'फिराक' के बाद दोबारा फिल्म नहीं बनाने की कसम खा चुकी थीं नंदिता दास, मंटो की कहानी ने फिर जगाया निर्देशन का जुनून
मुंबई, 6 नवंबर (आईएएनएस)। अभिनेत्री नंदिता दास ने अपने करियर में हमेशा ऐसे किरदार और कहानियां चुनी हैं, जो समाज के कई जरूरी मुद्दों पर भी बात करती हैं। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ कई क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों में काम किया और अपनी संजीदा अदाकारी से अलग पहचान बनाई। हालांकि, नंदिता की दिलचस्पी सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं थी। उन्होंने निर्देशन की दुनिया में कदम रखा और फिल्म 'फिराक' बनाई, लेकिन पहली ही फिल्म के बाद उनका अनुभव इतना निराशाजनक रहा कि उन्होंने दोबारा फिल्म न बनाने की कसम तक खा ली थी।
'फिराक' के बाद दोबारा फिल्म नहीं बनाने की कसम खा चुकी थीं नंदिता दास, मंटो की कहानी ने फिर जगाया निर्देशन का जुनून
'फिराक' के बाद दोबारा फिल्म नहीं बनाने की कसम खा चुकी थीं नंदिता दास, मंटो की कहानी ने फिर जगाया निर्देशन का जुनून
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