दीवाली से पहले Delhi का AQI पहुंचा 369, रविवार को और गंभीर स्तर पर जाने की आशंका
दिवाली की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय राजधानी में स्मॉग की घनी परत छा जाने से दृश्यता (visibility) कम हो गई और शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 369 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' (very poor) श्रेणी में आता है। रविवार को वायु गुणवत्ता के और गिरकर 'गंभीर' (severe) श्रेणी में पहुंचने की आशंका है, क्योंकि त्योहारों के जश्न, वाहनों से निकलने वाले धुएं और पराली जलाने के पीक सीजन के कारण प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है।
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शनिवार को डेटा दर्ज करने वाले 59 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 16 ने 'गंभीर' वायु गुणवत्ता दर्ज की, जबकि 29 स्टेशन 'बहुत खराब' श्रेणी में रहे। IIT दिल्ली के पास सबसे अधिक 452 AQI दर्ज किया गया। शहर का औसत AQI शुक्रवार के 382 से थोड़ा सुधरकर शनिवार को 369 हो गया, लेकिन यह अभी भी 'गंभीर' श्रेणी की 401 की सीमा के काफी करीब है। कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI का स्तर पहले ही 400 के पार पहुंच चुका था। दिल्ली के लिए 'एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम' (EWS) के अनुसार, 8 और 9 नवंबर को वायु गुणवत्ता के 'गंभीर' श्रेणी में बने रहने की संभावना है। अगले छह दिनों के पूर्वानुमान से पता चलता है कि प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' और 'बहुत खराब' श्रेणियों के बीच घटता-बढ़ता रहेगा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 0 से 50 के बीच का AQI 'अच्छा', 51 से 100 'संतोषजनक', 101 से 200 'मध्यम', 201 से 300 'खराब', 301 से 400 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच का AQI 'गंभीर' श्रेणी में आता है। मौसम और वायु गुणवत्ता विशेषज्ञों का मानना है कि हालात बिगड़ने के पीछे प्रतिकूल मौसमी स्थितियां, दिवाली से जुड़े जश्न, वाहनों से निकलने वाला धुआं और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने का चरम समय मुख्य कारण हैं।
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हवा की धीमी गति और खराब वेंटिलेशन के कारण प्रदूषक तत्व आसानी से फैल नहीं पा रहे हैं। EWS के अनुसार, 6,000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड से कम वेंटिलेशन इंडेक्स और 10 किमी प्रति घंटे से कम औसत हवा की गति, प्रदूषकों को फैलने से रोकने के लिए अनुकूल नहीं है। शनिवार को दिल्ली में PM10 सबसे प्रमुख प्रदूषक तत्व रहा। दिल्ली के लिए 'डिसीजन सपोर्ट सिस्टम' (DSS) के अनुसार, शहर के प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान रहा, जो कुल प्रदूषण का 21.4 प्रतिशत है। पराली जलाने का योगदान 1.7 प्रतिशत रहा, जिसके रविवार को बढ़कर 5.4 प्रतिशत होने का अनुमान है।
Antonio Tajani का डेटा Dark Web पर लीक, इटली की पीएम ने रूसी हैकरों पर लगाया आरोप
मिलान, सात नवंबर इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने शनिवार को कहा कि उनका निजी डेटा ‘डार्क वेब’ पर लीक हो गया है और उन्हें “डराया-धमकाया जा रहा है तथा धमकियां दी जा रही हैं’’। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस घटना के लिए रूस समर्थक हैकरों को जिम्मेदार ठहराया है। तजानी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह घोषणा ऐसे समय में की, जब पूरे यूरोप में बम हमले की फर्जी धमकी मिली (जिसके कारण कई उड़ानों के मार्ग बदलने पड़े), प्रसारकों के लिए सुरक्षा संबंधी खतरे सामने आए और सुपरमार्केट की रेफ्रीजरेटर प्रणाली पर हमले और ड्रोन घुसपैठ जैसी घटनाएं हुईं।
तजानी ने कहा, “साइबर अपराधी ‘डार्क वेब’ पर कई दिनों से मेरा निजी डेटा प्रसारित कर रहे हैं और अन्य जानकारियां मांग रहे हैं। इससे मुझे और मेरे परिवार को नये खतरों और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।” उन्होंने कहा, “ये अपराधी मेरे और मेरे करीबियों के बारे में अन्य जानकारियां पाने के लिए पैसे देने को भी तैयार हैं।” मेलोनी ने “रूस-समर्थक हैकरों की गतिविधियों के खुलासे और ‘डार्क वेब’ पर तजानी के व्यक्तिगत डेटा के प्रसारित होने की बात सामने आने” के बाद उनके प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने सरकारी अधिकारियों के बारे में गोपनीय जानकारी बेचने की कोशिशों को “गंभीर चिंता का विषय” बताया, जिस पर “पूरी दृढ़ता के साथ ध्यान दिया जाना चाहिए।” हालांकि, तजानी ने यह नहीं बताया कि किस तरह की जानकारी साझा की गई थी और इसके पीछे कौन था, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि साइबर खतरा अब भी बना हुआ है तथा इटली यूक्रेन का समर्थन जारी रखेगा।
उन्होंने कहा, “मैं किसी भी धमकी से नहीं डरूंगा। मैं अपने मंत्रालय और इटली की रक्षा के लिए काम करना जारी रखूंगा। हम मिलकर अपनी सुरक्षा के लिए आपसी संबंधों और सहयोग को और मजबूत करेंगे।”
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