Sawan Somwar 2026: सावन सोमवार का व्रत रख रहे हैं? भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानें जरूरी नियम
Sawan Somwar 2026: भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना शुरू हो चुका है और इसके साथ ही श्रद्धालुओं में सावन सोमवार व्रत को लेकर उत्साह भी बढ़ गया है। मान्यता है कि इस पवित्र माह में सोमवार के दिन व्रत रखकर और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। शिवालयों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं और भोलेनाथ से सुख, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मांगते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार का व्रत अविवाहित युवतियां योग्य जीवनसाथी की कामना से रखती हैं, जबकि विवाहित महिलाएं परिवार की खुशहाली और दांपत्य जीवन में सुख-शांति के लिए इस व्रत का पालन करती हैं। हालांकि, शास्त्रों में कुछ ऐसे नियम भी बताए गए हैं जिनका पालन करना आवश्यक माना जाता है। इन बातों की अनदेखी करने से पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता।
सावन सोमवार व्रत में किन बातों का रखें विशेष ध्यान
शिवलिंग पर सही सामग्री ही अर्पित करें
पूजा के समय भगवान शिव का जल, गंगाजल या पंचामृत से अभिषेक करें। बेलपत्र, चंदन, धतूरा, भांग, शमी पत्र और पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है। वहीं तुलसी के पत्ते, हल्दी और केतकी के फूल शिवलिंग पर अर्पित करने से बचना चाहिए।
खंडित बेलपत्र न चढ़ाएं
बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है, लेकिन पूजा में हमेशा साबुत और स्वच्छ बेलपत्र ही अर्पित करें। फटा या क्षतिग्रस्त बेलपत्र चढ़ाना उचित नहीं माना जाता।
दिन में अधिक विश्राम से बचें
यदि आपने सावन सोमवार का व्रत रखा है तो दिनभर संयम और पूजा-पाठ में समय देना बेहतर माना जाता है। शाम के प्रदोष काल में शिव आराधना का विशेष महत्व बताया गया है।
सात्विक जीवनशैली अपनाएं
व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करने, मन और वाणी को संयमित रखने तथा सकारात्मक व्यवहार अपनाने की सलाह दी जाती है।
तामसिक भोजन और नशे से रहें दूर
सावन सोमवार पर मांसाहार, शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने से बचें। इस दिन सात्विक भोजन और शुद्ध आहार को प्राथमिकता दें।
दान-पुण्य का भी रखें महत्व
व्रत के दिन अपनी क्षमता के अनुसार गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है।
शुभ रंग के वस्त्र पहनें
सावन सोमवार पर हरा, सफेद, पीला, लाल या केसरिया रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। कई धार्मिक मान्यताओं में काले रंग के कपड़े पहनने से बचने की सलाह दी जाती है।
सावन सोमवार 2026 की तिथियां
- पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
- दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
- तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
- चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026
सावन सोमवार का धार्मिक महत्व
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान श्रद्धापूर्वक व्रत, जलाभिषेक, मंत्र जाप और शिव पूजा करने से मानसिक शांति, पारिवारिक सुख, वैवाहिक जीवन में मधुरता और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होने की मान्यता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया सावन सोमवार व्रत भक्तों के लिए आस्था और आत्मिक साधना का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हरिभूमि.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है।
Sawan Somwar 2026: सावन के पहले सोमवार पर ऐसे करें भगवान शिव की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और जरूरी नियम
Sawan Somwar 2026: भगवान शिव को समर्पित सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है। इस माह का प्रत्येक सोमवार विशेष महत्व रखता है, लेकिन पहला सावन सोमवार बेहद शुभ माना जाता है। आज सावन का पहला सोमवार है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और व्रत करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। अविवाहित युवतियां मनचाहा जीवनसाथी पाने और विवाहित महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से सावन सोमवार का व्रत रखती हैं।
पहले सावन सोमवार के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:19 बजे से 5:01 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
- प्रदोष काल: शाम 6:26 बजे से 7:56 बजे तक
- निशिता काल: रात 11:33 बजे से 12:21 बजे तक
सावन सोमवार पूजा विधि
- सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थान को साफ करके गंगाजल से शुद्ध करें।
- अब हाथ में जल लेकर व्रत और पूजा का संकल्प लें। भगवान शिव का जल और गंगाजल से अभिषेक करें, फिर पंचामृत से अभिषेक करने के बाद पुनः स्वच्छ जल अर्पित करें।
- पूजा के दौरान भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, चंदन, अक्षत, शमी पत्र, फल और पुष्प अर्पित करें। माता पार्वती को सुहाग की सामग्री समर्पित करें। इसके बाद घी का दीपक जलाकर शिव चालीसा का पाठ करें, 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें और अंत में शिव आरती करके पूजा संपन्न करें।
सावन सोमवार के दिन रखें इन बातों का ध्यान
- पूजा से पहले मन, वचन और कर्म की पवित्रता बनाए रखें।
- शिवलिंग पर ताजा बेलपत्र ही अर्पित करें और उसकी चिकनी सतह ऊपर की ओर रखें।
- पूजा में तुलसी के पत्ते भगवान शिव को न चढ़ाएं।
- सात्विक भोजन करें और क्रोध, झूठ व नकारात्मक विचारों से बचें।
- यदि संभव हो तो पूरे दिन 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करें।
सावन सोमवार का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन माह भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस महीने में की गई शिव उपासना का फल कई गुना अधिक माना जाता है। श्रद्धापूर्वक व्रत, रुद्राभिषेक और जलाभिषेक करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है, वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ती है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। माना जाता है कि सच्चे मन से की गई शिव आराधना भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करने में सहायक होती है।
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