Explainer: रामायण जैसी फिल्मों में VFX पर क्यों खर्च होते हैं करोड़ों रुपये, मेकर्स के लिए कितना चैलेंजिंग होता है वीएफएक्स का काम
Why Makers Spent Crores of Rupees On VFX: जब किसी बड़े बजट की फिल्म में आसमान में उड़ते रथ, विशाल महल, हजारों सैनिकों की सेना, पहाड़ों के बीच बसी सोने की नगरी या कोई फिक्शन दुनिया दिखाई दिखाई जाती है, तो ऑडियंस के मन में अक्सर सवाल आता है कि ये कैसे शूट किया जाता है और यह असली होता है या कंप्यूटर की मदद से तैयार होता है. दरअसल, ऐसी फिल्मों में कई सीन असली लोकेशन, सेट, कलाकारों और विजुअल इफेक्ट्स यानी VFX को मिलाकर तैयार किए जाते हैं. यही वजह है कि बड़े बजट की फिल्मों में VFX पर करोड़ों रुपये खर्च हो सकते हैं.
‘रामायण’ जैसी पौराणिक फिल्मों में यह काम और भी चैलेंजिंग हो जाता है. यहां सिर्फ किसी इमारत या भव्य चीजों को दिखाना काफी नहीं होता, बल्कि पूरी दुनिया को इस तरह बनाना पड़ता है, जिससे कहानी और किरदार भरोसेमंद लगें. महल, जंगल, युद्ध, वानर सेना, रथ और दिव्य अस्त्रों जैसे सीनों को मान्यता के हिसाब से तैयार करना पड़ता है. इसके लिए कलाकारों, VFX आर्टिस्ट, टेक्निकल टीम और फिल्ममेकर्स को लंबे समय इस पर काम करना पड़ता है.
VFX क्या होता है?
VFX की फुल फॉर्म विजुअल इफेक्ट्स होता है. इसे आसान भाषा में कहें तो शूटिंग के दौरान जो चीज कैमरे के सामने मौजूद नहीं होती, या रियल लाइफ में दिखाना मुश्किल होता है. उसे कंप्यूटर की मदद से बनाया या बदला जा सकता है. इसमें डिजिटल बैकग्राउंड, फिक्शन शहर, विशाल भीड़, आग, धुआं, पानी, टूटती इमारतें और बड़े जानवर शामिल हो सकते हैं. हालांकि VFX का मतलब यह नहीं होता है कि हर चीज कंप्यूटर से तैयार किया जाता है. असली सेट, कपड़े, हथियार, प्रॉप्स और कलाकारों की परफॉर्मेंस भी अहम रहते हैं. कई बार इसके लिए छोटा सेट बनाया जाता है और VFX के जरिए उसे विशाल महल या शहर का रूप दिया जाता है. इससे कलाकारों को किसी रियल जगह पर खड़े होकर एक्टिंग करनी पड़ती है, जबकि स्क्रीन पर वो सीन काफी बड़ा और भव्य नजर आता है.
‘रामायण’ में VFX का काम क्यों है इतना अहम?
प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा की ‘रामायण’ को दो पार्ट में तैयार किया जा रहा है. प्रोडक्शन कंपनी प्राइम फोकस स्टूडियोज के मुताबिक, फिल्म के VFX पर DNEG और ReDefine काम कर रहे हैं. इसकी कहानी में अयोध्या, मिथिला, लंका, जंगलों और बड़े युद्ध जैसे अलग-अलग दुनिया दिखानी हैं. ऐसे माहौल को सिर्फ सामान्य लोकेशन और सेट से पूरी तरह दिखाना आसान नहीं होता. मेकर्स के मुताबिक, सीन सीन्स डिजिटल रूप से बनाए गए, जबकि सेट के कुछ हिस्से तैयार किए गए और कई बैकग्राउंड ब्लू स्क्रीन पर शूट हुए. सीन की वर्चुअल योजना पहले बनाई गई थी, ताकि शूटिंग के समय कैमरा, लाइटिंग, सेट और VFX टीम को पता हो कि फ्रेम कैसा दिखेगा. इससे साफ है कि बड़े VFX सीन की तैयारी शूटिंग से पहले शुरू हो जाती है.
क्या है फिल्म पर करोड़ों रुपये खर्च होने की असली वजह?
किसी फिल्म में अगर भारी VFX यूज होता है तो बजट का ज्यादा हिस्सा सिर्फ कंप्यूटर या सॉफ्टवेयर खरीदने पर ही नहीं होता है. इसमें वीएफएक्स तैयार करने वाली टीम, डिजाइन, मॉडलिंग, एनिमेशन, सिमुलेशन, रेंडरिंग, डेटा स्टोरेज और बार-बार होने वाले बदलाव शामिल होते हैं. एक शॉट को फाइनल करने के लिए वो कई चरण से होकर गुजरता है. उसके बाद ही वो फाइनल होता है. अगर डायरेक्टर को बाद में कैमरा एंगल, किरदार की हरकत या बैकग्राउंड बदलना हो, तो पहले किए गए काम का कुछ हिस्सा दोबारा शूट करना पड़ सकता है.
वीएफएक्स पर टाइम जितना टाइम लगता है, उतनी लागत भी बढ़ाती है. बड़े प्रोजेक्ट में सैकड़ों या हजारों शॉट हो सकते हैं और हर शॉट की क्वालिटी अलग से जांची जाती है. अलग-अलग स्टूडियो में टीमें काम करें, तो उनके काम को एक जैसा बनाए रखने के लिए भी मजबूत मैनेजमेंट चाहिए. ‘रामायण’ के VFX का अलग का आधिकारिक तौर पर बजट रिवील नहीं किया गया है. इसलिए पूरी फिल्म के बताए जा रहे बजट को VFX का बजट कहना सही नहीं होगा.
क्या ज्यादा VFX होने से फिल्म अच्छी बन जाती है?
ऐसा जरूरी नहीं. शानदार तकनीक तभी असर करती है फिल्म की कहानी में जान हो. अगर वीएफएक्स से शहर को सुंदर दिखा दिया, लेकिन किरदारों की परछाईं, रोशनी या हरकत आसपास के माहौल से मेल न खाए, तो ऑडियंस को सीन नकली लग सकता है. दूसरी तरफ, लिमिटेड VFX वाला सीन भी ऑडियंस को अच्छा लग सकता है, अगर कैमरा, एक्टिंग, सेट डिजाइन और एडिटिंग सही हों. वहीं, पौराणिक कहानी में चुनौती केवल भव्यता नहीं, बल्कि इमोशंस और सही प्रसंगों को सही तरीके से दिखाना भी है. युद्ध का सीन बड़ा होने के साथ साफ समझ आना चाहिए कि किरदार क्या कर रहे हैं और कहानी में उसका अहमियत क्या है.
रामायण की कमाई में आया उछाल
रणबीर कपूर की 'रामायण' ने तीसरे दिन यानी शनिवार को इंडिया में 69.80 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है. Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म की कमाई में दूसरे दिन के मुकाबले करीब 45.3 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला. बता दें कि फिल्म ने पहले दिन 64.85 करोड़ रुपये की शानदार ओपनिंग की थी, जबकि दूसरे दिन इसका कलेक्शन 48.05 करोड़ रुपये था. हालांकि, तीसरे दिन फिल्म ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. इसी के साथ इंडिया में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 182.70 करोड़ रुपये हो गया है. वहीं, इसका इंडिया ग्रॉस कलेक्शन 218.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. इसके अलावा रामायण ने दुनियाभर से करीब 400 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है. तीसरे दिन की कमाई को देखकर उम्मीद जताई जा रही है कि यह फिल्म दिवाली पर अच्छा कलेक्शन कर सकती है. बताते चलें कि फिल्म में यश के रावण, रणबीर कपूर के राम और साई पल्लवी के किरदार को काफी पसंद किया जा रहा है. इसके साथ ही रावण के एक्शन सीन ने फैंस का दिल जीत लिया है. इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर लोग फिल्म के वीएफएक्स की जमककर तारीफ कर रहे हैं. कई लोगों का कहना है कि फिल्म में दिखाए गए सीन्स एकदम रियल लग रहे हैं.
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