपर कद्दूकस किया हुआ पनीर और बारीक कटा अदरक फैलाएं। चाहें तो इसे आधा मोड़कर 1-2 मिनट और पकाएं, ताकि स्टफिंग अच्छी तरह गर्म होकर स्वाद में घुल जाए।
स्टेप 4: चटनी के साथ करें सर्व
गरमा-गरम कुट्टू का चीला तैयार है। इसे इमली की मीठी-तीखी चटनी या ताजा नारियल की चटनी के साथ परोसें। व्रत की थाली में यह कॉम्बिनेशन स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है।
घर पर मिनटों में बनाएं इमली की चटनी
इमली को 20-30 मिनट तक पानी में भिगो दें। इसके बाद गूदा निकालकर अच्छी तरह छान लें। अब इसमें सोंठ पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च, सेंधा नमक और चीनी मिलाकर इसे धीमी आंच पर तब तक पकाएं, जब तक चटनी हल्की गाढ़ी न हो जाए।
कुट्टू का चीला बनाते समय इन टिप्स का रखें ध्यान
- बैटर में थोड़ा- थोड़ा करके पानी मिलाएं, इससे चीला आसानी से फैलता है।
- अगर आप कुरकुरा चीला बनाना चाहते है, तो बैटर थोड़ा पतला रखें।
- स्वाद और ताजगी बढ़ाने के लिए ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डाल सकते हैं।
अगर सावन के व्रत में रोज एक जैसी डिश खाकर बोर हो चुके हैं, तो कुट्टू का चीला आपकी थाली में स्वाद और पोषण दोनों जोड़ सकता है। हल्का होने के बावजूद यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है, इसलिए व्रत के लिए यह एक शानदार और हेल्दी विकल्प माना जाता है।
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