होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे कतर के LNG (लिक्विफाइट नैचुरल गैस) से भरे एक टैंकर पर शनिवार को हमला हुआ। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने जहाज की पहचान 'गैसलॉग शंघाई' के रूप में की है। बताया गया कि टैंकर किसी मिसाइल या ड्रोन की चपेट में आ गया। इससे पहले ब्रिटेन की एक एजेंसी ने बताया था कि ओमान तट के पास एक टैंकर पर हमला हुआ। इससे उसके इंजन रूम को नुकसान पहुंचा और वह आगे नहीं बढ़ पाया। घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। उधर, ईरान ने शनिवार को कुवैत पर ड्रोन हमले किए। इन हमलों में एक सरकारी इमारत और एक नागरिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा। कुवैत की सेना ने बताया कि हमले के बाद उसका एयर डिफेंस सिस्टम तुरंत सक्रिय हो गया और देश की सीमा में घुसे कई ईरानी ड्रोन मार गिराए गए। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. जयशंकर की ईरानी विदेश मंत्री से बात: विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में कारोबारी जहाजों और उन पर काम करने वाले नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। 2. ईरान जंग में 16 भारतीयों की मौत: इस साल पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद अब तक 16 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। इनमें 10 नाविक शामिल हैं। सरकार ने संसद में इसकी जानकारी दी। 3. पेंटागन ने मांगे 18.2 अरब डॉलर: अमेरिका के रक्षा विभाग (पेंटागन) ने ईरान युद्ध के दौरान इस्तेमाल की गई मिसाइलों का भंडार फिर से भरने के लिए 18.2 अरब डॉलर (करीब 1.59 लाख करोड़ रुपए) की आपात फंडिंग मांगी है। 4. IRGC सदस्यों के शव ईरान पहुंचे: ईरानी मीडिया के मुताबिक, इराक में हाल के अमेरिकी और सऊदी हमलों में मारे गए IRGC के पांच सदस्यों के शव शुक्रवार को ईरान लाए गए। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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अगर आप अक्सर अपनी चाबियां, बैग, बटुआ या दूसरी जरूरी चीजें कहीं रखकर भूल जाते हैं, तो आपके लिए एक नया उपकरण बाजार में आ गया है। रिलायंस जियो ने भारत में अपना नया जियोटैग 2 पेश किया है। यह कंपनी के पहले जियोटैग का नया संस्करण है और इसमें कई ऐसे बदलाव किए गए हैं, जो इसे पहले की तुलना में अधिक उपयोगी बनाते हैं। सबसे खास बात यह है कि अब यह एक साथ दोनों प्रमुख मोबाइल सिस्टम के साथ काम करता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, जियोटैग 2 की कीमत 1,249 रुपये रखी गई है। यह तीन रंगों काला, लाल और हरा में उपलब्ध है। कुछ बैंक कार्ड पर भुगतान करने पर ग्राहकों को 50 रुपये तक की छूट भी मिल सकती है, जिसके बाद इसकी प्रभावी कीमत 1,199 रुपये रह जाती है। फिलहाल इसे अमेजन इंडिया के माध्यम से खरीदा जा सकता है।
बता दें कि जियोटैग 2 का डिजाइन पहले के मुकाबले बदला गया है। इसे नए आकार में तैयार किया गया है और इसका बाहरी हिस्सा पॉलीकार्बोनेट सामग्री से बनाया गया है। इसके अलावा यह धूल और पानी के हल्के छींटों से सुरक्षा के लिए आईपी 64 प्रमाणन के साथ आता है, जिससे सामान्य उपयोग के दौरान इसकी मजबूती बढ़ जाती है।
गौरतलब है कि इस नए संस्करण की सबसे बड़ी खासियत इसकी व्यापक अनुकूलता है। पहले वाला जियोटैग एक साथ दोनों प्रमुख मोबाइल प्रणालियों के साथ काम नहीं करता था, लेकिन अब जियोटैग 2 आईफोन और एंड्रॉयड दोनों प्रकार के उपकरणों के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। यही बदलाव इसे पहले के मॉडल से अलग बनाता है और अधिक लोगों के लिए उपयोगी विकल्प बनाता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इस उपकरण में 120 डेसीबल क्षमता वाला स्पीकर दिया गया है। यदि आपका सामान ब्लूटूथ की सीमा के भीतर है तो जियोटैग तेज आवाज निकालकर उसे खोजने में मदद करेगा। वहीं यदि सामान ब्लूटूथ की सीमा से बाहर चला जाता है तो मानचित्र की सहायता से उसका स्थान पता लगाने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
यह उपकरण गूगल फाइंड हब और एप्पल फाइंड माई नेटवर्क दोनों के साथ काम करता है। इन दोनों सेवाओं की मदद से उपयोगकर्ता अपने टैग किए गए सामान की लगभग वास्तविक समय के करीब स्थिति देख सकते हैं। इससे यात्रा के दौरान या रोजमर्रा की जिंदगी में सामान खोने की स्थिति में उसे ढूंढना पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकता है।
बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में सामान खोजने वाले छोटे उपकरणों की मांग तेजी से बढ़ी है। पहले इस तरह के प्रोडक्ट मुख्य रूप से महंगे विकल्पों तक सीमित थे, लेकिन अब घरेलू कंपनियां भी कम कीमत में ऐसे उपकरण उपलब्ध करा रही हैं। जियोटैग 2 भी इसी दिशा में कंपनी का नया प्रयास माना जा रहा है, जिसमें बेहतर अनुकूलता, नया डिजाइन और उपयोगी सुविधाएं जोड़कर आम ग्राहकों के लिए इसे अधिक आकर्षक बनाने की कोशिश की गई है।
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