मोजतबा खामेनेई पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम; अमेरिका ने जारी की 'मोस्ट वॉन्टेड' लिस्ट
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद मध्य पूर्व का संकट एक नए और खतरनाक पड़ाव पर पहुंच गया है. अमेरिका के 'रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस' (Rewards for Justice) कार्यक्रम ने एक बड़ी घोषणा की. इसके तहत ईरान के नए रहबर मोजतबा खामेनेई समेत 10 शीर्ष नेताओं की सूचना देने वाले को 10 मिलियन डॉलर (करीब 83 करोड़ रुपये) का इनाम देने का ऐलान किया है.
इन नेताओं पर टिकी है अमेरिका की नजर
अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी की गई सूची में मोजतबा खामेनेई के अलावा ईरान के सत्ता गलियारे के सबसे शक्तिशाली नाम शामिल हैं:
- अली लारीजानी: वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी और पूर्व संसद अध्यक्ष
- एस्कंदर मोमेनी: ईरान के वर्तमान गृह मंत्री
- इस्माइल खतीब: खुफिया और सुरक्षा मंत्री
- अली असगर हेजाजी: दिवंगत अली खामेनेई के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ
JUST IN: ???????????????? US offers up to $10,000,000 reward for information on Iranian leaders including Supreme Leader Mojtaba Khamenei. pic.twitter.com/FQBUwmz8Wo
— Ayatollah Alireza Arafi (@Realarafi) March 13, 2026
क्यों घोषित हुआ इनाम?
अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि ये सभी नेता इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के जरिए वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं और अमेरिकी ठिकानों पर हुए मिसाइल हमलों के पीछे मुख्य योजनाकार हैं. इनाम की घोषणा के साथ ही अमेरिका ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि जानकारी देने वाले व्यक्ति को गुप्त रूप से पुनर्वास (Relocation) और नई पहचान दी जाएगी.
युद्ध का माहौल और ट्रंप की चेतावनी
यह कदम 28 फरवरी को अली खामेनेई की मृत्यु और 8 मार्च को मोजतबा के सत्ता संभालने के ठीक बाद आया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी-7 (G7) नेताओं के साथ एक वर्चुअल बैठक में कहा, "ईरान का आतंकी शासन अब बिखरने की कगार पर है." विशेषज्ञों का मानना है कि यह इनाम केवल सूचना के लिए नहीं, बल्कि ईरानी सेना के भीतर विद्रोह पैदा करने और मोजतबा खामेनेई को मनोवैज्ञानिक रूप से कमजोर करने की एक सोची-समझी रणनीति है.
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पीपल सिर्फ पेड़ भर नहीं, यहां जानिए धार्मिक महत्व, औषधीय गुण और पर्यावरणीय लाभ
नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। औषधीय गुणों से भरपूर पीपल के पत्ते कई समस्याओं से निपटने में उपयोग किए जाते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल, एंटीइन्फ्लेमेटरी और एंटीफंगल जैसे गुण पाए जाते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार पीपल के वृक्ष में 33 करोड़ देवी-देवता निवास करते हैं। वहीं, पीपल का पेड़ कई तरह के पक्षियों और जीवों के लिए भी घर है। यह पेड़ छाया तो देता ही है, यह दिन के साथ रात में भी ऑक्सीजन छोड़ता है, जो प्रदूषण को कम करने और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में पीपल के औषधीय गुणों के बारे में बताया गया है कि इसके अलग-अलग हिस्सों, जैसे पत्तों से लेकर छाल तक का, प्रयोग करके बुखार, अस्थमा, खांसी, त्वचा रोग जैसी कई समस्याओं में राहत पाई जा सकती है।
सुश्रुत संहिता के अनुसार, पीपल के पत्तों का पानी सुबह खाली पेट पीने से पाचन एंजाइम सक्रिय होता है और पाचन प्रक्रिया बेहतर बनती है। साथ ही, अगर आप दाद, खाज, खुजली जैसी समस्याओं से परेशान हैं, तो पीपल के पत्तों को पीसकर उस जगह पर लगाने से त्वचा संबंधी परेशानी खत्म हो जाती है। साथ ही, यह फटी एड़ियों को भी ठीक करने में मदद करता है। पीपल के पत्तों से निकलने वाला दूध फटी हुई एड़ियों पर लगाने से कुछ ही दिनों में वे ठीक हो जाती हैं और एड़ियां नरम पड़ जाती हैं।
अगर चोट लगने के बाद त्वचा पर घाव बन जाए, तो इस पर पीपल के पत्तों का पेस्ट लगाना फायदेमंद हो सकता है। पीपल के पत्तों में मौजूद एंटीसेप्टिक गुण संक्रमण से बचाव करते हैं। इससे घाव भी जल्दी ठीक हो जाता है और इंफेक्शन का जोखिम कम होता है।
चरक संहिता के अनुसार, पीपल के पत्तों में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर में ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाने से रोकने में मदद करते हैं। साथ ही, यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करने में भी सहायक होते हैं। पीपल के पत्तों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और अन्य औषधीय गुण हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
आईएएनएस
एनएस/एबीएम
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