News Ki Pathshala: Jharkhand में अनशन पर बैठे छात्र...सरकार से क्या कर रहे मांग? | Jharkhand Protest
News Ki Pathshala | Rubika Liyaquat: झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है. लगातार प्रदर्शन के बीच हेमंत सोरेन सरकार दबाव में दिख रही है. सरकार ने प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल गठित किया है. हालांकि छात्रों की मांग है कि वह सीधे सीएम से ही बात करेंगे. रुबिका लियाकत के साथ देखिए खास रिपोर्ट.. #newskipathshala #rubikaliyaquat #jharkhand #jharkhandnews #hindinews #timesnownavbharat You can Search us on YouTube by- NBT, NBT TV Live, Navbharat Times, Times Now, TNN, TNNB, Navbharat TV, Hindi News, Latest news and @timesnownavbharat About Channel: Times Now Navbharat देश का No.1 Hindi news है। यह चैनल भारत और दुनिया से जुड़ी हर Latest News और Breaking News , राजनीति, मनोरंजन और खेल से जुड़े समाचार आपके लिए लेकर आता है। इसलिए सब्सक्राइब करें और बने रहें टाइम्स नाउ नवभारत के साथ Times Now Navbharat is India's fastest growing Hindi News Channel with 24 hour coverage. Get Breaking news, Latest news, Politics news, Entertainment news and Sports news from India & World on Times Now Navbharat. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Watch Live TV : https://www.timesnowhindi.com/live-tv Subscribe to our other network channels: Times Now: https://www.youtube.com/TimesNow Zoom: https://www.youtube.com/zoomtv ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- You can also visit our website at: https://www.timesnowhindi.com Download our App for Breaking News: https://tinyurl.com/bde8rv84 Like us on Facebook: https://www.facebook.com/Timesnownavbharat Follow us on Twitter: https://twitter.com/TNNavbharat Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/timesnownavbharat
RBI ने जारी किए लोन रिकवरी के लिए नए नियम, 1 जनवरी 2027 से होंगे लागू, जानें डिटेल
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने गुरुवार को लोन वसूली के लिए नए नियम जारी किए हैं। यह कदम उधारकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। दिशा निर्देशों में रेगुलेटेड एंटिटीज के लिए लोन की वसूली और रिकवरी एजेंट को काम पर रखने से जुड़े व्यवहार, ट्रेनिंग, आचार संहिता वगैरह जैसे पहलुओं को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा उधार लेने वाले फाइनेंस के लिए की एक मोबाइल डिवाइस में लोन की बकाया राशि की वसूली के लिए भी संशोधित नियम शामिल किए गए हैं।
आरबीआई ने 20 मई को “लोन की वसूली और रिकवरी एजेंटों को काम पर रखने के मामले में रेगुलेटेड संस्थाओं के कामकाज” पर संशोधित ड्राफ्ट निर्देश जारी किए गए थे। जिस पर हितधारकों का फीडबैक भी मांगा गया था। फ़ीडबैक की समीक्षा करने के बाद जरूरी बदलावों के साथ इन नियमों को 1 जनवरी 2027 से लागू करने का फैसला लिया गया है।
मोबाइल और लैपटॉप लोन रिकवरी से जुड़े नए नियम
आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि बैंक खुद या किसी थर्ड पार्टी सर्विस प्रोवाइडर के साथ मिलकर ऐसा कोई टेक्नोलॉजी आधारित तरीका इस्तेमाल नहीं करेगा, जो किसी मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट डिवाइस के किसी भी फंक्शन को रोकता या बंद करता है। डिवाइस की फाइनेंसिंग से जुड़े लोन का बकाया वसूलने के लिए डिवाइस फंक्शन को रोकने या बंद करने का तरीका तब ही अपना सकते हैं, जब संबंधित मोबाइल डिवाइस को खरीदने के लिए बैंक ने लोन दिया हो। लोन एग्रीमेंट कॉन्ट्रैक्ट में साफ तौर पर ऐसी कार्रवाई की इजाजत होनी चाहिए।
इसके अलावा के उधारकर्ताओं को लोन का बकाया चुकाने के लिए उचित नोटिस दिया गया हो, इसमें डिवाइस के फंक्शन पर सीधे धीरे-धीरे लगाई जाने वाली पाबंदियों की जानकारी भी शामिल होनी चाहिए। ऐसे तरीके का इस्तेमाल बैंक सभी तरीका, जब तक की संबंधित लोन की ड्यू डेट खत्म हुए 30 दिन न हो गए हो और उधारकर्ता ने इस संबंध में नोटिस मिलने के बावजूद कोई बकाया रकम का भुगतान न किया हो।
लोन की ड्यू डेट बीते हुए 60 दिन होने से पहले आउटगोइंग कॉल पर रोक नहीं लगाई जा सकती। बैंक या थर्ड पार्टी सर्विस प्रोवाइडर को अपना टेक्नोलॉजी सिस्टम प्लेटफार्म से सर्टिफिकेशन भी लेना होगा। बैंक और थर्ड पार्टी सर्विस प्रोवाइडर किसी परिस्थिति में लोन रिकवरी या अन्य मकसद के लिए उधारकर्ता के मोबाइल डिवाइस में मौजूद पर्सनल डेटा का एक्सेस भी नहीं कर सकेंगे।
गलत तरीके से मोबाइल डिवाइस पाबंदियों पर बैंक देगा मुआवजा
आरबीआई ने यह स्पष्ट किया है कि उधार लेने वाले से बकाया रकम वसूलने के बाद में मोबाइल डिवाइस की सुविधाओं पर पाबंदियों को हटाने में गलत तरीके से देरी या रोक लगाई जाती है और इसमें बैंक जिम्मेदार पाया जाता है। तो बैंक को उधार लेने वालों को 250 रुपये प्रति घंटे की दर से मुआवजा देना होगा। यह मुआवजा तब तक दिया जाएगा, जब तक की गलत ठीक नहीं हो जाती। हालांकि बैंक द्वारा दिया जाने वाला कुल मुआवजा लोन की रकम से ज्यादा नहीं होगा।
इन नियमों को भी जानें
अब सभी बैंकों को लोन रिकवरी पॉलिसी बनानी होगी। वहीं रिकवरी एजेंसीज के लिए ड्यू डिलिजेंस अनिवार्य किया गया है। लोन रिकवरी एजेंट के लिए नियम सख्त कर दिए गए हैं। उधार लेने वालों परेशान करना, डराना-धमकाना, अभद्र भाषा का इस्तेमाल और सोशल मीडिया पर तस्वीर मना होगा। कॉल करने का समय पर निर्धारित किया गया है। लोन रिकवरी एजेंट्स सुबह 8:00 बजे से लेकर शाम 7:00 के बीच की संपर्क कर सकते हैं।
अगर कोई रिकवरी एजेंट नियमों का उल्लंघन करता है, तो उधार लेने वाले पहले बैंक के नोडल अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। अगर मामला हल नहीं होता, तो आरबीआई इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
आरबीआई ने ऋण वसूली और वसूली एजेंटों के नियोजन में विनियमित संस्थाओं का आचरण पर संशोधन निदेश जारी किए
RBI Issues Amendment Directions on ‘Conduct of Regulated Entities in Recovery of Loans and Engagement of Recovery Agents’https://t.co/eFPDP4Xhrk— ReserveBankOfIndia (@RBI) August 6, 2026
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