Diwali 2026: दिवाली की रात घर के किस-किस कोने में जलाएं दीपक? जानें दीपदान का महत्व
Diwali 2026: आज दीपावली का त्योहार मनाया जा रहा है. यह पर्व हिंदू धर्म का सबसे बड़ा पर्व होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर दीपों का त्योहार दिवाली मनाई जाती है. इस दिन घर में लक्ष्मी-गणेश का पूजन किया जाता है. वहीं, पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस तिथि पर राम जी 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे. उस खुशी में पूरी अयोध्या ने दीये जलाकर जश्न मनाया था. इसलिए, तब से हर वर्ष दिवाली मनाई जाने लगी. इस दिन हर घर में दीये जलाएं जाते हैं. दीपों को रोशनी और उज्जवलता का प्रतीक माना जाता है. ऐसे में चलिए जानते हैं दिवाली की शाम घर के किस-किस कोने में कितने दीये जलाने चाहिए.
दिवाली की रात कहां-कहां दीये जलाएं?
1.मुख्य द्वार
दिवाली की रात घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर दीये जलाना शुभ माना जाता है. इससे मां लक्ष्मी का स्वागत होता है और घर की दरिद्रता दूर होती है.
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2.पूजा स्थल
घर के पूजा स्थल या मंदिर में दीये अवश्य जलाने चाहिए. यहां दो दीये खास तौर पर लक्ष्मी मां के होते हैं, जिनमे से एक देसी घी का होता है और एक सरसों के तेल का दीया होता है. पूजा घर में दीपक ईशान कोण में रखना उत्तम माना जाता है.
3.तुलसी का पौधा
शाम के समय तुलसी के पौधे पर दिवाली का दीया जलाना चाहिए. तुलसी माता को भी लक्ष्मी माता का स्वरूप कहा जाता है.
4.रसोई घर
रसोई घर में अन्नपूर्णा माता का वास होता है. वे अपने भक्तों पर हमेशा आशीर्वाद बनाएं रखती हैं और रसोई में अन्न की कमी नहीं होने देती है. इसलिए, दिवाली पर रसोई घर में भी दीये जलाने चाहिए.
5.उत्तर दिशा
वास्तु के अनुसार, उत्तर दिशा को धन के देवता भगवान कुबेर की दिशा कहा जाता है. इसलिए, दिवाली पर घर के इस कोने में दीपक जरूर रखने चाहिए.
6.खिड़की से लेकर बालकनी तक
दिवाली पर घर का कोई भी कोना अंधेरे में नहीं रहना चाहिए. इसलिए, घर की सभी खिड़कियों, बालकनियों और छत की मुंडेर पर दीये लगाने चाहिए.
7.सीढ़ियों पर और उसके नीचे भी
आज के दिन घर सभी सीढ़ियों पर दीये रख सकते हैं. यदि सीढ़ि के नीचे खाली जगह है, तो वहां भी दीपक जलाएं.
8.जल रखने वाले स्थान
दीपावली के मौके पर आपको अपने घर के प्याऊ में दीये जलाने चाहिए. जल रखने वाला स्थान भी लक्ष्मी माता से गहराई से संबंधित माना जाता है. इसलिए, इधर भी दीपक जलाते हैं.
9.घर के बाहर और चौराहे पर
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली पर घर के बाहर और चौराहे पर भी दीये जलाने चाहिए.
10.पितरों को दीपक
दिवाली पर आपको अपने पितरों और यम देवता यमराज के लिए भी एक दीपक जलाना चाहिए.
11.अंधेरे व कचरे के स्थान पर
दिवाली पर घर के अंधेरे कोनों और कचरे वाले स्थान पर दीये जलाने चाहिए. ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर करना होता है.
कितने दीपक जलाने चाहिए और उनका महत्व क्या है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात में आपको कम से कम 21 दीयों को जलाना चाहिए. इसके अलावा, सभी अपनी श्रद्धा के अनुसार, दिवाली पर 51, 108 या पूरे घर में जितने संभव हो उतने दीये भी जला सकते हैं. 21 दीयों को निर्माण और स्थापना का प्रतीक माना जाता है. 51 दीपक जलाने का महत्व विस्तार का प्रतीक कहा जाता है. 100 दीयों को बड़े कार्य की पूर्णता और युग का प्रतीक माना जाता है. 101 दीयों को जलाने के लिए नवयुग के आरंभ और नई शुरुआत का प्रतीक मानते हैं.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
एआई शेयरों में बिकवाली से विदेशी निवेशकों के बीच भारत बना पहली पंसद; करीब 46,000 करोड़ रुपए किए निवेश
मुंबई, 8 नवंबर (आईएएनएस)। वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) शेयरों में बिकवाली के बीच भारतीय शेयर बाजार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की पहली पंसद बन गया है और नवंबर में अब तक उन्होंने कुल 45,970 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया है।
एफपीआई की ओर से लगातार फाइनेंशियल, आईटी, ऑटोमोबाइल और टेलीकॉम शेयरों में खरीदारी के कारण निफ्टी ने बीते एक हफ्ते में करीब 8.6 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा, भारत में कंपनियों की कमाई में शानदार वृद्धि और लार्ज-कैप शेयरों के आकर्षक मूल्यांकन ने भारत को निवेश के लिए एक पसंदीदा जगह बना दिया है।
पिछले हफ्ते, बाजार में संस्थागत निवेशकों के रुख में अचानक और बड़ा बदलाव देखने को मिला। इसमें एफपीआई आक्रामक खरीदार बन गए, जबकि डीआईआई (घरेलू निवेशक) शुद्ध विक्रेता रहे।
एफपीआई की इस आक्रामक खरीदारी और इसके कारण आए शॉर्ट स्क्वीज ने बाजार में एक बड़ी तेजी ला दी।
विश्लेषकों का कहना है कि एफपीआई के रुख में यह अचानक बदलाव, अमेरिका और दक्षिण कोरिया, ताइवान व जापान जैसे अन्य एआई बाजारों में हुई बिकवाली की वजह से आया।
यह बिकवाली, अमेरिका में डेटा सेंटर पर होने वाले खर्च को लेकर पैदा हुई चिंताओं के कारण हुई। इसकी वजह हाल में अमेरिका में हुए चुनाव में कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की जीत होना है जो डेटा सेंटर पर अंधाधुंध खर्च के खिलाफ हैं।
बाजार के जानकारों का मानना है कि वे एआई के लिए कुछ नियम-कायदे लागू करने की मांग करेंगे।
निफ्टी में बीते लगातार पांचों सत्रों में जोरदार तेजी रही और यह हफ्ते के उच्चतम स्तर 25,030.35 पर बंद हुआ, जो 8.6 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। बैंक निफ्टी में भी अच्छी तेजी रही और यह हफ्ते के दौरान 8 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। वहीं, व्यापक बाजारों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 क्रमशः 5.8 प्रतिशत और 2.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
आने वाले हफ्तों में, विदेशी निवेश का टिके रहना सबसे अहम होगा, क्योंकि घरेलू स्तर पर भारी मुनाफावसूली हो रही है, जिससे यह तेजी पूरी तरह से एफाईआई के समर्थन पर निर्भर हो गई है। बाजार के प्रतिभागी ब्रेंट क्रूड की कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़े घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रखेंगे।
--आईएएनएस
एबीएस
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