वर्ल्ड अपडेट्स:मोरक्को ने 1,055 किमी लंबे हाईवे का नाम ट्रम्प के नाम पर रखा, राजा मोहम्मद-6 ने की घोषणा
मोरक्को के राजा मोहम्मद-6 ने देश के एक प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग का नाम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नाम पर रखने का ऐलान किया है। ट्रम्प ने एक सप्ताह पहले ही इसके लिए मोरक्को का धन्यवाद दिया था। जिस सड़क का नाम बदला जा रहा है, वह पहले तिजनीत-डाखला हाईवे के नाम से जानी जाती थी। करीब 1,055 किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग वेस्टर्न सहारा से होकर गुजरता है। यह वही इलाका है, जिस पर मोरक्को अपना दावा करता है, लेकिन इसके एक हिस्से पर पोलिसारियो फ्रंट नाम के संगठन का कंट्रोल है। यह संगठन वहां के मूल सहरावी लोगों के लिए स्वतंत्र देश की मांग करता है। वेस्टर्न सहारा अफ्रीका के उत्तर-पश्चिम में स्थित एक रेगिस्तानी इलाका है। यह 1975 तक स्पेन का उपनिवेश था।स्पेन के हटने के बाद मोरक्को ने इस क्षेत्र के अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर लिया। वहीं, पोलिसारियो संगठन इस इलाके को सहरावी अरब डेमोक्रेटिक रिपब्लिकन नाम का अलग देश कहता है। फिलहाल करीब 80% वेस्टर्न सहारा पर मोरक्को का नियंत्रण है, जबकि बाकी हिस्से पर पोलिसारियो का प्रभाव है। 1991 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ था। उस समय लोगों से जनमत संग्रह कराने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक वह नहीं हो पाया। साल 2020 में ट्रम्प ने वेस्टर्न सहारा पर मोरक्को के दावे को मान्यता दी थी। इसके बदले मोरक्को ने इजराइल के साथ संबंध सामान्य करने पर सहमति जताई थी। उस समय इस फैसले को पश्चिम एशिया और उत्तर अफ्रीका की राजनीति में बड़ा बदलाव माना गया था। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… ईरान जंग के बीच भारत ने ईरान में राजदूत बदला, विश्वेश नेगी को दी जिम्मेदारी अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव, होर्मुज स्ट्रेट पर संकट और पश्चिम एशिया में बदलते हालात के बीच भारत ने तेहरान में अपना नया राजदूत नियुक्त किया है। भारतीय विदेश सेवा (IFS) के सीनियर अफसर विश्वेश नेगी अब ईरान में भारत की नई जिम्मेदारी संभालेंगे। वह मौजूदा राजदूत रुद्र गौरव श्रेष्ठ की जगह लेंगे, जिन्हें तुर्किये भेजा गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि विश्वेश नेगी जल्द ही अपना कार्यभार संभालेंगे। विश्वेश नेगी 2002 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। पिछले दो दशकों में उन्होंने विदेश नीति, रक्षा सहयोग, संयुक्त राष्ट्र और भारत के कई अहम रणनीतिक मामलों पर काम किया है। फिलहाल वह विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव हैं। इससे पहले वह ओशिनिया डिवीजन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, जहां उन्होंने भारत और पापुआ न्यू गिनी जैसे देशों के साथ उच्चस्तरीय कूटनीतिक बातचीत का नेतृत्व किया। 5 साल बाद पहली बार दिखीं म्यांमार की पूर्व नेता आंग सान सू ची; रेड क्रॉस प्रतिनिधि से मुलाकात की म्यांमार की पूर्व नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंग सान सू ची करीब पांच साल बाद पहली बार नजर आई हैं। सैन्य सरकार ने सोमवार को आंग सान सू ची की कुछ तस्वीरें जारी कीं, जिनमें वह इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) के म्यांमार प्रतिनिधि अर्नो डे बैक से मुलाकात करती दिखाई दे रही हैं। 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद से यह उनका बाहरी दुनिया के साथ सबसे दुर्लभ सार्वजनिक संपर्क माना जा रहा है। सरकार ने बताया कि यह मुलाकात सोमवार सुबह हुई, लेकिन यह नहीं बताया कि बैठक कहां हुई और किन मुद्दों पर चर्चा हुई। जारी तस्वीरों में सू ची अपने 81वें जन्मदिन का केक काटती भी नजर आईं। तस्वीरों में वह मुस्कुराती और सामान्य दिख रही हैं, हालांकि उनकी सेहत को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। आंग सान सू ची को फरवरी 2021 में सेना द्वारा सत्ता पर कब्जा करने के बाद हिरासत में लिया गया था। तब से उन्हें सार्वजनिक रूप से बहुत कम देखा गया है और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क भी बेहद सीमित रहा है। मिस्र के तट पर 5.4 तीव्रता का भूकंप; इजराइल तक महसूस हुए झटके मिस्र के तट के पास सोमवार तड़के 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था। वहीं, मिस्र के नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोनॉमी एंड जियोफिजिक्स (NRIAG) ने इसकी तीव्रता 5.6 दर्ज की और बताया कि इसका केंद्र स्वेज शहर से करीब 38 किलोमीटर उत्तर में था। अलग-अलग एजेंसियों द्वारा तीव्रता में मामूली अंतर अलग मापन प्रणालियों की वजह से होता है। भूकंप के झटके काहिरा और उत्तरी मिस्र के कई इलाकों में महसूस किए गए। एहतियात के तौर पर कई लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। दक्षिणी इजराइल में भी कंपन महसूस होने की खबर है। भूकंप के बाद मिस्र रेड क्रिसेंट ने प्रभावित इलाकों में आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना लागू कर दी। संगठन ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और केवल सरकारी एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
पाकिस्तान में आत्मघाती हमला, 8 पुलिसकर्मियों समेत 19 की मौत:खैबर पख्तूनख्वा में युवक ने थाने में जाकर ब्लास्ट किया, 18 लोग घायल
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में रविवार को एक पुलिस स्टेशन के बाहर आत्मघाती हमला हुआ। इसमें 8 पुलिसकर्मी समेत 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पाकिस्तानी मीडिया डॉन के मुताबिक, हमले के समय पास के काबल चौक पर आतंकवाद के खिलाफ शांति रैली चल रही थी। स्वात के जिला पुलिस अधिकारी उमर खान के ने बताया कि इसी दौरान एक युवक काबल पुलिस स्टेशन के गेट पर पहुंचा। पुलिस वालों ने उसे रोककर तलाशी लेने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुका। इससे पहले पुलिस हरकत में आती, युवक को खुद को ब्लास्ट कर दिया। फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस हाई अलर्ट पर है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को सील कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। घटना की 4 तस्वीरें… लोग आतंकवाद के खिलाफ रैली निकाल रहे थे धमाके से पहले रविवार को कई लोग आतंकवाद के खिलाफ शांति रैली निकाल जा रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्वात में बढ़ रही आतंकवादी घटनाओं की निंदा की। डॉन के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनके आंदोलन का एक ही मकसद है, इलाके में शांति लौटाना और आतंकवाद का खात्मा करना। उन्होंने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है। अगर असुरक्षा का माहौल जारी रहा तो लोगों में बड़ा जनआक्रोश पैदा हो सकता है। प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करता है, जबकि स्वात के पहाड़ी इलाकों में आतंकवादी खुलेआम सक्रिय हैं। पाक राष्ट्रपति जरदारी ने जांच के आदेश दिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने धमाके में लोगों की मौत पर दुख जताया। राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री ने धमाके की निंदा की खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने घटना की निंदा करते हुए पुलिस महानिरीक्षक (IGP) से रिपोर्ट की मांग की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, शांति के दुश्मनों को उनके नापाक इरादों में कभी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। वहीं, खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने भी धमाके की निंदा करते हुए मृतकों के प्रति शोक जताया। उन्होंने कहा, 'आतंकी कायराना हमलों से देश का मनोबल नहीं तोड़ सकते।' जुलाई में आतंकी हमलों में 154 मौतें हुईं पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज की मासिक सुरक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी गतिविधियों में तेजी आई है। रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में कई जिलों में आतंकवाद से जुड़ी 154 मौतें दर्ज की गईं, जबकि जून में यह संख्या 75 थी। यानी एक महीने में 105 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक बुर्किना फासो के बाद पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है, जबकि 2024 में यह चौथे स्थान पर था। ------------------ पाकिस्तान में धमाकों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 1. पाकिस्तान में दो बम धमाके, 7 लोगों की मौत:रिमोट कंट्रोल से गाड़ियों को निशाना बनाया, अबतक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी बन्नू जिले में शनिवार को सड़क किनारे हुए दो बम धमाकों में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, पहला धमाका वजीर उपखंड के फांग मूसा खेल इलाके में हुआ। इसमें एक यात्री गाड़ी को निशाना बनाया गया। गाड़ी डोमेल की ओर जा रही थी, तभी रिमोट कंट्रोल से धमाका किया गया। इसमें 5 लोगों की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें… 2. ISIS ने इस्लामाबाद शिया मस्जिद में धमाके की जिम्मेदारी ली:PAK ने भारत को जिम्मेदार बताया, भारत बोला- पाकिस्तान खुद को धोखा दे रहा पाकिस्तान में एक्टिव आतंकी संगठन ISIS ने इस्लमाबाद की शिया मस्जिद में हुए ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है। इस मामले में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में इस हमले का मास्टरमाइंड भी शामिल है। इस हमले में 31 लोग मारे गए थे और 169 अन्य घायल हो गए थे। आत्मघाती हमलावर ने खदीजा अल-कुबरा मस्जिद (इमामबाड़ा) में खुद को उड़ा लिया था। पूरी खबर पढ़ें…
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