दिवाली से पहले छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों की हुई मौज, साय सरकार ने किया बड़ा ऐलान, जानकर झूम उठेंगे
CG Government Employees Good News: छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंजूरी दे दी है। इससे गंभीर बीमारी और इमरजेंसी में इलाज के दौरान कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
ईरान पर अमावस्या की रात को होगा बड़ा हमला? अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार, तेहरान ने परमाणु साइट पर बांटी आयोडीन की गोलियां
US Iran War: ईरान पर एक बार फिर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका जुट गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक कर सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने के विकल्पों पर चर्चा की है. 9 नवंबर को हमला करने के लिए अनुकूल माना गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने भी हमले की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं और अब उसे सिर्फ व्हाइट हाउस से हरी झंडी मिलने का इंतजार है. वहीं ईरान ने तैयारी के रूप में परमाणु साइट पर आयोडीन की गोलियां बांटी हैं.
ट्रंप ने गुरुवार को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक की. इसमें ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की संभावना पर चर्चा हुई. फॉक्स न्यूज के मुताबिक, इस मुद्दे पर बुधवार और गुरुवार को व्हाइट हाउस में अहम बैठकें हुईं. हालांकि, सैन्य कार्रवाई को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. लेकिन 9 नवंबर की तारीख को बेहद अनुकूल माना जा रहा है.
इसके अलावा ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों के आसपास रहने वाले लोगों को आयोडीन की गोलियां बांटना शुरू कर दिया है. यह कदम अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य हमले और परमाणु ठिकानों पर हमले की आशंका के बीच उठाया गया है. अल जजीरा के मुताबिक, द टाइम्स ऑफ लंदन ने ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी है.
Evening update, Fri 6 Nov. I think the strike window opens tonight. Fox reports Trump's national security team discussed the 9 Nov new moon as cover for resuming strikes, the same dark stretch I flagged on Thursday. The only brake I can see is Doha, and it's a real one.… pic.twitter.com/5cGNMpG6dz
— OSINT Middle East Observer (@osintmeobserver) November 6, 2026
9 नवंबर की क्यों?
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 9 नवंबर को मिडिल ईस्ट में अमावस्या होगी. इस दौरान चांद की रोशनी बहुत कम होगी. ऐसे अंधेरे को सैन्य अभियानों के लिए अनुकूल माना जाता है. इससे पहले गुरुवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका जल्द ही यह फैसला करेगा कि ईरान के खिलाफ युद्ध दोबारा शुरू किया जाए या नहीं. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या ईरान के परमाणु कार्यक्रम को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए और हमले किए जाने चाहिए, ताकि वह दोबारा ऐसा कार्यक्रम शुरू न कर सके.
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परमाणु साइट पर चल रहा अभियान
ईरानी अधिकारी ने आयोडीन की गोलियां बांटे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि हां, हम आयोडीन बांट रहे हैं. ट्रंप पर अब भरोसा नहीं किया जा सकता. वह ऐसा कर सकते हैं. अधिकारी के मुताबिक, ईरानी प्रशासन ने बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए परमाणु ठिकानों के आसपास रहने वाले लोगों को ये गोलियां बांटी हैं. यह अभियान परमाणु केंद्रों से 2 से 3 किलोमीटर के दायरे में चलाया जा रहा है.
क्यों बांटी गईं आयोडीन की गोलियां?
दरअसल, आयोडीन की गोलियों का इस्तेमाल परमाणु विकिरण से थायरॉइड ग्रंथि को बचाने के लिए किया जाता है. परमाणु दुर्घटना या रेडियोधर्मी आयोडीन के संपर्क में आने की आशंका होने पर इन गोलियों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
क्या बोले राष्ट्रपति?
ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि मैं बाकी देश को बर्बाद नहीं करना चाहूंगा, अगर इससे बचना संभव हो. लेकिन शायद मुझे ऐसा करना पड़े. आपको जल्द ही पता चल जाएगा.
हमला बस एक आदेश की दूरी पर
एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से आई रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ईरान में बड़े सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है. हालांकि, उसे अभी तक वॉशिंगटन से आधिकारिक आदेश नहीं मिला है.
इराक के प्रधानमंत्री ने की ये अपील
गुरुवार को इराक के प्रधानमंत्री अली फलेह अल-जैदी ने फोन पर ट्रंप से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि इराक की जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमले करने के लिए नहीं होना चाहिए. इराक के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान करने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी देश की जमीन का इस्तेमाल उसके पड़ोसी देशों पर हमला करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए.
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