Magnetic Track Lights: दिवाली पर घर को दें रॉयल लुक लगाएं Magnetic Track Lights और COB Lights
दीपावली का पर्व खुशियां और नई चमक लेकर आता है। अक्सर लोग इस दौरान घर की सजावट में महंगे शोपीस और वॉल आर्ट पर ध्यान देते हैं, लेकिन अक्सर सही लाइटिंग को नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि इंटीरियर डिजाइनर्स की मानें, तो साधारण घर को रॉयल और लग्जरी दिखाने के लिए सीलिंग की सही लाइटिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में आप भी इस दिवाली अपने आशियाने को एलिगेंट और मॉर्डन लुक देने के लिए आप दो खास लाइट्स को घर में लगा सकते हैं।
यह दो लाइट्स स्लिम मैग्नेटिक ट्रैक लाइट्स' और 'सीओबी लाइट्स' हैं। गन ब्लैक और रोज गोल्ड जैसी प्रीमियम फिनिश में आने वाली यह लाइट्स जलती रहें, या फिर बंद रहें। आपकी छत हमेशा क्लासी लगेगी।
स्लिम मैग्नेटिक ट्रैक लाइट्स
इंटीरियर डिजाइनर घर को मॉडर्न और साफ-सुथरा लुक देने के लिए सामान्य लाइट्स की जगह स्लिम मैग्नेटिक ट्रैक लाइट्स लगवाते हैं। ये सीलिंग में एक पतले और स्टाइलिश ट्रैक के रूप में सेट हो जाती हैं। इनका डिजाइन इतना मॉर्डन होता है कि ये छत को बिना भारी दिखाए पूरे कमरे को एक रॉयल और प्रीमियम लुक देती हैं।
फोल्ड, स्पॉट, ग्रिल और लीनियर लाइट्स का कॉम्बिनेशन
मैग्नेटिक ट्रैक लाइट्स की सबसे अच्छी खासियत यह होती है कि इसमें अलग-अलग तरह की लाइट्स को अपनी जरूरत के हिसाब से जोड़ा जा सकता है।
स्पॉट और फोल्ड लाइट्स का इस्तेमाल दीवारों पर लगी पेंटिंग्स या वॉल आर्ट को हाईलाइट करने के लिए किया जाता है।
ग्रिल व लीनियर लाइट का इस्तेमाल फर्श और कमरे के बड़े हिस्से को समान रोशनी देने के लिए किया जाता है।
इन सभी के कॉम्बिनेशन से आप अपने रूम में अलग-अलग 'लाइट थीम्स' जैसे- ब्राइट, वॉर्म या डिम मूड आसानी से बना सकते हैं।
सीओबी लाइट्स के साथ होती है लेयरिंग
कमरे की लाइटिंग को अधिक अच्छा बनाने के लिए मैग्नेटिक लाइट्स को COB लाइट्स के साथ लेयर किया जाता है। इस तकनीक से कमरे के हर कोने में रोशनी होती है। इस तरह से कहीं ज्यादा तेज या आंखों में चुभने वाली लाइट नहीं लगती है।
फिनिश और रिफ्लेक्टर्स के मिलते हैं ऑप्शन
अक्सर नॉर्मल लाइट्स बंद होने के बाद छत बोरिंग दिखती है। लेकिन COB लाइट्स में इंटीरियर की थीम के हिसाब से गन ब्लैक और रोज गोल्ड जैसी प्रीमियम फिनिश वाले रिफ्लेक्टर्स मिलते हैं। इससे कमरे का लुक अट्रैक्टिव और एलिगेंट लगता है।
सीलिंग दिखेगी प्रीमियम
इन मॉर्डन लाइट्स की एक खासियत यह भी है कि लाइट्स जल रही हों या बंद हों। तो आपकी सीलिंग हमेशा लग्जरी और खूबसूरत दिखेगी। स्लिम ट्रैक डिज़ाइन और सुंदर रिफ्लेक्टर्स की वजह से दिन में भी छत एक इंटीरियर डिजाइनर-क्यूरेटेड स्पेस जैसी नजर आती है।
दिवाली पर ऐसे लाइटिंग के फायदे
दीपावली के पर्व पर यह यह लाइटिंग आपके घर के रंगोली, सजावटी सामान और फर्नीचर की सुंदरता में चार चांद लगा देती है। कम बिजली की खपत और टिकाऊपन के साथ-साथ यह 2 लाइट कॉम्बिनेशन आपके घर को हर फेस्टिवल और खास मौके पर शानदार लुक देने का काम करता है।
Diwali पर बनाएं South India की 3 मशहूर GI Tag मिठाइयां, तिरुपति लड्डू से धारवाड़ पेड़ा तक
दिवाली का त्योहार बेहद नजदीक आ चुका है। इस दौरान हम सभी के घरों में गेस्ट आते हैं और उनके लिए कुछ मीठा न खिलाया जाए, तो ऐसा ही नहीं हो सकता है। हालांकि, दिवाली पर लोग अपने घर पर काजू कतली, बेसन के लड्डू या गुलाब जामुन लेकर आते है, लेकिन अगर आप मेहमानों को कुछ अलग खिलाना चाहते हैं, तो इस बार साउथ इंडिया की फेमस मिठाइयां आसानी से बना सकते हैं।
GI Tagged वाली मिठाइयां
इन मिठाइयों को GI टैग मिला है। इनकी पहचान बेहद खास जगह से संबंधित है। तिरुपति लड्डू, धारवाड़ पेड़ा और श्रीविल्लिपुथुर पालकोवा ऐसी ही कुछ मिठाइयां है। इनका स्वाद दूध, चीनी और घी जैसी आम चीजों से ही आता है। आइए आपको बताते हैं किस तरह से मेहमानों को सर्व करें।
तिरुपति लड्डू
आंध्र प्रदेश में तिरुपति मंदिर में प्रसाद के तौर पर वहां लड्डू मिलता है। वहां के लड्डू प्रसाद के लिए जाने जाते है। कहा जाता है कि मंदिर में लड्डू बांटने की परंपरा 2 अगस्त 1715 से शुरु हुई थी। इसे साल 2009 में GI टैग मिला था। इसको बनाने के लिए आपको बस ये चीजें चाहिए।
1 कप बेसन
आधा कप चीनी
आधा कप पानी
3 से 4 चम्मच घी
थोड़े काजू और किशमिश
आधा चम्मच इलायची पाउडर
सबसे पहले आप बेसन में थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा घोल तैयार कर लें। अब कड़ाही में घी गर्म कर लें। अब बेसन का घोल बूंदी की तरह तल लें। दूसरी ओर चीनी और पानी को गर्म कर लें। इसमें तैयारी बूंदी, इलायची, काजू और किशमिश डालकर अच्छी तरह से मिला लें। अब इसे थोड़ा ठंडा कर लें। इसके बाद हाथों में गोल लड्डू बना लें। यह मोतीचूर लड्डू ही है। इसको आप दिवाली पर सर्व करके खा सकते है।
धारवाड़ पेड़ा
असल में कर्नाटक के धारवाड़ शहर का यह पेड़ा अपने डार्क ब्राउन कलर और खास स्वाद के लिए जाना जाता है। इसे दूध और चीनी से बनाय जाता है। वैसे इस मिठाई को साल 2008 में GI टैग मिला था। आइए आपको इसकी रेपिसी बताते हैं-
1 लीटर फुल क्रीम मिल्क
4 से 5 चम्मच चीनी
1 चम्मच घी
थोड़ी इलायची पाउडर
इसे बनाने के लिए आप एक भारी तले वाली कड़ाही में दूध डालकर धीमी आंच पर पकाएं। इसे लगातार चलाती रहें, जिससे दूध नीचे न लगे। जब दूध गाढ़ा हो जाए तो मावा जैसा हो जाएगा, तब इसमें चीनी डालें। इसको तब तक पकाएं, जब तक मिश्रण का रंग थोड़ा ब्राउन न होने लगे। फिर लास्ट में इलायची पाउडर डालें। जब यह ठंडा हो जाए तो छोटे-छोटे पेड़े बना लें।
श्रीविल्लिपुथुर पालकोवा
दक्षिण भारत में श्रीविल्लिपुथुर पालकोवा मिठाई काफी खाई जाती है। तमिलनाडु में श्रीविल्लिपुथुर पालकोवा को दूध से बनाते हैं। इसको बनाने में दूध को काफी देर तक पकाया जाता है। जब उसका पानी कम हो जाता है, तो वह गाढ़ा होकर मलाईदार मिठाई बन जाता है। साल 2019 में GI टैग मिला था। आइए आपको इसकी रेसिपी बताते हैं।
1 लीटर फुल क्रीम मिल्क
4 से 5 चम्मच चीनी
इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक चौड़ी कड़ाही में दूध डालकर धीमी आंच पर गर्म कर लें। दूध को बीच-बीच में चालते रहें और किनारों पर जमने वाली मलाई को वापिस दूध में मिला लें। जब दूध काफी गाढ़ा हो जाए, तो इसमें चीनी डालें। फिर इसको लगातार चलाते रहे हैं। जब मिश्रण गाढ़ा हो जाए और यह हलवे की तरह दिखने लगे, तो गैस को बंद कर दीजिए। इसको ठंड़ा होने के लिए एक छोटी कटोरी में सर्व करें। यह बिल्कुल रबड़ी की तरह लगेगा।
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