UPSC भर्ती 13 महीने, SSC भर्ती 6 महीने में होगी:नकल रोकने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन, आंसर की फीस कम करने पर केंद्रीय मंत्री की घोषणा
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई बदलाव किए जा रहे हैं। इस बारे में कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने संसद में जानकारी दी है। SSC का स्लाइडिंग मैकेनिज्म फ्रेमवर्क पहले एक ही कैंडिडेट का चयन कई पदों पर हो जाता था और वह एक पद चुनकर बाकी सीटें खाली छोड़ देता था। SSC ने इसके लिए ‘स्लाइडिंग मैकेनिज्म’ फ्रेमवर्क पेश किया है। इससे मेरिट के आधार पर निचले पायदान वाले उम्मीदवारों को अपग्रेड करके खाली बची सीटों को भरा जाएगा जिससे वैकेंसी बेकार नहीं जाएगी। UPSC में AI आधारित वेरिफिकेशन सिविल सर्विसेज परीक्षा (CSE) में अब एआई (AI) आधारित वेरिफिकेशन लागू किया गया है, जो कैंडिडेट्स के अटेम्प्ट्स का डाटा रखेगा। एग्जाम हॉल में नकल रोकने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा पहचानना) अनिवार्य कर दिया गया है। प्रोविजनल जॉइनिंग लेटर में का प्रावधान में बदलाव सरकार ने self-attestation के आधार पर प्रोविजनल जॉइनिंग लेटर देने का प्रावधान दिया है। चरित्र और जाति प्रमाण पत्र के वेरिफिकेशन के लिए विभागों को अधिकतम 6 महीने का समय दिया गया है। अगर समय पर वेरिफिकेशन रिपोर्ट नहीं आती तो भी कैंडिडेट की सेवा पर असर नहीं पड़ेगा। ऑब्जेक्शन दर्ज कराने की फीस घटी यूपीएससी परीक्षा में ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने के लिए आंसर की जारी होने पर ऑब्जेक्शन दर्ज कराने की फीस घटा दी गई है। साथ ही, दिव्यांगजनों को उनकी पसंद का परीक्षा केंद्र चुनने की गारंटी दी है। --------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें सेंट स्टीफंस कॉलेज में शॉर्ट्स न पहनने का नोटिस जारी:पहले ही दिन जानबूझकर शॉर्ट्स पहने कॉलेज पहुंचे स्टूडेंट्स, नए नियम का विरोध किया दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज में नए एकेडमिक सेशन के लिए नया ड्रेस कोड तय किया है। इसके तहत स्टूडेंट्स को क्लासरूम और कैंपस के कई दूसरे हिस्सों में शॉर्ट्स पहनने के लिए मना किया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें
रेलवे ग्रुप डी फिजिकल में 1,032 उम्मीदवार फेल:1000 मीटर की दौड़ सिलेक्शन की सबसे कठिन स्टेप, उमस भरे मौसम ने बढ़ाई परेशानी
चिपचिपी गर्मी और उमस भरे मौसम में जहां ज्यादा देर चल पाना भी मुश्किल है। ऐसे मौसम में प्रयागराज के DSA ग्राउंड में 25 से 28 जुलाई तक रेलवे ग्रुप-डी PET परीक्षा की फिजिकल टेस्ट का आयोजन हुआ। इस टेस्ट के चलते 1,032 उम्मीदवार फेल हो गए। पांच दिनों तक चली फिजिकल टेस्ट उम्मीदवारों को भारी पड़ी। मौसम ने बढ़ाई परेशानी पीईटी के दौरान उमस और गर्मी के कारण कई उम्मीदवारों की तबीयत बिगड़ गई। 1,000 मीटर की दौड़ पूरी करने के बाद कई उम्मीदवार मैदान में ही बैठ गए या लेट गए। हालांकि, 35 किलोग्राम वजन उठाकर 100 मीटर चलने वाले टेस्ट में ज्यादातर पुरुष उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की। रेलवे अधिकारियों के अनुसार दौड़ ही सिलेक्शन प्रोसेस का सबसे टफ स्टेप रहा। गर्भवती महिला को डिलिवरी के बाद मिलेगा मौका इस दौरान बिहार की एक गर्भवती महिला उम्मीदवार भी पीईटी देने पहुंची थीं। हेल्थ चेकअप में गर्भवती साबित होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से उन्हें परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया। रेलवे के नियमों के अनुसार गर्भवती महिलाओं को डिलिवरी के छह माह बाद दोबारा पीईटी में शामिल होने का अवसर दिया जाता है। इस भर्ती अभियान के जरिए रेलवे में कुल 32,438 ग्रुप-डी पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। अब आगे की प्रोसेस क्या होगी ? फिजिकल टेस्ट में सफल हुए उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा। उसके बाद मेडिकल टेस्ट होगा। ------------------------------------- पूरी खबर यहां पढ़ें… सेंट स्टीफंस कॉलेज में शॉर्ट्स न पहनने का नोटिस जारी:पहले ही दिन जानबूझकर शॉर्ट्स पहने कॉलेज पहुंचे स्टूडेंट्स, नए नियम का विरोध किया दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज में नए एकेडमिक सेशन के लिए नया ड्रेस कोड तय किया है। इसके तहत स्टूडेंट्स को क्लासरूम और कैंपस के कई दूसरे हिस्सों में शॉर्ट्स पहनने के लिए मना किया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें
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