South Africa में भारतीय समुदाय के पहले TV शो के निर्माता Ramparsad Gopaldial का निधन
(फाकिर हसन) जोहानिसबर्ग, सात नवंबर दक्षिण अफ्रीका में स्थानीय भारतीय समुदाय के लिए टेलीविजन कार्यक्रमों और रेडियो रिकॉर्डिंग की शुरुआत करने वाले भारतीय मूल के जाने-माने मीडियाकर्मी रामप्रकाश गोपीदयाल का बीमारी के कारण निधन हो गया। गोपीदयाल का शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया गया और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। ‘रामू’ के नाम से लोकप्रिय गोपीदयाल अंतर्मुखी स्वभाव के थे और कैमरे के सामने आने से कतराते थे।
इसके बावजूद उन्होंने रंगभेद के दौर में दक्षिण अफ्रीका के सरकारी प्रसारक ‘साउथ अफ्रीकन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन’ (एसएबीसी) पर भारतीय समुदाय के लिए पहला टेलीविजन कार्यक्रम ‘इंप्रेशंस’ शुरू किया था। गोपीदयाल 1980 में भारतीय मूल के पहले तकनीशियन के रूप में एसएबीसी से जुड़े थे। रंगभेद की व्यवस्था कमजोर पड़ने के बीच एसएबीसी ने 1986 में भारतीय समुदाय के लिए साप्ताहिक टेलीविजन पत्रिका कार्यक्रम ‘इंप्रेशंस’ शुरू किया।
कार्यक्रम के कार्यकारी निर्माता के रूप में गोपीदयाल ने इसे बेहद सफल बनाया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल की युवतियों को टेलीविजन कलाकार बनने और घर-घर में पहचान बनाने का पहली बार अवसर दिया। गिटार बजाने के शौकीन गोपीदयाल ने भारतीय समुदाय के लिए एसएबीसी के रेडियो स्टेशन ‘रेडियो लोटस’ में ‘कमल संगीत’ नामक स्थायी संगीत समूह की स्थापना में भी अहम भूमिका निभाई।
गोपीदयाल ने एसएबीसी में निर्माता के रूप में अपनी भूमिका का इस्तेमाल ‘कमल संगीत’ को टेलीविजन तक पहुंचाने के लिए भी किया। उन्होंने इस संगीत समूह को ‘इंप्रेशंस’ और विशेष प्रसारण कार्यक्रमों में जगह दी। इससे समूह की पहुंच क्षेत्रीय रेडियो श्रोताओं से बढ़कर देशभर के टेलीविजन दर्शकों तक हो गई।
इस कार्यक्रम ने भारतीय मूल के स्थानीय संगीतकारों, कलाकारों और सांस्कृतिक हस्तियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। उस दौर में दक्षिण अफ्रीका के मीडिया में भारतीय समुदाय को बहुत कम प्रतिनिधित्व मिलता था। एसएबीसी छोड़ने के बाद गोपीदयाल ने मोबाइल फोन के कारोबार में कदम रखा और उस क्षेत्र में भी एक सफल व्यवसाय खड़ा किया।
उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में हिंदी भाषी समुदाय के लिए शुरू किए गए पहले विशेष रेडियो स्टेशन ‘हिंदवाणी’ के स्टेशन प्रबंधक के रूप में भी कुछ समय तक काम किया।
दिल्ली-NCR में जहरीली हुई हवा, कई इलाकों में AQI 400 पार, GRAP-3 भी बेअसर!
दिवाली से ठीक पहले दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है. राजधानी की हवा लगातार खराब होती जा रही है और कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया है. प्रदूषण पर काबू पाने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू किया गया है, लेकिन इसके बावजूद हवा की गुणवत्ता में खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, 7 नवंबर की सुबह 6 बजे दिल्ली के कई इलाकों में AQI गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया. वहीं, मौसम विभाग और वायु गुणवत्ता से जुड़े पूर्वानुमानों में आने वाले दिनों में प्रदूषण और बढ़ने की आशंका जताई गई है. ऐसे में दिवाली से पहले दिल्ली और आसपास के शहरों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
दिल्ली के इन इलाकों में AQI 400 के पार
राजधानी में सबसे खराब हवा IIT दिल्ली के आसपास दर्ज की गई, जहां AQI 442 तक पहुंच गया. इसके अलावा पंजाबी बाग में 433, मुंडका में 421, रोहिणी में 418 और आरके पुरम में 417 दर्ज किया गया. सोनिया विहार में AQI 414, नजफगढ़ में 413, बवाना और द्वारका में 411 रहा. वहीं, नरेला में 409, पटपड़गंज में 403 और अलीपुर में 402 दर्ज किया गया। इन सभी इलाकों में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रही. दूसरी ओर, चांदनी चौक में AQI 397, मंदिर मार्ग में 397, जेएनयू में 393 और बुराड़ी में 392 दर्ज किया गया. लोधी रोड और आनंद विहार में भी हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी हुई है.
नोएडा में भी बिगड़े हालात, सेक्टर-62 में AQI 415
दिल्ली के साथ नोएडा में भी प्रदूषण का असर देखने को मिल रहा है. यहां सेक्टर-62 स्थित IITM स्टेशन पर AQI 415 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है. वहीं, सेक्टर-116 में AQI 287, सेक्टर-125 में 281, सेक्टर-39 में 267 और सेक्टर-110 में 257 रहा. सेक्टर-150 में AQI 230 दर्ज किया गया. इससे साफ है कि नोएडा के अलग-अलग इलाकों में हवा की गुणवत्ता में अंतर बना हुआ है.
GRAP-3 लागू, फिर भी प्रदूषण से राहत नहीं
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 6 नवंबर को तत्काल प्रभाव से GRAP-3 की पाबंदियां लागू कर दी थीं. इससे पहले 6 नवंबर को दिल्ली का औसत दैनिक AQI 382 दर्ज किया गया था, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है. मौसम विभाग और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान में आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता और बिगड़ने की आशंका जताई गई थी. इसी को देखते हुए एहतियात के तौर पर तीसरे चरण के प्रतिबंध लागू किए गए हैं. GRAP-1 और GRAP-2 के तहत पहले से लागू उपाय भी जारी रहेंगे.
निर्माण कार्यों और वाहनों पर बढ़ेंगी पाबंदियां
GRAP-3 लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में धूल और प्रदूषण फैलाने वाली कई निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाई गई है. इनमें खुदाई, तोड़फोड़, ड्रिलिंग, सड़क निर्माण और अन्य धूल पैदा करने वाले काम शामिल हैं. इसके अलावा दिल्ली और एनसीआर के कुछ प्रमुख जिलों में पुराने वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लागू होंगे. BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल या इससे पुराने चार पहिया वाहनों को दिल्ली के साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में चलाने की अनुमति नहीं होगी. दिव्यांगजनों के निजी इस्तेमाल वाले विशेष वाहनों को छूट दी गई है. निर्माण सामग्री की ढुलाई और धूल फैलाने वाली गतिविधियों पर भी सख्ती की जाएगी. संबंधित एजेंसियों को नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं.
स्कूलों और दफ्तरों के लिए भी जारी किए गए निर्देश
प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली और एनसीआर के कुछ जिलों में पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों को हाइब्रिड मोड में पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए हैं. इसके तहत जहां ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है, वहां विद्यार्थी स्कूल जाने या ऑनलाइन पढ़ने का विकल्प चुन सकते हैं. इसके अलावा राज्य सरकारों और दिल्ली प्रशासन को सरकारी, नगर निगम और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम कराने और बाकी कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देने पर फैसला लेने को कहा गया है.
आने वाले दिनों में और खराब हो सकती है हवा
वायु गुणवत्ता से जुड़े पूर्वानुमानों के अनुसार, 7 से 9 नवंबर के बीच दिल्ली की हवा गंभीर श्रेणी में रह सकती है. दिवाली के आसपास पटाखों से होने वाले उत्सर्जन के कारण प्रदूषण की स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है. फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में लागू GRAP-3 के तहत अलग-अलग प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है. अब आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों का असर हवा की गुणवत्ता पर कितना पड़ता है, इस पर नजर रहेगी.
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